Counselling Centre: दिल्ली के नए शादीशुदा जोड़े ने शादी के कुछ ही दिन बाद पारिवारिक परामर्श केंद्र में तलाक की मांग वाली अर्जी लगाई है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ और दिल्ली के एक जोड़े के बीच बढ़ा विवाद
दरअसल, शादी के बाद हनीमून (Honeymoon) का समय नए शादीशुदा जोड़े के लिए एक-दूसरे को समझने और शादी की थकान मिटाने का एक बेहद निजी (Private) पल होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के मेरठ और दिल्ली के एक जोड़े के बीच इसी हनीमून को लेकर ऐसा ‘महाभारत’ छिड़ा कि बात अब सीधे तलाक (Divorce) तक पहुंच गई है। पत्नी का आरोप है कि उसका पति उनके प्राइवेट हनीमून पर अपने पूरे परिवार (माता-पिता और भाई-बहन) को साथ ले आया था।
मेट्रोमोनियल साइट से हुई थी शादी, नैनीताल में मिला सरप्राइज
पारिवारिक परामर्श केंद्र (Family Counselling Centre) से सामने आए विवरण के अनुसार, यह अजीबोगरीब मामला मेरठ के रामराज इलाके की रहने वाली एक युवती और दिल्ली के पटेल नगर के एक युवक का है।
वेबसाइट से हुआ था रिश्ता: पिछले साल दोनों की शादी एक नामी मेट्रोमोनियल वेबसाइट के जरिए तय होने के बाद धूमधाम से हुई थी।
नैनीताल का ‘फैमिली ट्रिप’: शादी के बाद दोनों ने हनीमून के लिए उत्तराखंड के खूबसूरत हिल स्टेशन नैनीताल जाने का प्लान बनाया। पत्नी को उम्मीद थी कि यह उनका बेहद निजी और रोमांटिक ट्रिप होगा।
रेलवे स्टेशन पर खुला राज: जब वे यात्रा के लिए निकले, तो पत्नी यह देखकर हैरान रह गई कि उसके सास-ससुर, ननद और देवर भी सामान समेटे उनके साथ नैनीताल जाने के लिए खड़े थे। पति ने पत्नी को बिना बताए पूरे परिवार का टिकट बुक करा लिया था।
सिंगापुर से पढ़ा है पति, बोला- सबकी खुशी के लिए ऐसा किया
नैनीताल से लौटने के बाद इस बात को लेकर दोनों के बीच रोज-रोज झगड़े होने लगे। पत्नी की दलील थी कि ससुराल वालों की मौजूदगी के कारण उन्हें एक-दूसरे के साथ ‘क्वालिटी टाइम’ बिताने का मौका ही नहीं मिला। दिलचस्प बात यह है कि पति ने सिंगापुर से हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट (Hospitality Management) की पढ़ाई की है। इसके बावजूद उसने इस स्थिति को बिल्कुल अलग नजरिए से देखा। काउंसिलिंग के दौरान पति इस बात पर अड़ा रहा कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है। उसका कहना था, मैं अपने परिवार को साथ इसलिए ले गया था ताकि सब लोग खुश रह सकें। पति को इस बात का जरा भी पछतावा नहीं था कि उसने अपने हनीमून को एक ‘फैमिली टूर’ में बदल दिया।
‘दुबई ट्रिप’ ने आग में घी का काम किया
मामला तब और ज्यादा बिगड़ गया जब दोनों ने कुछ समय बाद दुबई (Dubai) जाने की योजना बनाई। पत्नी को लगा कि पति अपनी पिछली गलती सुधार रहा है और इस बार वे दोनों अकेले जाएंगे। लेकिन ऐन वक्त पर पति ने एक बार फिर अपनी वही जिद दोहरा दी कि इस विदेशी दौरे पर भी उसका पूरा परिवार उनके साथ जाएगा। यह सुनते ही पत्नी के सब्र का बांध टूट गया।
थाना और काउंसिलिंग सेंटर पहुंचे, पर बात नहीं बनी
दोनों के बीच तनाव इस कदर बढ़ा कि विवाद मेरठ के स्थानीय थाने तक जा पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने और समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी, तो मामले को पुलिस लाइंस स्थित फैमिली काउंसिलिंग सेंटर भेज दिया गया।
3 दौर की काउंसिलिंग रही फेल: काउंसिलिंग सेंटर के सलाहकारों ने पति-पत्नी को समझाने और उनका घर बचाने के लिए तीन अलग-अलग सत्र (Sessions) आयोजित किए।
गंभीर आरोप-प्रत्यारोप: इन सत्रों के दौरान दोनों ने अकेले में अपनी बात रखी और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।
पीछे हटने को तैयार नहीं: काउंसलर्स के मुताबिक, तमाम कोशिशों के बाद भी दोनों में से कोई भी अपना रुख बदलने को तैयार नहीं है। तीन दौर की काउंसिलिंग पूरी तरह विफल रहने के बाद, अब इस जोड़े ने कानूनी रूप से अलग होने (तलाक) का मन बना लिया है।
विश्लेषण: भारतीय शादियों में ‘निजता’ (Privacy) बनाम ‘पारिवारिक संस्कृति’
| विवाद का मुख्य बिंदु | दोनों पक्षों का दृष्टिकोण और सामाजिक समझ |
| पत्नी की मांग | आधुनिक समय में नए जोड़े आपसी समझ विकसित करने के लिए ‘स्पेस’ और प्राइवेसी चाहते हैं, जिसे पत्नी अपना अधिकार मान रही थी। |
| पति का तर्क | पति ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) की मानसिकता से ग्रसित था, जहां वह पत्नी की व्यक्तिगत खुशी से ऊपर पूरे परिवार की सामूहिक खुशी को रख रहा था। |
| परामर्शदाताओं का निष्कर्ष | काउंसलर्स का मानना है कि यह मामला केवल हनीमून का नहीं है, बल्कि दोनों के बीच ‘वैचारिक मतभेद’ (Compatibility Issue) और प्राथमिकताओं के टकराव का है, जो आगे चलकर और गंभीर हो सकता है। |
बॉटमलाइन (The Bottom Line)
यह अनोखा मामला यह साफ करता है कि पढ़े-लिखे होने और व्यावहारिक समझ (Common Sense) होने में बहुत बड़ा अंतर होता है। सिंगापुर से मैनेजमेंट पढ़ने वाला पति यह बुनियादी बात समझने में नाकाम रहा कि शादी के शुरुआती दिन सिर्फ दो लोगों के लिए होते हैं, न कि पारिवारिक पिकनिक के लिए। अपनी इसी जिद और मम्माज बॉय (Mama’s Boy) वाली छवि के चक्कर में उसने अपना ही घर उजाड़ लिया। अब इस अनोखे ‘पारिवारिक हनीमून’ का अंत अदालत की चौखट पर तलाक के साथ होने जा रहा है।

