Tuesday, August 4, 2026
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Digital Arrest Crackdown: सावधान! कंबोडिया वाला ‘ठग’ सक्रिय है, 9,400 वॉट्सऐप अकाउंट्स क्यों हुए बैन? जानें वजह

Digital Arrest Crackdown:डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) घोटालों के खिलाफ चल रही सुप्रीम कोर्ट की Suo Motu (स्वतः संज्ञान) कार्यवाही में एक बड़ा खुलासा हुआ है।

सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने अदालत को बताया कि WhatsApp ने साल 2026 के पहले 12 हफ्तों में इस तरह के घोटालों में शामिल 9,400 से अधिक खातों को प्रतिबंधित कर दिया है। यह मामला तब शुरू हुआ जब सितंबर 2025 में एक बुजुर्ग दंपत्ति से ‘सीबीआई अधिकारी’ बनकर ₹1.5 करोड़ की ठगी की गई थी। अब व्हाट्सएप और सरकारी एजेंसियों ने मिलकर इन नेटवर्कों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है।

व्हाट्सएप की जांच के बड़े खुलासे (Key Insights from WhatsApp)

  • अटॉर्नी जनरल ने बताया कि व्हाट्सएप की जांच में ठगी के तरीकों का पता चला है।
  • कंबोडिया कनेक्शन: भारतीय यूजर्स को निशाना बनाने वाले अधिकांश खाते दक्षिण-पूर्व एशिया (विशेषकर कंबोडिया) के स्कैम सेंटरों से संचालित हो रहे थे।
  • फर्जी पहचान: जालसाज आधिकारिक प्रभाव डालने के लिए “Delhi Police”, “CBI”, “Mumbai HQ” और “ATS Department” जैसे नाम और लोगो का इस्तेमाल कर रहे थे।
  • टेक्निकल हथियार: व्हाट्सएप ने अब LLM (Large Language Model) और लोगो-मैचिंग सिस्टम तैनात किया है ताकि स्कैम पैटर्न और फर्जी प्रोफाइल फोटो को तुरंत पकड़ा जा सके।

RBI और अन्य एजेंसियों के कड़े कदम

  • अदालत को सूचित किया गया कि ठगी रोकने के लिए बैंकिंग और टेलीकॉम नियमों में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
  • पीड़ितों को मुआवजा (RBI का नया ड्राफ्ट): यदि किसी डिजिटल ट्रांजैक्शन में ₹50,000 तक की ठगी होती है, तो पीड़ित को 85% या अधिकतम ₹25,000 तक का मुआवजा मिल सकता है (यह राहत जीवन में केवल एक बार मिलेगी)।
  • बैंकों को फ्रीजिंग की शक्ति: राजस्व विभाग PMLA की धारा 12AA के तहत नए नियम बना रहा है, जिससे बैंक संदिग्ध लेनदेन को तुरंत फ्रीज कर सकेंगे।
  • सिम कार्ड ब्लॉकिंग: अब संदिग्ध सिम कार्डों को ब्लॉक करने की समयसीमा घटाकर 2-3 घंटे कर दी गई है, क्योंकि अधिकांश ठगी सिम एक्टिवेट होने के शुरुआती घंटों में ही होती है।

‘म्यूल अकाउंट’ का संकट (Mule Accounts Reality)

  • I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) ने एक चौंकाने वाला तथ्य पेश किया।
  • एक दिन की उम्र: साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले 80-82% ‘म्यूल अकाउंट’ (किराये के खाते) एक दिन से भी कम समय के लिए सक्रिय रहते हैं। इसलिए, रियल-टाइम हस्तक्षेप ही एकमात्र समाधान है।
  • मुआवजे में बढ़ोतरी: 1 जुलाई 2026 से, बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजे की सीमा बढ़ाकर ₹3 लाख और परिणामी नुकसान के लिए ₹30 लाख कर देगा।

केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights of 2026 Action)

एजेंसी/संस्थाप्रमुख कार्रवाई/प्रस्ताव
WhatsApp9,400+ अकाउंट बैन; AI आधारित स्कैम डिटेक्शन टूल तैनात।
CBI₹10 करोड़ से अधिक के तीन बड़े डिजिटल अरेस्ट मामलों की जांच शुरू।
RBI₹30 लाख तक के मुआवजे का नया फ्रेमवर्क (जुलाई 2026 से लागू)।
DoTबायोमेट्रिक पहचान प्रणाली (दिसंबर 2026 तक पूर्ण कार्यान्वयन)।
CBI (Delhi Case)एक अकेले व्यक्ति से हुई ₹22.92 करोड़ की ठगी की जांच।

सुरक्षा और सतर्कता ही बचाव है

सुप्रीम कोर्ट की इस निगरानी का उद्देश्य एक ऐसा ‘Pan-India’ तंत्र बनाना है जहाँ टेलीकॉम, बैंक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स मिलकर काम करें। व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया है कि वह केवल शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रहा, बल्कि हर संदिग्ध सिग्नल को पूरे ‘क्रिमिनल नेटवर्क’ को मैप करने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, कंबोडिया जैसे अंतरराष्ट्रीय केंद्रों से चल रहे इन ऑपरेशंस को पूरी तरह खत्म करने के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है।

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