Lawyers vs. Saturdays: दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने शनिवार की वर्किंग को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए वकीलों से काम का बहिष्कार करने का आह्वान किया है।
दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने एक नोटिस जारी कर अपने सभी सदस्यों से 4 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले वर्किंग सैटरडे (Working Saturdays) पर काम से दूर रहने का अनुरोध किया है। एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि वकील हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को अदालती कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे।
विवाद की जड़ क्या है? (The Background)
- हाई कोर्ट का फैसला: 22 दिसंबर, 2025 को हाई कोर्ट की ‘फुल कोर्ट’ मीटिंग में निर्णय लिया गया था कि पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को अदालतें लगेंगी।
- अधिसूचना: 15 जनवरी को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी।
- वकीलों का विरोध: वकीलों ने कई बार इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला, तो 27 मार्च को सर्वसम्मति से काम के बहिष्कार का प्रस्ताव पास किया गया।
वकीलों की “प्रैक्टिकल दिक्कतें” (Practical Difficulties)
- DHCBA की कार्यकारी समिति ने बताया कि शनिवार को अदालतें लगने से वकीलों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है:
- शेड्यूल में टकराव: वकीलों को शनिवार के दिन ट्रिब्यूनल, मध्यस्थता (Arbitration), मध्यस्थता केंद्रों (Mediation) और दिल्ली के बाहर की अदालतों में भी पेश होना पड़ता है।
- तैयारी का अभाव: शनिवार की वर्किंग के कारण केस की तैयारी (Preparation Time) और क्लाइंट मीटिंग्स के लिए समय कम बचता है, जिससे पेशेवर दक्षता प्रभावित होती है।
वैकल्पिक व्यवस्था (The Proxy System)
- काम के बहिष्कार के बावजूद मुकदमों पर कोई बुरा असर न पड़े, इसके लिए एसोसिएशन ने एक योजना बनाई है।
- प्रॉक्सी वकील: प्रत्येक अदालत के लिए ‘प्रॉक्सी काउंसल’ (Proxy Counsels) नामित किए जाएंगे, जो केवल तारीख लेने या जरूरी जानकारी देने के लिए मौजूद रहेंगे, लेकिन मुख्य बहस नहीं करेंगे।
- पूर्ण सहयोग की अपील: एसोसिएशन ने सभी सदस्यों से इस फैसले में एकजुट रहने और सहयोग करने की अपील की है।
Saturday Working Schedule Conflict
| Saturday Position | High Court Stance | DHCBA Stance |
|---|---|---|
| 1st Saturday | Working Day | Abstain from Work |
| 3rd Saturday | Working Day | Abstain from Work |
| 2nd & 4th Saturday | Holiday | Holiday |
पेंडेंसी बनाम प्रोफेशनल बैलेंस
हाई कोर्ट का तर्क है कि शनिवार को काम करने से मुकदमों के बैकलाग (Backlog) को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं, वकीलों का मानना है कि सप्ताह के छह दिन काम करना उनके मानसिक स्वास्थ्य और अन्य कानूनी प्रतिबद्धताओं के लिए बोझिल है।
निष्कर्ष: समाधान की प्रतीक्षा
बार और बेंच के बीच यह टकराव अदालती कामकाज को प्रभावित कर सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या हाई कोर्ट वकीलों की मांगों पर विचार करते हुए शनिवार की वर्किंग के फैसले को वापस लेता है या कोई बीच का रास्ता निकालता है।

