Thursday, October 22, 2026
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UK Court: Covid के दौर में जीवनरक्षक दस्तानों के नाम पर करोड़ों की ठगी; लग्जरी पोर्श कार, रोलेक्स घड़ियों और विदेशी छुट्टियों में उड़ाए पैसे

घोटाले की कार्यप्रणाली और पैसों का हेरफेर

  1. फर्जी कंपनी और एस्क्रो एग्रीमेंट:2020 में महामारी के दौरान जोगेश भंडारी और उसके सहयोगी क्रेग मॉरिस (43) ने नाइट्राइल ग्लव्स की ट्रेडिंग के लिए एक फर्जी ढांचा तैयार किया। इसमें अमेरिका के लुइसियाना राज्य के पूर्व सहायक अटॉर्नी जनरल फ्रैंक लैब्रोज़ो (Frank Labruzzo) को शामिल कर फर्जी एस्क्रो सेवाएं (Escrow Services) बनाई गईं।
  2. लाखों डॉलर का गबन:
    • नवंबर 2020: 1.2 करोड़ बॉक्स दस्ताने सप्लाई करने का सौदा किया, लेकिन एस्क्रो में जमा राशि को सीधे अपने और सहयोगियों के निजी खातों में डायवर्ट कर दिया।
    • दिसंबर 2020: $2.7 मिलियन प्राप्त किए, जिसमें से $500,000 तुरंत अपने निजी कर्ज चुकाने में उड़ा दिए।
    • 2021 की शुरुआत: अमेरिकी अस्पतालों के लिए भेजे जाने वाले $3.18 मिलियन और $1.35 मिलियन का दूसरा भुगतान पत्नी मीनाक्षी के बिजनेस अकाउंट में जमा हुआ, लेकिन अस्पताल को एक भी ग्लव्स डिलीवर नहीं किया गया।
  3. विलासिता भरा जीवन और चैटिंग का खुलासा:NCA की जांच के अनुसार, ठगी के पैसों से इन्होंने:
    • £126,000 की नई पोर्श (Porsche) कार खरीदी।
    • रोलेक्स घड़ियां (Rolex Watches), गहने, ऑडी A5, लैंड रोवर डिस्कवरी और वॉक्सवैगन गोल्फ कारें खरीदीं।
    • विदेश में छुट्टियां बिताईं और महंगे घर बनवाए।
    एनसीए को दोनों के बीच 47,000 से अधिक चैट मैसेज मिले। एक मैसेज में जोगेश ने लिखा था: “मुझे एक स्कैम/घोटाले में तुम्हारी मदद चाहिए… तुम्हें एक संतुष्ट पुराने ग्राहक की तरह नाटक करना होगा।” जिस पर मॉरिस ने सहमति जताई थी।

एनसीए (NCA) की टिप्पणी और स्वास्थ्य सेवा पर प्रभाव

NCA के ऑपरेशंस मैनेजर पॉल बोनिफेस (Paul Boniface) ने सजा के बाद कहा: “जब जोगेश भंडारी अपनी ब्रांड न्यू लग्जरी कार उठा रहा था और कह रहा था कि वह अपनी हंसी नहीं रोक पा रहा है, उस समय अस्पताल उन बेहद जरूरी PPE किटों के लिए तरस रहे थे जिनकी महामारी में सख्त जरूरत थी। इस घोटाले ने न केवल कंपनियों को लाखों डॉलर का चूना लगाया, बल्कि स्वास्थ्य सेवा देने वालों की जिंदगी को भी खतरे में डाला।”

लीसेस्टर (यूके): वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान आवश्यक चिकित्सा सुरक्षा उपकरणों (PPE – नाइट्राइल ग्लव्स) की भारी कमी का अनुचित लाभ उठाकर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति के झूठे वादों के जरिए कंपनियों को करोड़ों डॉलर का चूना लगाने, अमेरिकी अटॉर्नी के साथ मिलकर फर्जी एस्क्रो खाता (Fraudulent Escrow Account) संचालित करने, धन शोधन (Money Laundering), तथा धोखाधड़ी से अर्जित रकम को निजी विलासिता (लग्जरी कारों, घड़ियों, मकान के नवीनीकरण और विदेशी छुट्टियों) में बदलने के गंभीर मामले में ब्रिटेन की लीसेस्टर क्राउन कोर्ट (Leicester Crown Court) ने एक कठोर दंडात्मक फैसला सुनाया है।

लीसेस्टर क्राउन कोर्ट ने मामले के मुख्य सूत्रधार, भारतीय मूल के 59 वर्षीय व्यवसायी जोगेश भंडारी (निवासी: लॉफबोरो / Loughborough) को 8 वर्ष के कारावास की सख्त सजा सुनाई है। जुलाई में चले पांच सप्ताह के विचारण के बाद जूरी ने उन्हें, उनकी पत्नी मीनाक्षी (मीना) भंडारी और उनके मुख्य व्यावसायिक सहयोगी क्रेग मॉरिस को धोखाधड़ी (Fraud by False Representation) और धन शोधन (Money Laundering Offences) का दोषी करार दिया था।

अदालत ने उनके सहयोगी क्रेग मॉरिस (43 वर्ष) को 3 वर्ष और 9 महीने के कारावास की सजा दी, जबकि जोगेश की पत्नी मीनाक्षी भंडारी को 2 वर्ष की निलंबित जेल की सजा (Suspended for Two Years) और 250 घंटे का अवैतनिक सामुदायिक कार्य (Unpaid Community Work) करने का दंड दिया। ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (National Crime Agency – NCA) की विस्तृत जांच में यह सामने आया कि इस घोटाले ने अमेरिकी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तक आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं पहुंचने दिए, जिससे महामारी के दौरान फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों का जीवन भी खतरे में पड़ा।

न्यायिक सजा और दोषियों का आपराधिक विवरण

1. लीसेस्टर क्राउन कोर्ट द्वारा निर्धारित दंड (16 अक्टूबर 2026)

अदालत ने स्वास्थ्य संकट के समय की गई संगठित धोखाधड़ी की गंभीरता को रेखांकित करते हुए तीनों अभियुक्तों को सजा सुनाई:

  • जोगेश भंडारी (मुख्य अभियुक्त, आयु: 59 वर्ष):
    • स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पूर्व की दो अदालती सुनवाइयों से बचने के बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। 16 अक्टूबर को उन्हें अदालत में पेश किया गया और 8 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
  • क्रेग मॉरिस (सह-साजिशकर्ता, आयु: 43 वर्ष):
    • इन्हें घोटाले में सक्रिय भूमिका निभाने, बोगस ग्राहक बनकर सत्यापन करने और अवैध धन का बड़ा हिस्सा प्राप्त करने के अपराध में 3 वर्ष 9 महीने के कारावास की सजा दी गई।
  • मीनाक्षी (मीना) भंडारी (पत्नी, उम्र 50+ वर्ष):
    • इनके व्यावसायिक खातों में लाखों डॉलर जमा कराए गए थे और इन्होंने विलासितापूर्ण जीवनशैली का उपभोग किया। अदालत ने इन्हें 2 वर्ष का कारावास (2 वर्ष के लिए निलंबित) और 250 घंटे का सामुदायिक सेवा कार्य करने का आदेश दिया।

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धोखाधड़ी का सिंडिकेट: अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र और कार्यप्रणाली (Modus Operandi)

चरण / अनुबंधविवरण एवं वित्तीय लेन-देन
फर्जी ट्रेडिंग सिंडिकेट (2020)महामारी के चरम पर वर्ष 2020 में जब दुनिया भर में मेडिकल दस्तानों (Nitrile Gloves) की भारी कमी थी, तब जोगेश भंडारी और क्रेग मॉरिस ने एक ट्रेडिंग कंपनी बनाई। उन्होंने अमेरिका के लुइसियाना राज्य न्याय विभाग में तत्कालीन सहायक अटॉर्नी जनरल फ्रैंक लाब्रुजो (Frank Labruzzo) को शामिल किया, जिसने एक फर्जी ‘एस्क्रो सेवा’ (Escrow Service) स्थापित की ताकि खरीदारों को लगे कि उनका पैसा डिलीवरी होने तक सुरक्षित है।
1.2 करोड़ बॉक्स का सौदा (नवंबर 2020)भंडारी ने अमेरिकी अस्पतालों और खरीदार कंपनियों को 1.2 करोड़ बॉक्स दस्ताने देने का करार किया। समझौते के तहत एस्क्रो खाते में जमा की गई अग्रिम राशि को डिलीवरी से पहले ही भंडारी, लाब्रुजो और अन्य फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर लिया गया।
$2.7 मिलियन का गबन (दिसंबर 2020)अगले ही महीने भंडारी को $2.7 मिलियन (लगभग 22 करोड़ रुपये) प्राप्त हुए। इसमें से $500,000 की निकासी तुरंत कर ली गई, जिसका उपयोग जोगेश और उसकी पत्नी मीनाक्षी के पुराने व्यक्तिगत कर्जों को चुकाने के लिए किया गया।
अमेरिकी अस्पतालों के लिए $3.18 मिलियन का सौदा (2021)वर्ष 2021 की शुरुआत में अमेरिकी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दस्ताने खरीदने हेतु $3.18 मिलियन (लगभग 26 करोड़ रुपये) की एक और बड़ी खेप की रकम प्राप्त की गई, किंतु अस्पतालों को कभी एक भी दस्ताना डिलीवर नहीं किया गया। एक अन्य सौदे के $1.35 मिलियन सीधे मीनाक्षी के नियंत्रण वाले खाते में भेजे गए।

ठगी के पैसों से खरीदी गई विलासिता और संपत्ति

एनसीए (NCA) द्वारा प्रस्तुत वित्तीय और बैंक रिकॉर्ड्स से साबित हुआ कि कंपनियों और अस्पतालों से वसूले गए धन का एक भी हिस्सा वास्तविक दस्तानों के निर्माण या खरीद में नहीं लगाया गया, बल्कि उसे व्यक्तिगत ऐशो-आराम में उड़ाया गया:

  • लग्जरी कारों का काफिला:
    • £126,000 (लगभग ₹1.4 करोड़) की बिल्कुल नई पोर्श (Porsche) स्पोर्ट्स कार खरीदी गई।
    • इसके अलावा ऑडी ए5 (Audi A5), लैंड रोवर डिस्कवरी (Land Rover Discovery) और फॉक्सवैगन गोल्फ (Volkswagen Golf) जैसी महंगी गाड़ियां खरीदी गईं।
  • रोलेक्स घड़ियां और गहने: बड़ी संख्या में उच्च-मूल्य वाली रोलेक्स (Rolex) कलाई घड़ियां और महंगे सोने व हीरों के आभूषण खरीदे गए।
  • मकान का नवीनीकरण और छुट्टियां: लॉफबोरो स्थित अपने निजी आवास का भव्य नवीनीकरण कराया गया, विदेशी छुट्टियां मनाई गईं और पुराने व्यक्तिगत कर्जों को एकमुश्त चुकता किया गया।
  • सहयोगी को भुगतान: घोटाले में फर्जी ग्राहक बनकर मदद करने के एवज में क्रेग मॉरिस के खाते में £200,000 (लगभग ₹2.2 करोड़) ट्रांसफर किए गए।

एनसीए (NCA) की डिजिटल फॉरेंसिक जांच: 47,000 संदेशों ने खोला पोल

ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी ने जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से 47,000 से अधिक संदेशों का डेटा बरामद किया। इन संदेशों ने षड्यंत्र को अदालत में बिना किसी संदेह के साबित कर दिया:

संदेशों का सनसनीखेज आदान-प्रदान:

एनसीए के संचालन प्रबंधक (Paul Boniface) ने फैसले के बाद कहा: “जब भंडारी अपनी नई लग्जरी पोर्श कार की डिलीवरी ले रहा था और संदेश भेज रहा था कि ‘वह मुस्कुराना बंद नहीं कर पा रहा है’, ठीक उसी समय स्वास्थ्य सुविधाएं उस महत्वपूर्ण पीपीई के बिना जूझ रही थीं, जिसकी उन्हें सख्त आवश्यकता थी। यह ऐसा समय था जब मांग आसमान छू रही थी, कंपनियां लाखों डॉलर के घाटे में चली गईं और अस्पतालों के पास जीवनरक्षक उपकरण नहीं पहुंचे।”

विधिक एवं आपराधिक न्यायशास्त्र विश्लेषण

  • आपदा में अवसर और आपराधिक दायित्व (Fraud during a Humanitarian Crisis):
    • क्राउन कोर्ट ने रेखांकित किया कि सामान्य व्यावसायिक विवादों और महामारी के दौरान किए गए घोटालों में बुनियादी अंतर होता है। यहाँ अभियुक्तों को भली-भांति ज्ञात था कि उनकी आपूर्ति अमेरिकी अस्पतालों के आपातकालीन वार्डों के लिए थी। आपूर्ति न करना केवल संविदात्मक विफलता नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का एक आपराधिक कृत्य था।
  • एस्क्रो सेवाओं का दुरुपयोग:
    • अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एस्क्रो खाते को सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है। अमेरिकी न्याय विभाग के एक पूर्व सरकारी वकील (Frank Labruzzo) को शामिल कर उस व्यवस्था की विश्वसनीयता को हथियार बनाकर ठगी करना एक अत्यधिक संगठित और शातिर वित्तीय अपराध (Sophisticated Financial Fraud) था।
  • प्रोसीड्स ऑफ क्राइम एक्ट (POCA):
    • ब्रिटेन में सजा सुनाए जाने के बाद अब अभियुक्तों के विरुद्ध पीपीई घोटाले से अर्जित सभी संपत्तियों (पोर्श, ऑडी, गहने, घड़ियां और बैंक खाते) को जब्त करने और पीड़ितों को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए Proceeds of Crime Act 2002 (POCA) के तहत जब्ती की अलग कार्यवाही शुरू की जाएगी।

मामले का विधिक सारांश

  • मुकदमा संदर्भ: आर बनाम जोगेश भंडारी, मीनाक्षी भंडारी एवं क्रेग मॉरिस [आपराधिक विचारण – लीसेस्टर क्राउन कोर्ट, यूके]
  • जांच एजेंसी: यूके नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA)
  • निर्णय की तिथियां: 7 अक्टूबर 2026 (मीनाक्षी भंडारी व क्रेग मॉरिस की सजा); 16 अक्टूबर 2026 (जोगेश भंडारी की सजा)
  • अपराध की प्रकृति: धोखाधड़ी (Fraud by false representation), धन शोधन (Money Laundering) एवं आपराधिक षड्यंत्र

दोषियों की विधिक स्थिति एवं दी गई सजाएं:

  1. जोगेश भंडारी (मुख्य सूत्रधार, 59 वर्ष): 8 वर्ष का कारावास।
  2. क्रेग मॉरिस (व्यावसायिक सहयोगी, 43 वर्ष): 3 वर्ष 9 महीने का कारावास।
  3. मीनाक्षी भंडारी (पत्नी): 2 वर्ष का कारावास (2 वर्ष के लिए निलंबित) सहपठित 250 घंटे की अवैतनिक सामुदायिक सेवा।
  • प्रासंगिक कानून एवं विधिक प्रावधान:
    • यूके फ्रॉड एक्ट, 2006 (Fraud Act 2006) — धारा 1 व 2 (झूठे बयानों द्वारा धोखाधड़ी)
    • प्रोसीड्स ऑफ क्राइम एक्ट, 2002 (POCA 2002) — धारा 327 से 334 (मनी लॉन्ड्रिंग अपराध और आपराधिक संपत्तियों की जब्ती)
  • अंतिम परिणाम: जूरी के सर्वसम्मत दोषसिद्धि फैसले के बाद अदालत ने जोगेश भंडारी को 8 साल की जेल भेज दिया; सभी अवैध संपत्तियों की जब्ती प्रक्रिया शुरू करने का आदेश।

UK Court: मामले का संक्षिप्त विवरण (At A Glance)

विवरणजानकारी
संबंधित अदालतलेस्टर क्राउन कोर्ट, यूनाइटेड किंगडम (UK)
मुख्य आरोपीजोगेश भंडारी (59 वर्ष), निवासी- लफ़बोरो (Loughborough)
सह-आरोपी व सजा1. मीनाक्षी (मीना) भंडारी (पत्नी): 2 साल की निलंबित जेल (Suspended Sentence) और 250 घंटे सामुदायिक सेवा।
2. क्रेग मॉरिस (सहयोगी): 3 साल 9 महीने की जेल।
जांच एजेंसीयूके नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA)
अपराध का तरीकामहामारी में अमेरिकी और ब्रिटिश अस्पतालों को 1.2 करोड़ बॉक्स नाइट्राइल ग्लव्स सप्लाई करने के नाम पर एडवांस पैसा लेना और आपूर्ति न करना।
अदालत का अंतिम निर्णयधोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग में मुख्य आरोपी जोगेश को 8 साल की कैद।
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