Monday, October 12, 2026
HomeLatest NewsNCLT Order: न्यायाधिकरण सदस्यों के पदों में रिक्तियों के कारण मुंबई बेंच...

NCLT Order: न्यायाधिकरण सदस्यों के पदों में रिक्तियों के कारण मुंबई बेंच के कोर्ट VI का कामकाज 13 अक्टूबर से अस्थायी रूप से निलंबित; प्रशासनिक आदेश जारी

लंबित मामलों का पुनर्वितरण और व्यवस्था

  1. मामलों का वितरण:कोर्ट नंबर 6 में लंबित दिवालियापन और इंसॉल्वेंसी मामले (IBC) अब कोर्ट I, II, III, IV और V के समक्ष सूचीबद्ध किए जाएंगे।
    • वित्तीय लेनदारों (Section 7 IBC): इनके मामलों को सीरियल नंबर के आधार पर 5 समूहों में विभाजित कर शेष अदालतों में बांटा गया है।
    • परिचालन लेनदारों (Section 9 IBC): इनके तहत शुरू की गई प्रक्रियाओं को भी समान रूप से पाँचों अदालतों में स्थानांतरित किया गया है।
  2. अदालती रिकॉर्ड का हस्तांतरण:NCLT ने सभी संबंधित अदालती अधिकारियों (Court Officers) को निर्देश दिया है कि वे केस रिकॉर्ड का सुरक्षित हस्तांतरण सुनिश्चित करें और पूर्व में निर्धारित अगली सुनवाई तिथियों के अनुसार ही मामलों को सूचीबद्ध करें।
  3. रिक्तियों पर अनिश्चितता:प्रशासनिक आदेश में खाली पड़े सदस्य पदों की सटीक संख्या या कोर्ट नंबर 6 के पुनः काम शुरू करने की कोई समय-सीमा निर्दिष्ट नहीं की गई है। यह कदम मुंबई पीठ में मुकदमों के बैकलाग को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुंबई: राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (National Company Law Tribunal – NCLT) की सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण पीठों में से एक—मुंबई बेंच—में सदस्यों (Members) के रिक्त पदों के कारण उत्पन्न प्रशासनिक व न्यायिक संकट के मद्देनजर एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है।

एनसीएलटी द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय एनसीएलटी अध्यक्ष (NCLT President) के अनुमोदन से ‘राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण नियम, 2016’ (NCLT Rules, 2016) के नियम 16(d) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। यह निलंबन आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगा। अधिकरण ने सदस्यों की अनुपलब्धता के चलते 13 अक्टूबर 2026 से कोर्ट संख्या VI (Court VI) के कामकाज को अस्थायी रूप से निलंबित (Temporarily Suspended) करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, कोर्ट VI के समक्ष लंबित सभी मामलों को मुंबई बेंच की शेष पांच अदालतों (Court I से V) में स्थानांतरित और पुनर्वितरित कर दिया गया है।

प्रशासनिक आदेश के मुख्य बिंदु एवं मामलों का पुनर्वितरण

1. निलंबन का आधार और दायरा

  • सदस्यों के रिक्त पद: आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि मुंबई बेंच में सदस्यों (न्यायिक व तकनीकी सदस्यों) के रिक्त पदों को देखते हुए कोर्ट VI के संचालन को आगामी आदेश तक रोका जा रहा है:“राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण, मुंबई बेंच में सदस्यों के रिक्त पदों के मद्देनजर, कोर्ट संख्या VI मुंबई बेंच का कामकाज 13.10.2026 से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से निलंबित किया जाता है।”
  • शेष पांच कोर्ट में कार्यभार का विभाजन: कोर्ट VI में लंबित सभी कार्यवाहियों को कोर्ट I, II, III, IV और V के बीच समानुपातिक रूप से बांट दिया गया है।

2. दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC), 2016 के तहत मामलों का पुनर्गठन

पुनर्वितरण का यह आदेश कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) और व्यक्तिगत दिवालियापन से जुड़ी निम्नलिखित धाराओं के मामलों पर लागू होगा:

  • धारा 7 (वित्तीय लेनदारों द्वारा दिवाला याचिकाएं):
    • फाइनेंशियल क्रेडिटर्स (जैसे बैंक और वित्तीय संस्थान) द्वारा दायर मामलों को आदेश के संलग्नक (Annexure) में दर्ज उनकी क्रम संख्या के आधार पर पांच अलग-अलग समूहों में विभाजित कर शेष पांचों अदालतों को सौंपा गया है।
  • धारा 9 (परिचालन लेनदारों द्वारा दिवाला याचिकाएं):
    • ऑपरेशनल क्रेडिटर्स (सामान/सेवा प्रदाताओं) द्वारा दायर मुकदमों को भी कोर्ट I से V के बीच पुनर्वितरित किया गया है।
  • धारा 10 (कॉर्पोरेट देनदार द्वारा स्वयं की दिवाला प्रक्रिया):
    • कंपनियों द्वारा स्वेच्छा से शुरू की गई CIRP अर्जियों को भी नई बेंचों में स्थानांतरित किया गया है।
  • धारा 95 (व्यक्तिगत गारंटरों के विरुद्ध दिवाला प्रक्रिया):
    • कॉर्पोरेट देनदारों के पर्सनल गारंटरों (प्रमोटरों/निदेशकों) के खिलाफ लंबित दिवाला अर्जियों को भी संबंधित रोस्टर के अनुसार विभाजित किया गया है।

3. केस रिकॉर्ड्स का हस्तांतरण और सुनवाई की अगली तारीखें

  • एनसीएलटी प्रशासन ने संबंधित कोर्ट अधिकारियों (Court Officers) और रजिस्ट्री कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी प्रासंगिक केस फाइलों और रिकॉर्ड्स का तत्काल सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित करें।
  • यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामलों को पिछली तारीख पर दिए गए अंतिम आदेशों के अनुसार उनकी पहले से निर्धारित अगली सुनवाई की तारीखों (Scheduled Hearing Dates) पर ही संबंधित नई अदालतों के दैनिक वाद-सूची (Cause List) में सूचीबद्ध किया जाएगा, ताकि वादकारियों और वकीलों को अनावश्यक असुविधा न हो।

Also Read; Courtroom Decorum: बगीचे में टहलते हुए वर्चुअल पेशी और खराब नेटवर्क अदालती शिष्टाचार का सीधा उल्लंघन; वकील पर हर्जाना; सशरीर पेश होने का आदेश

संस्थागत पृष्ठभूमि: एनसीएलटी में रिक्तियों की निरंतर चुनौती

  • मुंबई बेंच का रणनीतिक महत्व: देश की वित्तीय राजधानी होने के कारण, भारत में दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के तहत सबसे अधिक उच्च-मूल्य (High-stakes) और जटिल कॉर्पोरेट दिवाला मामले NCLT मुंबई बेंच के समक्ष ही दायर होते हैं।
  • सदस्यों की कमी का असर:
    • हालांकि 9 अक्टूबर के आदेश में रिक्त पदों की सही संख्या या कोर्ट VI के पुनः संचालन की कोई निश्चित तिथि स्पष्ट नहीं की गई है, परंतु यह कदम अधिकरणों में न्यायिक व तकनीकी सदस्यों की नियुक्ति में होने वाली देरी से निपटने के लिए उठाया गया एक अंतरिम प्रशासनिक उपाय है।
    • इससे पहले भी एनसीएलटी की विभिन्न पीठों में सदस्यों की कमी के कारण विशेष बेंचों का गठन या वर्चुअल सुनवाई का सहारा लेना पड़ा है।

विधिक एवं विधायी विश्लेषण: क्या कहता है कानून?

  • राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण नियम, 2016 (NCLT Rules, 2016) का नियम 16(d):
    • यह नियम एनसीएलटी के अध्यक्ष (President) को अधिकरण के प्रशासनिक नियंत्रण और मामलों के वितरण की व्यापक शक्तियां प्रदान करता है। अध्यक्ष को अधिकार है कि वे किसी भी पीठ के रोस्टर को निर्धारित करें, मामलों को एक पीठ से दूसरी पीठ में स्थानांतरित करें या प्रशासनिक कारणों से किसी कोर्ट के कामकाज को पुनर्गठित/निलंबित करें।
  • कंपनी अधिनियम, 2013 (Companies Act, 2013) की धारा 419:
    • धारा 419 के तहत एनसीएलटी की पीठों का गठन किया जाता है, जिसमें सामान्यतः एक न्यायिक सदस्य (Judicial Member) और एक तकनीकी सदस्य (Technical Member) की दो-सदस्यीय खंडपीठ मामलों की सुनवाई करती है। कोरम (Quorum) पूरा न होने की स्थिति में काम का प्रभावित होना स्वाभाविक है।
  • IBC की समयबद्धता (Time-bound Resolution):
    • दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 के तहत 330 दिनों के भीतर समाधान प्रक्रिया पूरी करने का वैधानिक लक्ष्य रखा गया है। कोर्ट VI के मामलों को अन्य पांच अदालतों पर डालने से शेष अदालतों पर कार्यभार बढ़ेगा, जिससे समय-सीमा के पालन पर दबाव बढ़ सकता है।

विधिक विवरण

  • प्राधिकरण: राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT), प्रधान पीठ / मुंबई बेंच
  • आदेश का प्रकार: प्रशासनिक आदेश (Administrative Order)
  • आदेश की तिथि: 9 अक्टूबर 2026
  • प्रभावी तिथि: 13 अक्टूबर 2026 से आगामी आदेश तक
  • प्रभावित कोर्ट: कोर्ट संख्या VI (Court VI), NCLT मुंबई
  • हस्तांतरित मंच: कोर्ट I, II, III, IV एवं V (NCLT मुंबई बेंच)
  • संबद्ध कानून एवं धाराएं:
    • राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण नियम, 2016 का नियम 16(d)
    • दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 (IBC) की धाराएं 7, 9, 10 एवं 95
    • कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 419 (पीठों का गठन)
  • वर्तमान स्थिति: 13 अक्टूबर 2026 से कोर्ट VI का संचालन बंद रहेगा; सभी संबंधित मामले कोर्ट I से V के बीच वितरित किए जा चुके हैं और अपनी निर्धारित तिथियों पर ही नई पीठों के समक्ष सुने जाएंगे।

NCLT Order: मामले का संक्षिप्त विवरण (At A Glance)

विवरणजानकारी
संबंधित ट्रिब्यूनलराष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT), मुंबई पीठ
प्रशासनिक आदेश तिथि9 अक्टूबर 2026 (प्रभावित तिथि: 13 अक्टूबर 2026)
कारणट्रिब्यूनल सदस्यों (Tribunal Members) के पदों में रिक्तियाँ
पुनर्वितरण का दायराIBC 2016 की धारा 7, 9, 10 और 95 के तहत दायर सभी मामले
प्रभावी अवधिअगले आदेश जारी होने तक अस्थायी रूप से निलंबित
RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
overcast clouds
25.7 ° C
25.7 °
25.7 °
83 %
2kmh
89 %
Sun
26 °
Mon
32 °
Tue
33 °
Wed
32 °
Thu
33 °

Recent Comments