Monday, June 15, 2026
HomeLaworder HindiDowry death: ऑपरेशन सिंदूर में शामिल होना घरेलू अत्याचार से छूट नहीं...

Dowry death: ऑपरेशन सिंदूर में शामिल होना घरेलू अत्याचार से छूट नहीं देता…इस मामले में सुप्रीम निर्देश

Dowry death: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने से किसी को घर में अत्याचार करने की छूट नहीं मिलती।

दोषी को सरेंडर से छूट देने की अपील

न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की बेंच ने यह टिप्पणी उस अपील की सुनवाई के दौरान की, जिसमें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने दोषी की सजा को बरकरार रखा था। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक दहेज हत्या मामले में दोषी को सरेंडर से छूट देने से इनकार करते हुए की। सुनवाई के दौरान दोषी के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने कहा कि उनका मुवक्किल ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहा है और पिछले 20 साल से राष्ट्रीय राइफल्स में ब्लैक कैट कमांडो के रूप में तैनात है।

पत्नी की गला दबाकर हत्या का आरोप

बेंच ने कहा, “इससे आपको घर में अत्याचार करने की छूट नहीं मिलती। इससे तो यह साबित होता है कि आप कितने शारीरिक रूप से सक्षम हैं और आपने किस तरह अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या की होगी।
कोर्ट ने कहा कि यह गंभीर अपराध है और यह मामला छूट देने लायक नहीं है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी कर दिया है और छह हफ्तों में जवाब मांगा है।

दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था

जुलाई 2004 में अमृतसर की एक ट्रायल कोर्ट ने बलजिंदर सिंह को आईपीसी की धारा 304-बी (दहेज हत्या) के तहत दोषी ठहराया था। आरोप था कि शादी के दो साल के भीतर ही उसकी पत्नी की मौत हो गई थी और उसे ससुराल में दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
clear sky
43 ° C
43 °
43 °
15 %
4.5kmh
0 %
Mon
43 °
Tue
45 °
Wed
46 °
Thu
46 °
Fri
44 °

Recent Comments