Sanitation Drive: नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के समक्ष एक महत्वपूर्ण अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) पेश की है।
लुटियंस दिल्ली को साफ-सुथरा रखने के लिए NDMC ने अब उन लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जो सार्वजनिक स्थानों पर दाना डालकर गंदगी फैलाते हैं। परिषद ने इन गतिविधियों को विनियमित (Regulate) करने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। इस रिपोर्ट में पक्षियों (कबूतरों), बंदरों, आवारा कुत्तों और मवेशियों को खाना खिलाने से होने वाली गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए उठाए गए सख्त कदमों का विवरण दिया गया है।
कबूतर फीडिंग: चालान की बढ़ती संख्या
NDMC ने उन जगहों की पहचान की है जहाँ लोग कबूतरों को दाना डालते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ पिछले तीन महीनों में लगातार चालान किए गए हैं। जनवरी 2026 में 23, फरवरी में 14 और मार्च 2026 में 39 चालान किए गए। दाना डालने वाले स्थानों की अब रोजाना सफाई की जा रही है और वहां से अवैध वेंडरों को हटा दिया गया है।
आवारा कुत्तों के लिए ‘डेजिग्नेटेड पॉइंट्स’
- आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर अक्सर होने वाले विवादों को सुलझाने के लिए NDMC ने ‘पालिका ABC सोसाइटी’ के माध्यम से कदम उठाए हैं।
- 100 फीडिंग पॉइंट्स: परिषद ने पूरे क्षेत्र में कुत्तों को खाना खिलाने के लिए 100 विशिष्ट स्थान (Designated Points) चिह्नित किए हैं।
- इंस्ट्रक्शन बोर्ड: इन स्थानों पर 100 सूचना बोर्ड लगाए गए हैं ताकि लोग केवल वहीं कुत्तों को खाना खिलाएं।
- जागरूकता: रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
बंदरों और मवेशियों का प्रबंधन
- बंदरों के आतंक और गंदगी को रोकने के लिए NDMC ने ‘मंकी कैचर एजेंसी’ की मदद ली है।
- पकड़ और पुनर्वास: अब तक 2,000 से अधिक बंदरों को पकड़कर पशु चिकित्सा प्रमाणन के बाद सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया है।
- नवाचार: बंदरों को भगाने के लिए विभिन्न स्थानों पर लंगूर के कटआउट लगाए गए हैं।
- जुर्माना: बंदरों को खाना खिलाकर गंदगी फैलाने वाले 4 लोगों के खिलाफ भी चालान जारी किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
| जीव | मुख्य कार्यवाही |
| कबूतर | चिह्नित स्थानों पर रोजाना सफाई और गंदगी फैलाने वालों पर भारी चालान। |
| कुत्ते | 100 निश्चित फीडिंग पॉइंट्स का निर्माण और RWA के साथ मॉनिटरिंग। |
| बंदर | 2000+ बंदरों का पुनर्वास, लंगूर कटआउट और जागरूकता के लिए ‘नुक्कड़ नाटक’। |
| प्रसार | सोशल मीडिया, आधिकारिक वेबसाइट और संदेशों के जरिए लोगों को जागरूक करना। |
स्वच्छता और जीव सेवा का संतुलन
NDMC का यह कदम न केवल शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए है, बल्कि यह सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों (जैसे कबूतरों के बीट से होने वाली सांस की बीमारियां) को कम करने की भी एक कोशिश है। परिषद ने साफ कर दिया है कि जीव सेवा के नाम पर शहर में गंदगी फैलाना अब भारी पड़ सकता है।

