केस का संक्षिप्त ब्योरा (Case Snapshot)
| पहलू | विधिक ब्योरा |
| अदालत | दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) |
| न्यायाधीश | जस्टिस अनूप जयराम भंभानी |
| वादी (Plaintiff) | बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL / टाइम्स नाउ नवभारत) |
| प्रतिवादी (Defendants) | सुशांत सिन्हा एवं नेटवर्क 18 (Media18) |
| विवाद का विषय | ‘न्यूज की पाठशाला’ बनाम ‘देश की पाठशाला’ (कॉपीराइट व ट्रेडमार्क उल्लंघन) |
| टाइम्स नाउ के वर्तमान एंकर | रूबिका लियाकत (Rubika Liyaquat) |
| अगली सुनवाई की तिथि | 25 अगस्त 2026 |
किसकी है पाठशाला?: टीवी न्यूज चैनलों के बीच प्राइम-टाइम शो के फॉरमैट और बौद्धिक संपदा (IPR) को लेकर एक बड़ा कानूनी युद्ध छिड़ गया है।
मामले की सुनवाई जस्टिस अनूप जयराम भंभानी (Justice Anup Jairam Bhambhani) की पीठ के समक्ष हुई। यह विवाद नेटवर्क 18 के नए शो “देश की पाठशाला” के शीर्षक और फॉरमैट को लेकर है, जिसे बेनेट कोलमैन ने टाइम्स नाउ नवभारत के लोकप्रिय शो “न्यूज की पाठशाला” का पूर्ण उल्लंघन और नकल (Deceptively Similar) बताया है। ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ की मूल कंपनी बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) ने अपने पूर्व एंकर सुशांत सिन्हा और नेटवर्क 18 (Network 18) के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन का मुकदमा दायर किया है।
कोर्ट रूम ड्रामा: पक्षों के मुख्य तर्क
'पाठशाला' शो विवाद: अदालती दलीलें
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टाइम्स नाउ नवभारत (BCCL) के तर्क सुशांत सिन्हा और नेटवर्क 18 के तर्क
• "न्यूज की पाठशाला" का फॉरमैट, कलर स्कीम और स्टाइल चुराया। • "पाठशाला" शब्द का इस्तेमाल 2015 से अन्य शो में होता रहा है।
• पूर्व कंसलटेंट ने पूरा शो फॉरमैट नए चैनल पर रिप (Copy) किया। • BCCL द्वारा दायर अंतरिम राहत की याचिका का विरोध किया।
टाइम्स नाउ (BCCL) का पक्ष — “वह कोई अजनबी नहीं, जिसे हमने बनाया”
BCCL की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत सिंह ने पक्ष रखते हुए कहा, सुशांत सिन्हा हमारे पूर्व कंसलटेंट हैं। वे 2021 से 5 साल तक हमारे साथ थे और अप्रैल 2026 में कंपनी छोड़कर 5 अन्य कर्मचारियों के साथ नेटवर्क 18 चले गए। जब वे 2021 में हमारे स्टूडियो आए थे, तब वे ‘कोई नहीं’ (a nobody) थे, हमने उन्हें बनाया। अब वही एंकर उसी फॉरमैट में प्रतिद्वंद्वी चैनल पर शो चला रहा है और उसे ‘देश की पाठशाला’ कह रहा है। यदि यह हमारी गुडविल और बौद्धिक संपदा की चोरी नहीं है, तो क्या है?
कॉपीराइट व ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोप
- फॉरमैट की नकल: क्लासरूम जैसा माहौल, डिजिटल ब्लैकबोर्ड का इस्तेमाल, और एंकर का शिक्षक (Teacher) की तरह व्यवहार करना।
- शब्दों और सेगमेंट की नकल: ‘न्यूज की पाठशाला’ में “आज कौन-कौन सा चैप्टर खोलने वाला हूं” के जवाब में ‘देश की पाठशाला’ में “आज कौन-कौन सी खबरों के अध्याय खोलने जा रहा हूं” कहना।
- ट्रेडमार्क: दोनों शो के लोगो का रंग (Color combination) और अक्षरों की शैली (Style of lettering) पूरी तरह समान है।
सुशांत सिन्हा और नेटवर्क 18 का पक्ष — “पाठशाला शब्द पर किसी का एकाधिकार नहीं”
- सुशांत सिन्हा के वकील: सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी ने BCCL के दावों का विरोध करते हुए कहा कि BCCL ने पहले भी याचिका दायर की थी जिसमें उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं मिली थी।
- नेटवर्क 18 के वकील: सीनियर एडवोकेट संजीव सिंधवानी ने तर्क दिया कि ‘पाठशाला’ शब्द का इस्तेमाल समाचार और अन्य टीवी कार्यक्रमों के लिए 2015 से (टाइम्स नाउ के शो शुरू करने से बहुत पहले) होता आ रहा है। इसलिए BCCL इस शब्द पर एक्सक्लूसिव दावा नहीं कर सकता।
दिल्ली हाई कोर्ट का वर्तमान रुख
- नोटिस जारी: हाई कोर्ट ने सुशांत सिन्हा और नेटवर्क 18 को मुकदमे का समन जारी किया है और 30 दिनों के भीतर अपना लिखित जवाब (Written Statement) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
- अंतरिम रोक (Injunction) पर आदेश नहीं: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह नेटवर्क 18 और सुशांत सिन्हा का औपचारिक जवाब आने के बाद ही शो पर रोक (Interim Injunction) लगाने की याचिका पर विचार करेगा।
- अगली सुनवाई: इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त [2026] को तय की गई है।
बॉटमलाइन (The Bottom Line)
टीवी मीडिया इंडस्ट्री में शो के कॉन्सेप्ट, विजुअल एलिमेंट्स और एंकर के पर्सनल ब्रांड को लेकर यह मुकदमा मील का पत्थर साबित हो सकता है। अब सभी की निगाहें 25 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर हैं, जब कोर्ट तय करेगा कि ‘पाठशाला’ फॉरमैट पर किसका कानूनी अधिकार है।

