HomeLaw Firms & Assoc.Women lawyers' Complain: महिला वकीलों की POSH शिकायतों पर SC सख्त…केंद्र और...

Women lawyers’ Complain: महिला वकीलों की POSH शिकायतों पर SC सख्त…केंद्र और BCI से जवाब मांगा

Women lawyers’ Complain: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती

मामला बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने से जुड़ा है, जिसमें कहा गया था कि महिला वकीलों द्वारा अन्य वकीलों के खिलाफ की गई POSH शिकायतें बार काउंसिल्स के दायरे में नहीं आतीं और उन पर POSH एक्ट लागू नहीं होगा। जस्टिस बी. वी. नागरथाना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने नोटिस जारी करते हुए इस याचिका को एक अन्य समान मामले के साथ टैग कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट वीमेन लॉयर्स एसोसिएशन की याचिका

यह अपील सुप्रीम कोर्ट वीमेन लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से दायर की गई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता महालक्ष्मी पवनी और अधिवक्ता स्नेहा कालिता ने एसोसिएशन की ओर से पक्ष रखा। याचिका में कहा गया है कि हाई कोर्ट के 7 जुलाई के फैसले ने महिला वकीलों को “निर्दोष और निरुपाय” स्थिति में छोड़ दिया है, क्योंकि POSH एक्ट—यानी कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम कानून—को बार काउंसिल्स पर लागू नहीं माना गया है।

Advocates Act, 1961 की धारा 35 पर चर्चा

हाई कोर्ट ने कहा था कि महिला वकील इस तरह की शिकायतें Advocates Act, 1961 की धारा 35 के तहत बार काउंसिल्स के पास ले जा सकती हैं। लेकिन याचिकाकर्ताओं ने इसे चुनौती देते हुए दलील दी कि धारा 35 केवल “पेशेवर कदाचार” (professional misconduct) से संबंधित है, जो यौन उत्पीड़न से बिल्कुल अलग श्रेणी का मामला है। सुप्रीम कोर्ट अब केंद्र और BCI की प्रतिक्रिया के बाद मामले की आगे सुनवाई करेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
28 ° C
28 °
28 °
42 %
2.6kmh
20 %
Mon
28 °
Tue
36 °
Wed
37 °
Thu
39 °
Fri
37 °

Recent Comments