Delhi Judge’s Suicide: दिल्ली न्यायिक सेवा के एक युवा और होनहार अधिकारी, अमन कुमार शर्मा (30) ने आत्महत्या कर विधिक जगत को स्तब्ध कर दिया है।
सफदरजंग एन्क्लेव स्थित उनके निवास पर शनिवार को हुई इस दुखद घटना के संबंध में पुलिस अब तक की जांच और तथ्यों का विश्लेषण कर रही है। वर्ष 2021 बैच के दिल्ली न्यायिक सेवा (DJS) अधिकारी अमन कुमार शर्मा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को 2 अप्रैल 2026 को इस घटना की सूचना उनके जीजा (Brother-in-law) शिवम ने दी।
कौन थे अमन कुमार शर्मा? (A Brilliant Career Cut Short)
- शिक्षा: उन्होंने पुणे के प्रसिद्ध सिम्बायोसिस लॉ स्कूल (SLS) से 2018 में BA LLB की डिग्री प्राप्त की थी।
- करियर: उन्होंने 19 जून, 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा जॉइन की थी। अपने संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली कार्यकाल में उन्होंने सिविल जज और मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (JMFC) के रूप में काम किया।
- वर्तमान पद: 18 अक्टूबर, 2025 से वे उत्तर-पूर्वी जिले, कड़कड़डूमा कोर्ट में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) के पूर्णकालिक सचिव के रूप में कार्यरत थे।
अब तक की पुलिस जांच (The Investigation Status)
- प्रारंभिक रिपोर्ट: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है और अब तक किसी बाहरी हस्तक्षेप (Foul play) का संकेत नहीं मिला है।
- इन्क्वेस्ट प्रोसीडिंग्स (Inquest Proceedings): पुलिस ने BNSS की धारा 194 (जो पूर्व में CrPC 174 थी) के तहत जांच शुरू कर दी है। इसमें मजिस्ट्रेट की देखरेख में जांच की संभावना रहती है क्योंकि मृतक स्वयं एक न्यायिक अधिकारी थे।
- बयान दर्ज करना: पुलिस मृतक के परिजनों, सहकर्मियों और घटना की सूचना देने वाले शिवम के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटना के पीछे के संभावित कारणों (तनाव, व्यक्तिगत या पेशेवर मुद्दे) को समझा जा सके।
कानूनी और प्रशासनिक प्रभाव
- न्यायपालिका में शोक: अमन कुमार शर्मा एक बेहद सक्रिय अधिकारी थे जो न केवल अदालती कामकाज बल्कि DLSA के माध्यम से गरीबों को कानूनी सहायता दिलाने के कार्यों में भी अग्रणी रहते थे।
- विशेष पोस्टमार्टम: प्रोटोकॉल के अनुसार, ऐसे हाई-प्रोफाइल मामलों में डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाता है ताकि किसी भी संदेह की गुंजाइश न रहे।
घटनाक्रम का सारांश
| विवरण | तथ्य |
| मृतक का नाम | अमन कुमार शर्मा (उम्र 30 वर्ष) |
| पद | सचिव, DLSA (उत्तर-पूर्व जिला), कड़कड़डूमा कोर्ट |
| निवास | ग्रीन पार्क मेन, सफदरजंग एन्क्लेव, दिल्ली |
| पुलिस स्टेशन | सफदरजंग एन्क्लेव |
| वर्तमान स्थिति | पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, जांच जारी |
एक मानवीय अपील
न्यायिक सेवाओं में काम का दबाव अक्सर बहुत अधिक होता है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि मानसिक स्वास्थ्य और समय पर सहायता प्राप्त करना कितना अनिवार्य है।

