Saturday, August 15, 2026
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Himachal Pradesh: पार्वती घाटी और कसोल में प्रशासन के कथित संरक्षण में चल रही हाई-प्रोफाइल रेव पार्टियों और ड्रग्स का खुले खेल…केस से समझें

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल पार्वती घाटी (Parvati Valley) और कसोल में प्रशासन के कथित संरक्षण में चल रही हाई-प्रोफाइल रेव पार्टियों (Rave Parties) और ड्रग्स के खुले खेल पर बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

डीआईजी रैंक के नेतृतव में विशेष जांच टीम गठित करें

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने इन तीनों शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Proceedings) शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने इस पूरे नेक्सस की जांच के लिए एफआईआर (FIR) दर्ज करने और कम से कम डीआईजी (DIG) रैंक के अधिकारी की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन करने का आदेश दिया है।

कुल्लू के DC, SP और SDM को एक हफ्ते में हटाएं: अदालत

अदालत ने इसे जिला प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था के सामने ‘घुटने टेकने (Abject Surrender) का क्लासिक उदाहरण’ बताते हुए सूबे की सरकार को कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर (DC) अनुराग चंद्र शर्मा, पुलिस अधीक्षक (SP) मदन लाल और एसडीएम (SDM) निशांत ठाकुर को एक सप्ताह के भीतर हटाने (Transfer) का आदेश दिया है।

खुफिया रिपोर्ट को रद्दी की टोकरी में डाल SDM ने दी ‘म्यूजिक पार्टी’ की इजाजत

हाई कोर्ट ने 24 जून 2026 को दिए अपने विस्तृत आदेश (जो शनिवार को जारी हुआ) में कुल्लू प्रशासन की संदेहास्पद भूमिका की क्रोनोलॉजी को उजागर किया।

डीएसपी की चेतावनी: 5 जून, 2026 को डीएसपी (हेडक्वार्टर) ने एक बेहद प्रतिकूल (Adverse) रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें साफ लिखा था कि कसोल के पास सुनसान जंगलों (ग्रीन फॉरेस्ट) में डीजे और म्यूजिक की अनुमति देने से बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों (Narcotics) की तस्करी और खपत होगी। स्थानीय पुलिस के पास ५,००० लोगों की भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त मैनपावर नहीं है।

अगले ही दिन परमिशन: इस लिखित चेतावनी को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए 6 जून 2026 को ही एसडीएम ने पार्टी आयोजकों (यशपाल और ईश्वर सिंह) को लाउडस्पीकर/साउंड सिस्टम बजाने की हरी झंडी दे दी।

रूस की डीजे की संदिग्ध मौत: 7 से 11 जून तक चली इस रेव पार्टी में बेंगलुरु, हैदराबाद, दिल्ली, गोवा और इजरायल से हजारों हुड़दंगी पहुंचे थे, जिन्होंने 10,000 से 16,000 रुपये प्रति टिकट दिया था। इस पार्टी में म्यूजिक बजाने वाली एक रूसी महिला नागरिक (Daria Kuzminykh) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके ड्रग ओवरडोज (Drug Overdose) होने की आशंका है।

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DLSA की जांच में खुली पोल: ₹5,000 से ₹7 लाख तक की टिकटें

हिमालयन एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन सोसाइटी’ और अन्य जनहित याचिकाओं (PILs) पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से एक स्वतंत्र रिपोर्ट मांगी थी। जब डीएलएसए के सचिव ने मौके का निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था।

नशे का बाजार: मौके से भारी मात्रा में विदेशी शराब की खाली बोतलें, सिगरेट के बट्स और मारिजुआना (गांजा) पीने के लिए इस्तेमाल होने वाले रोलिंग पेपर्स बरामद हुए। एलएसडी (LSD) और कोकीन जैसे खतरनाक ड्रग्स के साथ दो टूरिस्ट रंगे हाथों पकड़े गए।

अवैध इंफ्रास्ट्रक्चर: 4,000 से 5,000 लोगों की क्षमता वाले इस वीरान जंगल में शराब से भरे बड़े-बड़े रेफ्रिजरेटर, सैकड़ों तंबू और महज 8-10 अस्थाई टॉयलेट पाए गए। रात 10 बजे की विधिक समय-सीमा के बाद भी तेज आवाज में डीजे बज रहा था और लोग अचेत अवस्था में पाए गए, जिन्हें रेस्क्यू करना पड़ा।

हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: “अगर कोर्ट दखल न देता तो यह धंधा खुशी-खुशी चलता रहता”

खंडपीठ ने एसपी मदन लाल के उस हलफनामे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने यह सफाई दी थी कि अनुमति केवल ‘कैंपिंग साइट पर गाने-बजाने’ के लिए दी गई थी। कोर्ट ने कहा, “यह घटनाक्रम दिखाता है कि यदि 9 जून को हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस मामले में दखल न दिया होता, तो एसडीएम, डीसी और एसपी की मूक सहमति (Tacit Permission) की बदौलत यह रेव पार्टी 11 जून 2026 तक खुशी-खुशी चलती रहती। प्रशासन ने 9 जून 2026 के बाद जो भी कार्रवाई की है, वह स्वतः संज्ञान लेकर की गई पुलिसिंग नहीं बल्कि अदालत के डंडे के डर से की गई एक ‘हड़बड़ाहट भरी प्रतिक्रिया’ (Knee-jerk Reaction) थी।

अदालत ने पुलिस के दावों में भी विसंगति पाई, जहां पुलिस कह रही थी कि सीसीटीवी कैमरे बंद थे, जबकि डीएलएसए की रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को सुरक्षित जब्त किया जा चुका था।

केस मैट्रिक्स और प्रशासनिक गाज (Case Overview)

प्रशासनिक और कानूनी श्रेणियांहिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट की सख्त विधिक कार्रवाई (जून 2026)
संबंधित उच्च न्यायालयहिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय (शिमला)
माननीय खंडपीठमुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस बिपिन चंद्र नेगी
गाज गिरने वाले अधिकारीउपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) और एसडीएम (SDM), कुल्लू
कार्रवाई की समय-सीमा1 सप्ताह के भीतर तीनों अधिकारियों का तबादला और विभागीय जांच शुरू करने का आदेश।
जांच का नया ढांचाकम से कम DIG रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में SIT गठन का आदेश। कुल्लू के नए एसपी (जो IPS होंगे) भी इसके सदस्य होंगे।
अगली सुनवाई (अनुपालन)6 अगस्त, 2026
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