Monday, September 14, 2026
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All-Women Special Sitting: ऐतिहासिक पहला कदम…1 अगस्त को धारवाड़ पीठ की सभी 7 पीठों की अध्यक्षता करेंगी केवल महिला जज

केस मैट्रिक्स: All-Women Special Sitting at Karnataka HC Dharwad Bench

पहलूविवरण
आयोजन तिथि1 अगस्त 2026 (शनिवार)
संबंधित अदालतकर्नाटक उच्च न्यायालय, धारवाड़ पीठ (Dharwad Bench)
आदेशकर्तामुख्य न्यायाधीश जस्टिस विभु बाखरू (Chief Justice Vibhu Bakhru)
कुल पीठों की संख्या7 पीठें (3 डिवीजन बेंच + 4 सिंगल बेंच)
कुल महिला न्यायाधीश10 माननीय न्यायाधीश
मुख्य संदेशउच्च न्यायपालिका में लैंगिक समानता, न्याय का विकेंद्रीकरण और महिला सशक्तिकरण।

All-Women Special Sitting: भारतीय न्यायिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ पीठ में आगामी 1 अगस्त 2026 को एक विशेष मील का पत्थर स्थापित होने जा रहा है।

कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विभु बाखरू के निर्देश पर जारी इस विशेष रोस्टर आदेश को देश में लैंगिक न्याय (Gender Justice) और न्यायपालिका में महिला सशक्तिकरण के एक बड़े प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। उस दिन धारवाड़ पीठ की सभी सात की सात अदालतें (Benches) पूरी तरह से केवल महिला न्यायाधीशों द्वारा संचालित की जाएंगी।

पृष्ठभूमि: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की मांग पर ऐतिहासिक फैसला

  • प्रस्ताव की शुरुआत: मार्च 2026 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर धारवाड़ एडवोकेट्स एसोसिएशन (और एसोसिएशन की महिला प्रतिनिधि एडवोकेट संजना एस. मुधोल) ने मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू को एक पत्र लिखकर विशेष महिला पीठ गठित करने का अनुरोध किया था।
  • ऐतिहासिक स्वीकृति: मुख्य न्यायाधीश ने न केवल अनुरोध स्वीकार किया, बल्कि उत्तर कर्नाटक की क्षेत्रीय पीठ को सम्मान देते हुए पूरी धारवाड़ पीठ में 1 अगस्त को केवल महिला जजों की विशेष बैठक (Special Saturday Sitting) का रोस्टर जारी कर दिया।
  • ऐतिहासिक महत्व: भारतीय न्यायपालिका में यह पहली बार है जब किसी उच्च न्यायालय का एक पूरा बेंच-विंग (सभी 7 पीठें) एक साथ केवल महिला न्यायाधीशों द्वारा संचालित होगा।

अगस्त की कोर्ट व्यवस्था और 10 महिला न्यायाधीश

धारवाड़ पीठ में कुल 7 अदालतें होंगी, जिनमें 3 डिवीजन बेंच (दो-दो जजों की पीठ) और 4 सिंगल बेंच (एक-एक जज की पीठ) शामिल होंगी:

तीन डिवीजन बेंच (Division Benches)

  • कोर्ट हॉल 2: जस्टिस अनु शिवरामन एवं जस्टिस के. जी. शांति
  • कोर्ट हॉल 3: जस्टिस ज्योति एम. एवं जस्टिस पी. श्री सुधा
  • अन्य डिवीजन बेंच: जस्टिस ललिता कन्नेगंती एवं जस्टिस के. एस. हेमलेखा

चार सिंगल बेंच (Single Benches)

  • जस्टिस डॉ. चिल्लाकुर सुमलता
  • जस्टिस तारा वितस्त गंजू
  • जस्टिस गीता के. बी.
  • जस्टिस राजेश्वरी एन. हेगड़े

कानूनी जगत की प्रतिक्रियाएं

बी. डी. हिरेमठ (अध्यक्ष, धारवाड़ एडवोकेट्स एसोसिएशन): यह विशेष बैठक लैंगिक न्याय और सशक्तिकरण का एक बड़ा प्रतीक है। यह उत्तर कर्नाटक ही नहीं, बल्कि पूरे देश की युवा महिला वकीलों, कानून के छात्रों और महिला कानूनी विशेषज्ञों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगी। धारवाड़ एडवोकेट्स एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू को पत्र लिखकर आभार व्यक्त किया और कहा कि इस फैसले ने क्षेत्रीय पीठों के प्रति विश्वास और संस्थागत गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया है।

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