Wednesday, November 4, 2026
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Indian Patent Office: क्या AI प्रणाली पेटेंट कानून के तहत ‘आविष्कारक’ हो सकती है?…DABUS याचिका पर अदालत का यह निर्देश जरूर सभी पढ़िए

Indian Patent Office: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक मामले में भारतीय पेटेंट कार्यालय (Indian Patent Office) से जवाब मांगा है। याचिका में सवाल उठाया गया है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम को भारतीय पेटेंट कानून के तहत ‘आविष्कारक’ (Inventor) के रूप में मान्यता दी जा सकती है?

जस्टिस ज्योति सिंह (Justice Jyoti Singh) की पीठ ने अमेरिकी वैज्ञानिक स्टीफन थेलर (Stephen Thaler) की अपील पर भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय को नोटिस जारी किया। यह भारत में अपनी तरह का पहला पेटेंट मामला है जो AI द्वारा विकसित उत्पाद से जुड़ा है।

क्या है वह आविष्कार जो DABUS ने बनाया?

याचिकाकर्ता के वकील अंकित साहनी ने अदालत को बताया कि यह आविष्कार DABUS (Device for the Autonomous Bootstrapping of Unified Sentience) नाम की AI प्रणाली द्वारा पूरी तरह से स्वायत्त (Autonomously) रूप से तैयार किया गया है।

  • उत्पाद: एक विशेष खाद्य एवं पेय कंटेनर (Food Container)।
  • तकनीकी विशेषता: इसकी बाहरी दीवार में फ्रैक्टल प्रोफाइल (Fractal Profile) है, जिसमें बने गड्ढे और उभार कई कंटेनरों को एक साथ जोड़ने में मदद करते हैं, जबकि लचीली दीवारें उन्हें आसानी से अलग होने की सुविधा देती हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि और पेटेंट कार्यालय का रुख

अप्रैल 2025 में पेटेंट कार्यालय के असिस्टेंट कंट्रोलर ने स्टीफन थेलर के आवेदन को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की गई।

पेटेंट कार्यालय का तर्क (Refusal Grounds)थेलर / याचिकाकर्ता का पक्ष (Thaler’s Defense)
1. AI सच्चा आविष्कारक नहीं: DABUS को “सच्चा और पहला आविष्कारक” (True and First Inventor) नहीं माना जा सकता।प्राकृतिक व्यक्ति अनिवार्य नहीं: पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 2(1)(y) के तहत यह कहीं नहीं लिखा है कि आविष्कारक केवल एक जीवित/प्राकृतिक मनुष्य (Natural Person) ही होना चाहिए।
2. इन्वेंटिव स्टेप की कमी: दावे में कोई नया आविष्कारिक कदम (Inventive Step) नहीं है।तकनीकी नवीनता: फ्रैक्टल स्ट्रक्चर वाला कंटेनर डिजाइन अद्वितीय और उपयोगी है।
3. अधिकार का प्रमाण न होना: थेलर ने आविष्कारक की घोषणा और अधिकार प्रमाण की शर्तें पूरी नहीं कीं।स्वामित्व बनाम नाम: थेलर DABUS के लिए कानूनी दर्जा या मालिकाना हक नहीं मांग रहे हैं; DABUS केवल ‘आविष्कारक’ रहेगा, जबकि पेटेंट का कानूनी स्वामित्व (Owner) थेलर के पास ही रहेगा।

याचिका में दिए गए मुख्य तर्क

  1. गलत घोषणा से बचाव: यदि किसी इंसान को इसका आविष्कारक बताया जाता है, तो यह कानूनन गलत घोषणा (False Declaration) होगी, क्योंकि इसे पूरी तरह AI ने बनाया है।
  2. व्यापारिक रहस्यों का खतरा: यदि AI-जनरेटेड आविष्कारों को पेटेंट सुरक्षा से बाहर रखा गया, तो लोग AI के योगदान को छुपाने लगेंगे या आविष्कारों को ट्रेड सीक्रेट्स (Trade Secrets) के रूप में दबाकर रखेंगे।
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