British News: ब्रिटिश जज ने ब्रिटेन में लेबर पार्टी (Labour Party) सरकार द्वारा लागू किए गए नए सॉफ्ट जस्टिस (नरम न्याय) सुधारों पर एक बेहद तीखी और गंभीर टिप्पणी की है।
लीड्स क्राउन कोर्ट के जज ने कहा, वे सरकार के नए नियमों के कारण “मजबूर” (Compelled) हैं, वरना वे अपनी ही बीमार और लाचार मां के बैंक खातों पर डाका डालने वाली एक निर्दयी बेटी को सीधे सलाखों के पीछे भेजते।
49 वर्षीय कैथरीन बार्निंगहैम (Catherine Barningham) नाम की एक अकाउंट मैनेजर ने अपनी 78 वर्षीय डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) से पीड़ित मां, एलिजाबेथ स्मिथ के पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) का फायदा उठाकर उनकी जीवनभर की कमाई से £43,000 (लगभग 46 लाख रुपये) उड़ा दिए। इन पैसों से उसने विदेशों में छुट्टियां मनाईं, लक्जरी कारें खरीदीं और एक अल्सेशियन नस्ल का पिल्ला (Alsatian Puppy) भी खरीदा।
मां के पास चिप्स तक के पैसे नहीं थे, बेटी उड़ा रही थी ऐश
लीड्स क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस ‘क्रूर’ धोखाधड़ी की जो बातें सामने आईं, उसने सबको झकझोर कर रख दिया।
करोड़ों का घर कौड़ियों में बेचा: कैथरीन ने अपनी मां के उस घर को, जिसकी बाजार में कीमत तीन गुना अधिक थी, केवल £40,000 (लगभग 42 लाख रुपये) में बेच दिया और सारी रकम खुद हड़प ली।
चिप्स के लिए भी तरसाया: जब मां की हालत बिगड़ी तो उन्हें एक केयर होम (वृद्धाश्रम) में भर्ती कराया गया। केयर होम के कर्मचारियों ने गवाही दी कि मां को एक खास ब्रांड के ‘सॉल्टेड चिप्स’ पसंद थे, लेकिन बेटी ने यह कहकर उन्हें खरीदने से मना कर दिया कि वे “बहुत महंगे” हैं। जबकि वह खुद बीएमडब्ल्यू (BMW) और मर्सिडीज जैसी लक्जरी कारें चला रही थी।
खाता कर दिया ओवरड्राफ्ट: वृद्धाश्रम के स्टाफ ने बताया कि बुजुर्ग महिला को लगता था कि उनके पास भारी बचत है, लेकिन बाद में उनके बेटे (कैथरीन के भाई) को पता चला कि मां का बैंक खाता £1,600 माइनस (Overdrawn) में चल रहा है।
यह एक नीच और घटिया चोरी है, लेकिन मैं कानूनन लाचार हूं: जज
मामले की सुनवाई करते हुए जज रॉबिन मेयर्स (Judge Robin Mairs) आरोपी महिला पर बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने कैथरीन को सीधे शब्दों में “अपनी ही मां का खून चूसने वाली चोर” कहा। लेकिन सजा सुनाते वक्त उन्होंने लेबर सरकार के नए नियमों पर अपनी बेबसी और गुस्सा जाहिर किया। बहुत से लोग सही कहेंगे कि यह एक बेहद नरम और उदार सजा (Lenient Sentence) है, और वास्तव में यह है भी। अगर लेबर सरकार की नई ‘कम्युनिटी एंड कस्टोडियल गाइडलाइंस’ (Custodial Guidelines) की मजबूरी न होती, तो मैं यह सजा कभी नहीं सुनाता। कानूनन मुझे आपकी जेल की सजा को निलंबित (Suspend) करना पड़ रहा है। लेकिन याद रखें, यह सिर्फ एक मौका है। अगर दोबारा गलती की, तो सीधे जेल जाओगी।
अदालत ने कैथरीन को 3 साल की निलंबित जेल की सजा (Suspended Sentence) सुनाई, जिसका मतलब है कि उसे अभी जेल नहीं जाना होगा। जेल से बचकर बाहर निकलते ही कैथरीन को अपने घर के पास एक दुकान से वाइन की बोतल, सिगरेट और फूलों का गुलदस्ता खरीदते हुए देखा गया, जिससे ब्रिटिश जनता में भारी आक्रोश है।
लेबर सरकार का वो नया नियम, जिससे बच रहे हैं अपराधी
ब्रिटेन की जेलों में कैदियों की बढ़ती संख्या और जगह की कमी को देखते हुए, इसी साल (2026 में) लेबर सरकार की न्याय सचिव शबाना महमूद (Shabana Mahmood) ने न्याय प्रणाली में बड़े बदलाव लागू किए हैं।
सस्पेंडेड सजा का दायरा बढ़ाया: पहले ब्रिटिश कानून में केवल 2 साल तक की जेल की सजा को ही जज निलंबित (यानी बिना जेल भेजे बाहर रहने की छूट) कर सकते थे। लेबर सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 3 साल कर दिया। इसी का फायदा इस मामले में आरोपी को मिला।
कैदियों की समय से पहले रिहाई: इन सुधारों के तहत ब्रिटिश सरकार ने जेलों में जगह खाली करने के लिए हजारों कैदियों को उनकी केवल 40% सजा पूरी होने पर ही समय से पहले रिहा करने का आदेश भी दिया है।
नरम शर्तें: अब जजों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे सजा सुनाते समय अपराधी के पुनर्वास (Rehabilitation), समाज को नुकसान और उसके आश्रितों पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखकर जेल भेजने के बजाय बाहर रखने पर विचार करें।
विश्लेषण: ₹63 लाख सालाना सैलरी, फिर भी मां से ठगी
| पहलू | विवरण और केस के मुख्य तथ्य |
| आरोपी की आर्थिक स्थिति | 49 वर्षीय कैथरीन बार्निंगहैम कोई गरीब नहीं थी। वह दिग्गज मैन्युफैक्चरिंग कंपनी 3M में काम करती है और उसकी सालाना सैलरी £59,000 (लगभग 63 लाख रुपये) है। जज ने कहा कि वह अपनी सैलरी से यह लाइफस्टाइल रख सकती थी, लेकिन उसने ‘लालच’ के चलते मां को लूटा। |
| धोखाधड़ी का ब्रेकअप | उसने अपनी मां के पैसों में से £4,118 फोन बिल पर, £3,850 अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल फर्म TUI पर और £12,559 बिना किसी स्पष्टीकरण के एटीएम (ATM) से नकद निकाल कर उड़ाए। |
| आरोपी का बहाना | दिसंबर 2024 में जब पुलिस ने उसे पकड़ा, तो उसने इसे ‘ईमानदार भूल’ बताया। बाद में कोर्ट में उसने दावा किया कि उस पर जुए का कर्ज (Gambling Debts) और वित्तीय दबाव था। |

