Historic Appointment: आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के इतिहास में 22 अप्रैल, 2026 का दिन एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 फरवरी, 2026 को जस्टिस लीसा गिल के नाम की सिफारिश की थी। यह नियुक्ति न केवल लैंगिक समानता (Gender Equality) की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि कॉलेजियम की एक नई रणनीतिक सोच को भी दर्शाती है। जस्टिस लीसा गिल (Justice Lisa Gill) आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) नियुक्त की गई हैं। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की।
कॉलेजियम की नई ‘कनवर्जेंट’ (Conversant) पॉलिसी
- जस्टिस लीसा गिल की नियुक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला (Policy Decision) लागू किया है।
- दो महीने का समय: कॉलेजियम ने तय किया है कि जिस जज को किसी हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया जाना है, उन्हें पदभार ग्रहण करने से दो महीने पहले ही उस कोर्ट में भेज दिया जाए।
- उद्देश्य: इस नीति का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि नया मुख्य न्यायाधीश कार्यभार संभालने से पहले उस हाई कोर्ट के कामकाज, प्रशासनिक मामलों और स्थानीय कार्यसंस्कृति से पूरी तरह वाकिफ (Conversant) हो सके।
- कार्यान्वयन: इसी नीति के तहत जस्टिस लीसा गिल को उनकी नियुक्ति से पहले पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया था।
कौन हैं जस्टिस लीसा गिल?
- मूल कैडर: वे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश रही हैं।
- उपलब्धि: वह आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के गठन के बाद इसकी कमान संभालने वाली पहली महिला मुख्य न्यायाधीश होंगी।
- कार्यकाल का प्रारंभ: वह मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर की सेवानिवृत्ति के बाद कार्यभार संभालेंगी।
जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर की विदाई
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर इस शुक्रवार को 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त (Demits office) हो रहे हैं। भारतीय संविधान के अनुसार, हाई कोर्ट के जजों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष निर्धारित है।
नियुक्ति प्रक्रिया के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
| बिंदु | विवरण |
| नाम | जस्टिस लीसा गिल (Justice Lisa Gill)। |
| पद | मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice), आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट। |
| सिफारिश की तारीख | 26 फरवरी, 2026 (SC कॉलेजियम द्वारा)। |
| घोषणाकर्ता | अर्जुन राम मेघवाल (केंद्रीय कानून मंत्री)। |
| विशेषता | आंध्र प्रदेश HC की प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश। |
जजों की नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया
भारत में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति अनुच्छेद 217 के तहत राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श अनिवार्य है।
प्रशासनिक दक्षता और नवाचार
जस्टिस लीसा गिल की नियुक्ति कॉलेजियम के उस विजन को दर्शाती है जहाँ जजों को केवल पदोन्नत नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें उस जिम्मेदारी के लिए ‘तैयार’ भी किया जा रहा है। दो महीने पहले स्थानांतरण की यह नीति भविष्य में अन्य हाई कोर्ट्स के लिए भी एक मानक (Standard) बन सकती है, जिससे न्यायिक प्रशासन में निरंतरता और बेहतर समझ सुनिश्चित होगी।

