Monday, September 14, 2026
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IRCTC Pilgrimage Tour: अंतिम समय पर बोर्डिंग पॉइंट बदला…तीर्थयात्रा में हुई देरी और छूटे धार्मिक अनुष्ठान, IRCTC पर लगा ₹30,000 का जुर्माना

केस मैट्रिक्स: Kerala Consumer Commission Order on IRCTC Pilgrimage Tour

पहलूविवरण
संबंधित आयोगजिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, केरल
पीठ के सदस्यअध्यक्ष पी. वी. जयराजन, सदस्य प्रीथा जी. नायर एवं विजू वी. आर.
शिकायतकर्ताकेरल निवासी महिला तीर्थयात्री
विपक्षी संस्थानIRCTC (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन)
यात्रा का रूटकोचुवेली से पुरी, काशी, अयोध्या, प्रयागराज संगम
कुल मुआवजा₹30,000 (मुआवजा) + ₹3,000 (कानूनी खर्च) = कुल ₹33,000
मुख्य कानूनी सिद्धांतटूर ऑपरेटर केवल ‘ऑपरेशनल इश्यूज’ का बहाना बनाकर तय धार्मिक यात्रा में कटौती और अव्यवस्था के दायित्व से बच नहीं सकते।

IRCTC Pilgrimage Tour: रेलवे की पर्यटक पैकेज यात्राओं (Package Tours) में कुप्रबंधन और अव्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए केरल के एक जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने IRCTC (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन) को सेवा में कमी (Deficiency in Service) का दोषी ठहराया है।

उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पी. वी. जयराजन तथा सदस्य प्रीथा जी. नायर और विजू वी. आर. की पीठ ने IRCTC की सफाई को खारिज करते हुए कहा कि टूर ऑपरेटर परिचालन संबंधी बाधाओं की आड़ लेकर यात्रियों को हुई गंभीर असुविधाओं से अपना पल्ला नहीं झाड़ सकते। उपभोक्ता आयोग ने उत्तर प्रदेश और ओडिशा की धार्मिक यात्रा पर गई एक महिला श्रद्धालु को हुई मानसिक प्रताड़ना, वित्तीय नुकसान और अनुष्ठान छूटने के एवज में ₹30,000 का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

मामला क्या था?: 17 घंटे की देरी और धार्मिक स्थलों की कटौती

  • पैकेज यात्रा का विवरण: शिकायतकर्ता महिला ने अपने पति के साथ IRCTC द्वारा आयोजित एक विशेष तीर्थयात्रा पैकेज (पुरी, काशी, अयोध्या, और प्रयागराज संगम) के लिए दो टिकट बुक किए थे।
  • बोर्डिंग पॉइंट में अचानक बदलाव: यात्रा 10 दिसंबर 2022 को कोचुवेली रेलवे स्टेशन से शुरू होनी थी। लेकिन IRCTC ने अंतिम समय पर बोर्डिंग पॉइंट बदलकर एर्नाकुलम कर दिया, जिससे दंपति को अपने खर्चे पर टैक्स से ट्रैवल करना पड़ा।
  • 17 घंटे की देरी: ट्रेन 10 दिसंबर की बजाय 11 दिसंबर को तड़के 2 बजे (लगभग 17 घंटे देरी से) रवाना हुई।
  • अनुष्ठान और दर्शनीय स्थल छूटे: यात्रा में हुई भारी देरी के कारण कई तय धार्मिक स्थल छूट गए या वहां रुकने का समय बेहद कम कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान (Religious Rituals) पूरे नहीं कर पाए, रहने की घटिया व्यवस्था थी, और भोजन भी अस्वच्छ था।
  • IRCTC का पक्ष: IRCTC ने दलील दी कि बोर्डिंग पॉइंट में बदलाव और देरी चक्रवाती तूफान (Cyclone) तथा रेलवे के परिचालन संबंधी कारणों (Operational Reasons) की वजह से हुई थी। IRCTC ने यात्रियों को भोजन दिया था और टैक्सी का किराया रिफंड करने की पेशकश की थी।

उपभोक्ता आयोग की मुख्य विधिक टिप्पणियां

बहानेबाजी से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती

IRCTC के लिखित जवाब की समीक्षा करते हुए उपभोक्ता आयोग की मुख्य टिप्पणी: IRCTC शिकायतकर्ता और अन्य सह-यात्रियों को हुई असुविधाओं से इनकार करने के बजाय, विभिन्न परिस्थितियों का हवाला देकर उन असुविधाओं को सही ठहराने का बहाना ढूंढ रहा है। विपक्षी दल के अपने लिखित जवाब से ही यह स्पष्ट है कि यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ा।

पैकेज टूर ऑपरेटरों की जवाबदेही

आयोग ने स्पष्ट किया कि पैकेज टूर आयोजित करने वाली एजेंसियों की यह जिम्मेदारी है कि वे तय किए गए यात्रा कार्यक्रम (Itinerary) को निष्पादित करें। ट्रेन में देरी या खराब प्रबंधन के लिए यात्रियों को मानसिक और धार्मिक रूप से पीड़ित नहीं छोड़ा जा सकता।

उपभोक्ता आयोग का अंतिम आदेश

  1. ₹30,000 का मुआवजा: IRCTC को आदेश जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर शिकायतकर्ता को मानसिक प्रताड़ना और भावनात्मक नुकसान के लिए ₹30,000 का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया।
  2. कानूनी खर्च: इसके अतिरिक्त, कानूनी कार्यवाही के खर्च के रूप में ₹3,000 का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया।

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