Monday, September 21, 2026
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Teacher Sexual Exploitation Case: भारतीय कानून में सहमति (Consent) की कानूनी परिभाषा क्या है…यहकर्नाटक हाई कोर्ट के इस फैसले से समझिए

Teacher Sexual Exploitation Case: कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक सरकारी स्कूल के ‘परमानेंट टीचर’ के खिलाफ चल रहे रेप और यौन शोषण के आपराधिक मामले को रद्द (Quash) करने से इनकार कर दिया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब कोई रिश्ता दबदबे (Dominance), डर और जबरदस्ती पर आधारित हो, तो उसे ‘आपसी सहमति’ (Mutual Consent) नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने आरोपी की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि यह एक ‘लंबे समय से चला आ रहा आपसी रिश्ता’ था। कोर्ट ने कहा कि जब ब्लैकमेलिंग और नौकरी जाने का डर शामिल हो, तो इसे आपसी मर्जी का रिश्ता नहीं कहा जा सकता। अब यह मामला शिकारीपुरा की ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगा।

मामले की पृष्ठभूमि: क्या हैं आरोप?

  • यह मामला शिवमोगा जिले के शिकारीपुरा के एक सरकारी हाई स्कूल का है।
  • आरोपी: स्कूल का एक स्थायी (Permanent) शिक्षक।
  • पीड़िता: उसी स्कूल में कार्यरत एक गेस्ट (Guest) टीचर।
  • गंभीर आरोप: आरोपी पर आरोप है कि उसने पीड़िता की न्यूड तस्वीरें लीं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया। साथ ही, उसे नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर एक साल से अधिक समय तक बार-बार यौन शोषण किया।

कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां

  • जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए बेहद सख्त टिप्पणियाँ कीं।
  • सहमति बनाम आत्मसमर्पण (Submission): “शिकायत में विस्तार से बताया गया है कि कैसे याचिकाकर्ता ने अपनी ताकत (Power Asymmetry) का फायदा उठाया। यह सहमति (Consent) नहीं, बल्कि डर और सार्वजनिक अपमान के साये में निकाला गया ‘सबमिशन’ (झुकना) है।”
  • केस रद्द करने से इनकार: कोर्ट ने कहा कि अगर इस स्तर पर मामले को खत्म किया गया, तो यह न्याय के साथ खिलवाड़ होगा।
  • ट्रायल ज़रूरी: आरोपों की सच्चाई का फैसला केवल ‘फुल-फ्लेजेड ट्रायल’ (पूर्ण सुनवाई) के दौरान ही हो सकता है, जहाँ सबूतों की परख की जा सके।
  • पद का दुरुपयोग: कोर्ट ने माना कि एक स्थायी शिक्षक का एक गेस्ट टीचर (जो अपनी नौकरी के लिए उस पर निर्भर हो सकती है) के साथ ऐसा व्यवहार करना गंभीर मामला है।

कानूनी धाराएं (IPC Sections Involved)

आरोपी के खिलाफ इन धाराओं के तहत मामला चल रहा है। इनमें धारा 376 के तहत बलात्कार (Rape) – विशेष रूप से 376(2)(n) बार-बार रेप के लिए, धारा 366 के तहत शादी के लिए मजबूर करने हेतु अपहरण, धारा 506 के तहत आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) और धारा 323 (चोट पहुँचाना), 504 (अपमान) आदि।

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