Support To Pakistan: चीन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को छद्म मदद को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
इंजीनियर झांग हेंग के इंटरव्यू से चीन बेनकाब
चीन ने स्वीकार किया है कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिवसीय संघर्ष के दौरान उसने पाकिस्तान को “ऑन-साइट तकनीकी सहायता” प्रदान की थी। चीन के सरकारी प्रसारक CCTV ने हाल ही में एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) के एक इंजीनियर झांग हेंग का इंटरव्यू प्रसारित किया, जिन्होंने युद्ध के दौरान पाकिस्तान में मौजूद रहकर चीनी लड़ाकू विमानों के लिए तकनीकी मदद सुनिश्चित की थी। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब चीन अब पाकिस्तान को अपना अत्याधुनिक स्टील्थ बॉम्बर J-35 बेचने की तैयारी कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कबूलनामा अपनी सैन्य तकनीक की मार्केटिंग करने का एक हिस्सा है।
चीनी इंजीनियरों का अनुभव: 50 डिग्री तापमान और हवाई हमलों का सायरन
- चीनी इंजीनियर झांग हेंग ने पाकिस्तान को किए गए मदद को लेकर बिदुंवार जानकारी दी।
- युद्ध की स्थिति: पिछले साल मई (2025) के संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के बेस पर लगातार हवाई हमलों के सायरन और लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई देती थी।
- शारीरिक चुनौती: मई की गर्मी में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा था, जो उनके और उनकी टीम के लिए एक कड़ी परीक्षा थी।
- चीनी विमानों का प्रदर्शन: एक अन्य कर्मचारी शू दा ने J-10CE लड़ाकू विमान की तुलना एक ‘बच्चे’ से की, जिसे उन्होंने पाल-पोसकर पाकिस्तान को सौंपा था। उन्होंने दावा किया कि वे विमान के प्रदर्शन से हैरान नहीं थे, क्योंकि उन्हें इसकी मारक क्षमता पर पूरा भरोसा था।
रत का रुख: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘उधार के चाकू’ की रणनीति
- भारत के उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह ने पिछले साल ही स्पष्ट कर दिया था कि चीन ने इस संघर्ष (जिसे भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया) को एक ‘लाइव लैब’ की तरह इस्तेमाल किया:
- सैटेलाइट निगरानी: भारत का आरोप है कि चीन ने अपने उपग्रहों का उपयोग करके भारतीय सेना की तैनाती की लाइव जानकारी पाकिस्तानी सेना को दी थी।
- प्राचीन रणनीति: जनरल सिंह ने इसे चीन की पुरानी युद्ध रणनीति बताया, जिसमें “उधार के चाकू से दुश्मन की हत्या” की जाती है, यानी पाकिस्तान के जरिए भारत को नुकसान पहुँचाना।
J-10CE: पाकिस्तान की हवाई ताकत का नया केंद्र
- आधुनिक तकनीक: J-10CE चीन के J-10C का निर्यात संस्करण है, जिसमें AESA रडार और PL-15 जैसी अत्याधुनिक हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलें लगी हैं।
- पाकिस्तान का चीनी हथियारों पर भरोसा: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के कुल हथियार आयात का 80% हिस्सा अकेले चीन से आया है।
मुख्य तथ्य (Key Highlights)
| विवरण | जानकारी |
| पुष्टि की तिथि | 8 मई, 2026 (बीजिंग)। |
| सहयोग का स्वरूप | ऑन-साइट तकनीकी सहायता और सैन्य साजो-सामान। |
| प्रमुख चीनी विमान | J-10CE और JF-17 थंडर। |
| भारत का आरोप | चीन ने भारत की सैन्य मूवमेंट की लाइव इंटेलिजेंस साझा की। |
| भविष्य का प्लान | चीन अब पाकिस्तान को स्टील्थ फाइटर J-35 बेचने की फिराक में है। |
दक्षिण एशिया में बदलता सैन्य संतुलन
चीन द्वारा युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाने की पुष्टि भारत के उन दावों पर मुहर लगाती है कि पाकिस्तान की सैन्य ताकत का रिमोट कंट्रोल काफी हद तक बीजिंग के हाथों में है। जहाँ चीन अपने विमानों की सफलता का ढोल पीट रहा है, वहीं भारतीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस संघर्ष में चीनी रडार कई जगहों पर फेल हुए थे और पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा था, जिसे चीनी मीडिया ने दबा दिया है।

