JOURNALIST case: केंद्र सरकार ने अमेरिकी पत्रकार राफेल सैटर का ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड रद्द करने के फैसले का दिल्ली हाईकोर्ट में बचाव किया है।
जानबूझकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली रिपोर्टिंग
केंद्र सरकार ने कहा कि सैटर ने भारत में बिना जरूरी अनुमति के पत्रकारिता की और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय संस्थानों की छवि को नुकसान पहुंचाया। इसी आधार पर उनके खिलाफ ‘डिस्क्रीट लुकआउट सर्कुलर’ (LOC) भी जारी किया गया। गृह मंत्रालय ने कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, सैटर ने जानबूझकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली रिपोर्टिंग की। इसके बाद मंत्रालय ने 24 मई 2024 को एक आदेश जारी कर उनकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी और OCI रद्द करने के फैसले को सही ठहराया।
सैटर ने हाईकोर्ट में फैसले को दी थी चुनौती
सैटर ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस सचिन दत्ता ने उन्हें सरकार के जवाब पर पुनः जवाब दाखिल करने की अनुमति दी है। अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। गृह मंत्रालय ने बताया कि सैटर ने शादी के आधार पर OCI कार्ड प्राप्त किया था और उन्होंने दावा किया कि वे पारिवारिक कारणों से भारत आए थे। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने सितंबर 2022 में गोवा में आयोजित ‘नल्कॉन’ कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया, जहां अगली पीढ़ी की सुरक्षा तकनीकों पर चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने पत्रकारिता गतिविधियां भी कीं, जो मंत्रालय की अधिसूचना का उल्लंघन है।
यह है OCI कार्डधारकों को लेकर नियम
OCI कार्डधारकों को भारत में कानूनों का पालन करना होता है। मंत्रालय ने कहा कि OCI कार्डधारक विदेशी नागरिक होते हैं और भारत में उन्हें भारतीय नागरिकों जैसे मौलिक अधिकार नहीं मिलते। इसलिए वे अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, आंदोलन और विरोध का अधिकार नहीं मांग सकते। गृह मंत्रालय ने बताया कि सैटर के खिलाफ कार्रवाई से पहले सुरक्षा एजेंसियों और विदेश मंत्रालय से सलाह ली गई थी। इसके बाद 12 जून 2023 को उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया। हालांकि सैटर ने जवाब दिया, लेकिन उन्होंने यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं दिए कि उन्होंने भारत में पत्रकारिता नहीं की।
सैटर ने गृह मंत्रालय में पुनर्विचार याचिका दायर की थी
मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों और विदेश मंत्रालय से मिली रिपोर्टों में यह स्पष्ट था कि सैटर ने 2021 की अधिसूचना का उल्लंघन किया है। इसलिए उनका OCI कार्ड रद्द किया गया। सैटर ने जनवरी 2024 में नागरिकता कानून के तहत गृह मंत्रालय में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। 23 अप्रैल 2024 को उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कोई पत्रकारिता गतिविधि नहीं की, लेकिन मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया।

