Sunday, August 16, 2026
HomeBREAKING-INTERNATIONALRas Al Khaimah Investment Authority: Foreign Decrees को भारत में लागू करने...

Ras Al Khaimah Investment Authority: Foreign Decrees को भारत में लागू करने की कानूनी प्रक्रिया…पूर्व CJI यू.यू. ललित मध्यस्थ नियुक्त

Ras Al Khaimah Investment Authority: सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) यू.यू. ललित को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की अदालत द्वारा पारित 500 करोड़ रुपये की ‘मनी डिक्री’ से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए एकमात्र मध्यस्थ (Sole Mediator) नियुक्त किया है।

यह मामला रास अल खैमाह इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (RAKIA) और हैदराबाद के उद्योगपति निम्मागढ़ प्रसाद के बीच 2008 के विफल ‘वैनपिक प्रोजेक्ट’ (Vanpic Project) को लेकर चल रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि: क्या है विवाद?

  • वैनपिक प्रोजेक्ट: यह 2008 में आंध्र प्रदेश में बंदरगाह और हवाई अड्डे विकसित करने का एक संयुक्त उद्यम था।
  • RAKIA का आरोप: विदेशी फर्म का दावा है कि प्रसाद ने RAKIA के पूर्व CEO के साथ मिलकर परियोजना के लिए निर्धारित 120 मिलियन डॉलर का दुरुपयोग किया।
  • डिक्री का मूल्य: RAKIA अब UAE के फैसले को लागू करने की मांग कर रही है, जिसमें मूल राशि और ब्याज मिलाकर लगभग 600 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जानी है।

अदालत में प्रसाद द्वारा दी गई जमानत

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ को सूचित किया गया कि निम्मागढ़ प्रसाद ने अदालती निर्देशों का पालन करते हुए 125 करोड़ रुपये नकद सुरक्षा के रूप में जमा किए हैं। तेलंगाना में 37 एकड़ भूमि के मूल टाइटल डीड (दस्तावेज) जमा किए हैं, जो किसी भी भार (Encumbrance) से मुक्त है।

मध्यस्थता की शर्तें: हाइब्रिड मोड और यथास्थिति

  • हाइब्रिड मोड: जस्टिस ललित को निर्देश दिया गया है कि वे हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) में सुनवाई करें ताकि RAKIA के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ सकें।
  • यथास्थिति (Status Quo): RAKIA की मांग पर कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रसाद की संपत्तियों के संबंध में यथास्थिति बनी रहेगी और मध्यस्थता समाप्त होने तक कोई तीसरा पक्ष (Third Party) नहीं बनाया जाएगा।
  • व्यवसाय संचालन: प्रसाद अपनी कंपनियों के दैनिक कामकाज और कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए फंड का उपयोग कर सकेंगे, लेकिन कोर्ट की अनुमति के बिना अचल संपत्ति नहीं बेच सकेंगे।
  • खाड़ी क्षेत्र (गल्फ रीजन) में सुरक्षा स्थिति संवेदनशील है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए विशेष निर्देश दिए हैं।

न्यायपालिका का रुख

पीठ ने जस्टिस यू.यू. ललित से अनुरोध किया है कि वे इस विवाद के त्वरित निपटारे के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू करें। उनकी फीस और अन्य खर्च दोनों पक्षों की सलाह से तय किए जाएंगे। इससे पहले, उद्योगपति ने 212 करोड़ रुपये के शेयर और संपत्ति सुरक्षा के रूप में देने की पेशकश की थी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया था क्योंकि वे पहले से ही कमर्शियल कोर्ट द्वारा कुर्क (Attach) थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
overcast clouds
32 ° C
32 °
32 °
70 %
2.6kmh
100 %
Sun
33 °
Mon
35 °
Tue
33 °
Wed
34 °
Thu
35 °