Thursday, September 24, 2026
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Justice’s Word: तकनीक और व्यापार के दौर में कानून को लचीला बनाना जरूरी…जस्टिस मनमोहन ने कही बड़ी बात

Justice’s Word: जस्टिस मनमोहन ने कहा, भारत की न्यायपालिका यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हमारा कानूनी ढांचा तकनीकी बदलावों और वैश्विक व्यापार की गति के साथ कदम से कदम मिलाकर चले।

संवैधानिक मूल्य और कानून का राज स्थिरता देते हैं: जज

इंटरनेशनल लीगल कॉन्फ्रेंस 2025 में मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस मनमोहन, अंतरराष्ट्रीय कानून की जटिलताएं और तेजी से बदलते नियम-कायदे एक तूफान जैसे हैं, जिनमें दिशा पकड़ना मुश्किल होता है। एआई, फिनटेक, डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों ने कानूनी व्यवस्था को और ज्यादा लचीला, आधुनिक और इंटरऑपरेबल बनाने की मांग खड़ी कर दी है। लेकिन इस सबके बीच हमारे संवैधानिक मूल्य और कानून का राज हमें स्थिरता देते हैं।

न्याय के साथ-साथ सतत आर्थिक विकास को भी मजबूती देने पर जोर

जज ने कहा, ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट और मध्यस्थता कानून जैसे प्रयास न्याय व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी, सुलभ और लचीला बना रहे हैं। अगर हम न्याय के साथ-साथ पारदर्शिता और स्थिरता को बनाए रखते हुए कानूनी नवाचार को बढ़ावा दें, तो हम एक ऐसा नियामक ढांचा बना सकते हैं जो न्याय के साथ-साथ सतत आर्थिक विकास को भी मजबूती दे।

भारत के कानूनी सेवा निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर

कॉन्फ्रेंस के चेयरपर्सन और SILF के अध्यक्ष डॉ. ललित भसीन ने कहा, “इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य भारत की कानूनी सेवाओं को वैश्विक स्तर पर निर्यात करने के रास्ते तलाशना और विदेशी कानूनी समुदाय के साथ सहयोग बढ़ाना है। इसमें ऊर्जा, तकनीक, वित्त और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भारत के बदलते कानूनी ढांचे और उनके अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पर चर्चा हुई।”

एआई और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा

डॉ. भसीन ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में एआई, डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा जैसे तकनीकी-कानूनी मुद्दों पर भी प्रेजेंटेशन हुए। इसके अलावा भारत में विवाद निपटान प्रणाली की मौजूदा स्थिति और सरकार द्वारा मध्यस्थता को बढ़ावा देने के हालिया कदमों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत के कानूनी बाजार को और अधिक उदार बनाने की जरूरत है, खासकर विज्ञापन जैसे प्रतिबंधों को हटाने की दिशा में।

सम्मेलन में कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

इस कॉन्फ्रेंस में कानून मंत्रालय की लीगल अफेयर्स सेक्रेटरी डॉ. अंजू राठी राणा, SEPC की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. उपासना अरोड़ा, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के चेयरमैन डॉ. शार्दुल एस. श्रॉफ समेत देश की प्रमुख लॉ फर्म्स, न्यायपालिका, शिक्षाविदों और नियामक संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।

शहीद जवानों को श्रद्धांजलि

कॉन्फ्रेंस के दौरान हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सुरक्षाबलों को श्रद्धांजलि दी गई। सभी प्रतिभागियों ने शहीदों के परिवारों के प्रति एकजुटता जताई और न्याय, राष्ट्रीय एकता और कानून के राज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कांफ्रेंस का आयोजन सर्विसेज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (SEPC), सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स (SILF) और इंडियन नेशनल एसोसिएशन ऑफ लीगल प्रोफेशनल्स (INALP) के संयुक्त प्रयास से हुआ। कॉन्फ्रेंस का थीम था- ‘भारत का कानूनी और नियामक ढांचा: अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसरों की दिशा में’।

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