Thursday, July 2, 2026
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BCD Election: मतपत्रों में छेड़छाड़ के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मतगणना पर लगाई रोक

BCD Election: सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश जारी करते हुए बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (Bar Council of Delhi – BCD) के चुनावों की मतों की गिनती (Vote Counting) पर तत्काल प्रभाव से रोक (Stay) लगा दी है।

मतपत्रों में कथित तौर छेड़छाड़ व अनियमितता का मामला

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने चुनावों में धांधली से जुड़ी याचिकाओं को दिल्ली हाई कोर्ट की एक विशेष पीठ (Special Bench) को स्थानांतरित (Transfer) कर दिया है और हाई कोर्ट को इस मामले की रोजाना (Day-to-day) सुनवाई करने का निर्देश दिया है। यह फैसला मतपत्रों (Ballot Papers) में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुई छेड़छाड़ और अनियमितताओं के आरोपों के बाद आया है।

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) का चुनाव

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के चुनाव इस साल फरवरी में आयोजित किए गए थे, जिसकी देखरेख दिल्ली हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस तलवंत सिंह बतौर रिटर्निंग ऑफिसर (Returning Officer) कर रहे थे। हालांकि, यह पूरी चुनाव प्रक्रिया शुरुआत से ही भारी विवादों और अनुशासनहीनता के साए में रही है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश (18 मई 2026)

  • मतगणना पर रोक: सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने मामले का उल्लेख (Mentioning) करते हुए अदालत को बताया कि कथित तौर पर जिन मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई थी, उन्हें भी गिनती में शामिल किया जा रहा है। इसके बाद शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट का फैसला आने तक मतगणना को पूरी तरह रोक दिया।
  • गोपनीय पत्र हाई कोर्ट को ट्रांसफर: रिटर्निंग ऑफिसर जस्टिस तलवंत सिंह ने 2 मई को बार चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट को एक गोपनीय पत्र (Confidential Letter) भेजा था। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह इस गोपनीय पत्र को आवश्यक कार्रवाई के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को अग्रेषित (Forward) करे।

चुनावों से जुड़े मुख्य विवाद और निलंबन (The Controversy Timeline)

  • फरवरी 2026 में हुए इन चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (MCC) और चुनाव नियमों के उल्लंघन के बेहद गंभीर मामले सामने आए थे।
  • उम्मीदवारों का निलंबन: 22 फरवरी को आचार संहिता के व्यापक उल्लंघन के आरोप में दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं (Senior Advocates) सहित 67 उम्मीदवारों को समरी सस्पेंशन (तत्काल निलंबन) पर रख दिया गया था। कुल 79 वकीलों को नोटिस दिए गए थे, जिनमें से 63 के नोटिस स्पष्टीकरण के बाद 23 फरवरी को वापस ले लिए गए थे।
  • रिटर्निंग ऑफिसर से बदसलूकी: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने एक वकील को चुनाव अधिकारी जस्टिस तलवंत सिंह के साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई की कोशिश करने के आरोप में अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया था। उक्त वकील पर भीड़ को भड़काने और चुनाव मशीनरी के खिलाफ नारेबाजी का आरोप था।
  • पूर्व डीएचसीबीए (DHCBA) अध्यक्ष पर कार्रवाई: पिछले महीने (अप्रैल में), बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव खोसला और 9 अन्य अधिवक्ताओं को चुनाव अधिकारियों के साथ “हाथापाई, धक्का-मुक्की और गाली-गलौज” करने के आरोप में वकालत के रोल (Rolls) से निलंबित कर दिया था।

मामले का सारांश (Quick Highlights)

मुख्य विवरणसुप्रीम कोर्ट का रुख और आदेश
माननीय न्यायाधीशमुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची
तात्कालिक आदेशदिल्ली हाई कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक वोटों की गिनती पर पूर्ण रोक।
हाई कोर्ट को निर्देशमामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट को दिन-प्रतिदिन (Daily Basis) सुनवाई करने का आदेश।
रिटर्निंग ऑफिसरजस्टिस (सेवानिवृत्त) तलवंत सिंह

कानूनी बिरादरी में अनुशासन का संदेश

देश के वकीलों की सर्वोच्च संस्थाओं में से एक (BCD) के चुनावों में मतपत्रों से छेड़छाड़ और चुनाव अधिकारियों (जो खुद पूर्व जज हैं) के साथ मारपीट के आरोप बेहद गंभीर हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतगणना पर रोक लगाना और दिल्ली हाई कोर्ट को रोज़ाना सुनवाई का जिम्मा सौंपना यह साफ करता है कि न्यायपालिका वकीलों के चुनावों में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, अनुशासनहीनता या चुनावी धांधली को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

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