Rapper Honey Singh: दिल्ली हाई कोर्ट में मशहूर रैपर यो यो हनी सिंह ने स्पष्ट किया है कि साल 2006 का विवादित और “अश्लील” गाना ‘वॉल्यूम 1’ (Vol. 1) नहीं गाया है।
मामले का सारांश (Quick Highlights)
| विवरण | तथ्य |
| विवादास्पद गाना | वॉल्यूम 1 (Vol. 1) – 2006। |
| प्रतिवादी | यो यो हनी सिंह और बादशाह। |
| याचिकाकर्ता | हिंदू शक्ति दल। |
| हनी सिंह का स्टैंड | गाना उन्होंने नहीं गाया, यह उनके नाम पर कलंक है। |
| मुख्य मांग | यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे प्लेटफॉर्म से गाना हटाना। |
वर्ष 2006 के माफिया मुंडीर के विवादित गाने का मामला
जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ‘हिंदू शक्ति दल’ द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इस गाने को सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की गई है। मशहूर रैपर यो यो हनी सिंह ने अदालत से कहा कि इस गाने के साथ उनका नाम जुड़ना उनके लिए एक “कलंक” (Stigma) जैसा है और वह इसे हटाने में कोर्ट की पूरी मदद करना चाहते हैं। यह गाना कथित तौर पर 2006 में माफिया मुंडीर (Mafia Mundeer) के तहत हनी सिंह और बादशाह द्वारा जारी किया गया था। लंबे समय से यह गाना सोशल मीडिया पर चर्चा और विवाद का विषय रहा है।
कोर्ट में हनी सिंह का पक्ष
- हनी सिंह के वरिष्ठ वकील ने अदालत के सामने दलीलें पेश कीं।
- गायन से इनकार: उन्होंने आधिकारिक तौर पर कहा कि यह गाना हनी सिंह ने नहीं गाया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से भी कई बार इस बात का खंडन किया है।
- दावे का विरोध: याचिकाकर्ता के उस दावे को भी गलत बताया गया जिसमें कहा गया था कि हनी सिंह ने 1 मार्च, 2025 को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में इस गाने की कुछ पंक्तियां गाई थीं। वकील ने कहा, “ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। अगर 50,000 लोगों के सामने ऐसा कुछ हुआ होता, तो उसका कम से कम एक वीडियो क्लिप तो मौजूद होता।”
- अन्य कानूनी मामले: कोर्ट को बताया गया कि इसी गाने के संबंध में नागपुर की एक अदालत में भी कार्यवाही चल रही है, जहाँ हनी सिंह ने यही स्टैंड लिया है।
दिल्ली हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
- इससे पहले 2 अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने इस गाने के बोल पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
- सभ्यता के मानकों का उल्लंघन: अदालत ने गाने को “अश्लील” और “अपमानजनक” बताते हुए कहा था कि यह नागरिकता के न्यूनतम मानकों की भी पूरी तरह अनदेखी करता है।
- सामग्री हटाने का निर्देश: कोर्ट ने इस कंटेंट को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया था और दोनों रैपर्स (हनी सिंह और बादशाह) को नोटिस जारी किया था।
भविष्य की कार्यवाही
- अदालत ने इस मामले को “गंभीर” मानते हुए कई निर्देश दिए।
- शपथ पत्र (Affidavit): हनी सिंह को अपना पक्ष रखते हुए एक औपचारिक हलफनामा दाखिल करने को कहा गया है।
- बादशाह को नोटिस: याचिकाकर्ता को रैपर बादशाह को नोटिस तामील (Service of Notice) करने का हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया गया है।
डिजिटल युग में जिम्मेदारी
यह मामला न केवल अश्लीलता और सेंसरशिप से जुड़ा है, बल्कि सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी और उनके नाम के दुरुपयोग के मुद्दे को भी उठाता है। हनी सिंह का यह रुख उनके करियर की छवि को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

