मामला सारांश (At a Glance)
| पहलू | विवरण |
| फोरम | केरल राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (Kerala State CDRC) |
| मुख्य मुद्दा | वैवाहिक वेबसाइट द्वारा रसीद पर किए गए 100 संपर्कों के वादे को पूरा न करना। |
| अंतिम निर्णय | सेवा में कमी पाई गई; ₹15,000 रिफंड और ₹5,000 मुआवजे का आदेश। |
Matrimonial Site: केरल राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (State Consumer Commission) ने सेवा में कमी (Deficiency in Service) के एक मामले में वैवाहिक वेबसाइट को ग्राहक को ₹15,000 की राशि लौटाने और ₹5,000 का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
यह आदेश आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बी. सुधींद्र कुमार (Justice B Sudheendra Kumar), न्यायिक सदस्य अजीत कुमार डी. और सदस्य के. आर. राधाकृष्णन की पीठ ने मैट्रिमोनियल कंपनी द्वारा दायर अपील पर दिया। वेबसाइट ने ग्राहक से पूरे पैसे लेने के बाद वादे के मुताबिक 100 में से केवल 51 संभावित वधुओं के संपर्क नंबर (Contacts) ही उपलब्ध कराए थे।
आयोग के मुख्य निष्कर्ष (Key Commission Findings)
- वादे के अनुसार सेवा देना अनिवार्य:“चूंकि विपरीत पक्ष (वेबसाइट) ने 100 कॉन्टैक्ट्स प्रदान करने के आश्वासन के साथ पैसे एकत्र किए थे, इसलिए वे 100 कॉन्टैक्ट्स प्रदान करने के लिए बाध्य थे… जैसा कि खुद कंपनी ने स्वीकार किया है कि उन्होंने केवल 51 कॉन्टैक्ट्स दिए, यह स्पष्ट रूप से सेवा में कमी (Deficiency in Service) है।”
- रिफंड राशि कम करने का तर्क
- जिला फोरम ने कंपनी को पूरे ₹25,960 वापस करने का आदेश दिया था।
- हालांकि, राज्य आयोग ने पाया कि 3 महीने की सदस्यता अवधि के दौरान कंपनी ने 51 संपर्क प्रदान किए थे, इसलिए पूरी राशि लौटाना उचित नहीं होगा। न्याय के हित में रिफंड की राशि घटाकर ₹15,000 कर दी गई, जबकि ₹5,000 के मुआवजे को बरकरार रखा गया।
मामले की पृष्ठभूमि (Case Background)
- शिकायतकर्ता: एक व्यक्ति ने शादी के लिए उपयुक्त रिश्ते ढूंढने के उद्देश्य से मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर ₹25,960 का भुगतान कर तीन महीने की सदस्यता ली थी।
- विवाद: ग्राहक को जारी की गई रसीद (Receipt) पर स्पष्ट रूप से लिखा था कि उसे 100 कॉन्टैक्ट्स दिए जाएंगे। जून 2024 में कंपनी ने ग्राहक को सूचित किया कि उसकी प्लान अवधि समाप्त हो गई है और उसे आगे सेवा के लिए फिर से भुगतान करना होगा। ग्राहक का आरोप था कि उसे 100 संपर्क नहीं मिले और दिए गए 51 संपर्कों में से कोई भी उपयुक्त नहीं था।
- कंपनी का पक्ष: कंपनी ने तर्क दिया कि ग्राहक वेबसाइट पर खुद भी प्रोफाइल एक्सेस कर सकता था। सुरक्षा और प्रोफाइल सत्यापन में समय लगता है और ग्राहक ने नियम व शर्तों को समझकर प्लान लिया था।
उपभोक्ता फोरम का अंतिम आदेश
राज्य उपभोक्ता आयोग ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, कोट्टायम के फैसले में आंशिक संशोधन करते हुए मैट्रिमोनियल वेबसाइट को निम्नलिखित भुगतान करने का निर्देश दिया।
- रिफंड (Refund): ₹15,000 (अधूरी सेवा प्रदान करने के कारण)।
- मुआवजा (Compensation): ₹5,000 (मानसिक परेशानी और सेवा में कमी के लिए)।
- कुल राहत: शिकायतकर्ता को ₹20,000 मिलेंगे।

