Thursday, October 15, 2026
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AAWI Women President: 162 साल के इतिहास में पहली बार… एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया ने संविधान में किया संशोधन

प्रमुख विशेषताएं और ऐतिहासिक महत्व

  • अध्यक्ष पद पर आरक्षण: अगले चुनावों से लागू होने वाले इस नियम के तहत, 162 साल में पहली बार कोई महिला वकील AAWI के सर्वोच्च पद की कमान संभालेंगी। यह प्रावधान हर तीन कार्यकाल में से एक बार महिलाओं के लिए लागू होगा।
  • व्यापक लैंगिक प्रतिनिधित्व: केवल अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि समिति की सिफारिशों पर सचिव (Secretary), संयुक्त सचिव (Joint Secretary) और कार्यकारी परिषद के सदस्यों के पदों पर भी महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया है।
  • 2018 की पहल का विस्तार: AAWI ने 2018 में ही उपाध्यक्ष (Vice-President) का पद महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया था, जो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बार एसोसिएशनों में महिला आरक्षण के आदेशों से काफी पहले उठाया गया कदम था।

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित वकील संगठनों में से एक, ‘एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया’ (AAWI) ने अपने 162 वर्षों के इतिहास में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। एसोसिएशन ने अपने संविधान और नियमों में संशोधन करते हुए अध्यक्ष (President) पद को महिला वकीलों के लिए आरक्षित करने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है। इसके साथ ही अगले चुनाव से संगठन की कमान पहली बार किसी महिला अधिवक्ता के हाथों में होगी।

वर्ष 1864 में स्थापित AAWI भारत के सबसे पुराने बार संघों में से एक है। संगठन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, नए नियमों के तहत हर तीन कार्यकालों में से एक कार्यकाल (Once in every three terms) के लिए अध्यक्ष पद महिला सदस्य के लिए अनिवार्य रूप से आरक्षित रहेगा।

ऐतिहासिक सुधार के प्रमुख बिंदु

  • संविधान संशोधन समिति की सिफारिश: AAWI के अध्यक्ष प्रशांत रेलकर की अध्यक्षता वाली संविधान संशोधन समिति ने कार्यकारी नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया था। इस समिति का गठन 9 अगस्त 2026 को आयोजित विशेष आम बैठक (SGM) में किया गया था।
  • अन्य पदों पर भी आरक्षण का विस्तार: समिति ने केवल अध्यक्ष पद ही नहीं, बल्कि सचिव (Secretary), संयुक्त सचिव (Joint Secretary) और कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों (Executive Council Members) के पदों पर भी महिला आरक्षण लागू करने की सिफारिश की है, जिससे संपूर्ण नेतृत्व संरचना में लैंगिक संतुलन सुनिश्चित हो सके।
  • 2018 की पहल का विस्तार: AAWI ने वर्ष 2018 में ही उपाध्यक्ष पद और कार्यकारिणी के दो पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया था। वर्तमान संशोधन उस पहल को शीर्ष पद तक ले जाता है।

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वरिष्ठ अधिवक्ताओं की प्रतिक्रिया

इस ऐतिहासिक निर्णय की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दीपा चव्हाण ने इसे देश के कानूनी इतिहास में एक युगांतरकारी कदम बताया: “AAWI के 162 वर्षों के इतिहास में पहली बार कोई महिला अध्यक्ष संगठन का नेतृत्व करेगी, यह एक ऐतिहासिक मोड़ (Pathbreaking Moment) है। बार में महिला सदस्यों के विषम अनुपात को देखते हुए अध्यक्ष पद को आरक्षित करना लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह महिलाओं के लिए एक मील का पत्थर है। वास्तव में, सुप्रीम कोर्ट द्वारा बार एसोसिएशनों में महिला आरक्षण के आदेश दिए जाने से काफी पहले 2018 में ही AAWI ने उपाध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया था।”

AAWI का आधिकारिक बयान

एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत रेलकर द्वारा जारी बयान में कहा गया: “1864 में स्थापित AAWI ने अपने 162 वर्षों के अस्तित्व में कभी किसी महिला को अध्यक्ष पद पर नहीं देखा। यह निर्णय एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित सुधार है, जो सुनिश्चित करेगा कि हर तीन कार्यकालों में एक बार संगठन का नेतृत्व एक महिला सदस्य करे।”

AAWI Women President: एट ए ग्लान्स (At a Glance of Resolution)

विवरणजानकारी
संबंधित संस्थाएडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (AAWI), बॉम्बे हाईकोर्ट
स्थापना वर्ष1864 (162 वर्ष पुराना बार एसोसिएशन)
वर्तमान अध्यक्षवरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत रिलेकर (Prashant Relekar)
मुख्य संशोधनअध्यक्ष पद हर 3 कार्यकाल में से 1 बार महिला वकीलों के लिए आरक्षित होगा।
अन्य आरक्षित पदउपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और कार्यकारी परिषद (Executive Council)
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