Tuesday, August 18, 2026
HomeLatest NewsBLACK MAGIC-LAW: काला जादू और तंत्र-मंत्र पर कानून नहीं बनाएगी केरल सरकार…हाईकोर्ट...

BLACK MAGIC-LAW: काला जादू और तंत्र-मंत्र पर कानून नहीं बनाएगी केरल सरकार…हाईकोर्ट में कही बात

BLACK MAGIC-LAW: केरल सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि वह काला जादू, तंत्र-मंत्र और अमानवीय प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए कोई कानून नहीं बनाएगी।

राज्य कैबिनेट के नीति निर्णय के तहत फैसला

केरल हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस नितिन जामदार की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच के सामने राज्य सरकार ने एक हलफनामा दायर कर यह जानकारी दी। इसमें बताया गया कि ‘केरल इनह्यूमन ईविल प्रैक्टिसेज, सोर्सरी एंड ब्लैक मैजिक बिल-2022’ का ड्राफ्ट कानून सुधार आयोग की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया था। सरकार ने यह फैसला राज्य कैबिनेट के नीति निर्णय के तहत लिया है। हालांकि, 5 जुलाई 2023 को राज्य मंत्रिमंडल ने विचार-विमर्श के बाद यह तय किया कि इस पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा।

कोर्ट ने पूछा- कानून नहीं तो फिर क्या कदम उठाएंगे?

कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि जब कानून लाने का इरादा नहीं है, तो फिर काला जादू और तंत्र-मंत्र जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि केटी थॉमस आयोग की रिपोर्ट में इस तरह की प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

तीन हफ्ते में विस्तृत हलफनामा मांगा

कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्तों के भीतर इस मुद्दे पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करे और बताए कि बिना कानून के वह इन प्रथाओं को कैसे रोकेगी।

सरकार ने कहा- कोर्ट कानून बनाने का निर्देश नहीं दे सकता

सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि कोर्ट जनहित याचिका में उठाए गए सामाजिक मुद्दों को गंभीरता से ले सकता है, लेकिन वह विधानसभा को किसी विषय पर कानून बनाने का निर्देश नहीं दे सकता।

पृष्ठभूमि: मानव बलि के बाद उठी थी कानून की मांग

यह जनहित याचिका 2022 में केरल युक्तिवादी संघ (Yukthivadi Sangham) ने दायर की थी। यह याचिका पथानामथिट्टा जिले में दो महिलाओं की तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर बलि दिए जाने की घटना के बाद दाखिल की गई थी। याचिका में कहा गया था कि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों ने काला जादू और तंत्र-मंत्र पर रोक लगाने के लिए कानून बनाए हैं। केरल में भी ऐसा कानून जरूरी है।

फिल्मों और सीरियल्स पर भी सवाल

युक्तिवादी संघ ने यह भी मांग की है कि बड़े पर्दे, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, टीवी चैनलों और यूट्यूब पर दिखाए जा रहे ऐसे कंटेंट, जो अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र को बढ़ावा देते हैं, उन्हें गैरकानूनी घोषित किया जाए। हालांकि, इसमें उन फिल्मों और कार्यक्रमों को छूट देने की बात कही गई है, जिनका उद्देश्य सकारात्मक हो और जिनमें कलात्मक मूल्य हों।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
overcast clouds
27 ° C
27 °
27 °
94 %
2.1kmh
100 %
Mon
27 °
Tue
30 °
Wed
31 °
Thu
35 °
Fri
35 °