Bar Council Polls: पश्चिम बंगाल बार काउंसिल चुनावों से पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है।
मतदाता सूची (Electoral Roll) को संशोधित करने का निर्देश दिया
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वकील, चाहे वह कितनी भी बार एसोसिएशनों का सदस्य क्यों न हो, केवल एक ही वोट डालने का हकदार है। कोर्ट ने ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ (One Person, One Vote) के सिद्धांत पर जोर देते हुए मतदाता सूची में सुधार के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट जस्टिस शम्पा दत्त (पॉल) की बेंच ने गौतम दास की याचिका पर सुनवाई करते हुए जलपाईगुड़ी बार एसोसिएशन बूथ की मतदाता सूची (Electoral Roll) को संशोधित करने का निर्देश दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कई वकीलों के नाम एक से अधिक बार या अलग-अलग बार एसोसिएशनों की सूचियों में दर्ज हैं।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “प्रशासनिक असुविधा बहाना नहीं”
- अदालत ने चुनाव अधिकारियों की इस दलील को खारिज कर दिया कि चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और अब बदलाव संभव नहीं है।
- चुनावी शुचिता: कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक कठिनाई को चुनावी निष्पक्षता से ऊपर नहीं रखा जा सकता। गलत मतदाता सूची के साथ चुनाव कराना नियमों का उल्लंघन है।
- सहमति की जरूरत नहीं: अधिकारियों का यह कहना कि ‘दोहरा नाम हटाने के लिए वोटर की सहमति चाहिए’, पूरी तरह से गलत और नियमों के खिलाफ है।
मामला क्या था? (The Discrepancies)
- डुप्लीकेट नाम: याचिकाकर्ता ने दावा किया कि जलपाईगुड़ी की लिस्ट में उन वकीलों के नाम भी शामिल हैं जो मुर्शिदाबाद या सिलिगुड़ी बार एसोसिएशन के सदस्य हैं।
- एक से अधिक प्रविष्टियां: कुछ मामलों में एक ही वकील का नाम एक ही सूची में दो बार दर्ज पाया गया, जिससे ‘फ्री एंड फेयर’ इलेक्शन पर सवाल खड़े हो गए थे।
कानूनी आधार (Legal Foundations)
- हाई कोर्ट ने अपने फैसले में दो प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया।
- Verification Rules, 2015: ‘प्रमाणपत्र और अभ्यास स्थान (सत्यापन) नियम, 2015’ के तहत वकीलों को वोटिंग के उद्देश्य से किसी एक ही अभ्यास स्थान (Place of Practice) से जुड़े रहने की आवश्यकता होती है।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: कोर्ट ने उन फैसलों का हवाला दिया जहाँ कहा गया है कि यदि चुनावी निष्पक्षता खतरे में हो, तो न्यायपालिका को हस्तक्षेप करना ही चाहिए ताकि सभी को समान अवसर (Level Playing Field) मिल सके।
कोर्ट के मुख्य निर्देश (The Final Order)
- सूची में सुधार: जलपाईगुड़ी बार एसोसिएशन बूथ के लिए अंतिम मतदाता सूची को तुरंत संशोधित और ठीक किया जाए।
- दोहरा वोट नहीं: अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी मतदाता एक से अधिक बार वोट न डाल सके।
- समय सीमा: यह पूरी कवायद निर्धारित चुनाव से पहले पूरी की जानी चाहिए और एक नई, सही सूची प्रकाशित की जानी चाहिए।
निष्कर्ष: निष्पक्ष चुनाव की नींव
कलकत्ता हाई कोर्ट का यह आदेश बार काउंसिल चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह सुनिश्चित करता है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या तकनीकी खामी की जगह न हो।
In The High Court At Calcutta
CIRCUIT BENCH AT JALPAIGURI
Constitutional Writ Jurisdiction
Appellate Side
The Hon’ble Justice Shampa Dutt (Paul)
WPA 334 of 2026
Gautam Das Vs. The High Powered Election Committee, 12th Bar Council of West
Bengal Election, 2026 & Ors.

