केस का संक्षिप्त ब्योरा (Case Snapshot)
| पहलू | विधिक विवरण |
| संबंधित अदालत | बॉम्बे उच्च न्यायालय (प्रिंसिपल बेंच, मुंबई) |
| माननीय पीठ | जस्टिस रियाज छागला एवं जस्टिस फरहान दुबाश |
| याचिकाकर्ता के वकील | एडवोकेट विवेक अरोटे (Advocate Vivek Arote) |
| मुख्य पक्षकार | नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) व केंद्र सरकार |
| मुख्य मांग | मूल OMR शीट का निरीक्षण, अंकों का पुनर्मूल्यांकन और अंक तालिका में सुधार। |
| अगली सुनवाई तिथि | 6 अगस्त 2026 |
NEET (UG) Exam: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 में आधिकारिक उत्तर कुंजी (Answer Key) के अनुसार अपेक्षित अंक न मिलने से क्षुब्ध एक 18 वर्षीय छात्रा ने बॉम्बे उच्च न्यायालय का रुख किया है।
मामले की गंभीरता और काउंसिलिंग प्रक्रियाओं की समयबद्धता को देखते हुए जस्टिस रियाज छागला (Justice Riyaz Chagla) और जस्टिस फरहान दुबाश (Justice Farhan Dubash) की खंडपीठ ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। छात्रा का आरोप है कि उसकी OMR शीट और उत्तर कुंजी के मिलान के अनुसार उसे 410 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन घोषित परिणाम में उसे केवल 340 अंक दिए गए हैं।
हाई कोर्ट की कार्यवाही और मुख्य बिंदु
NEET-UG 2026 अंक पुनर्मूल्यांकन याचिका
│
┌───────
▼
अंकों में विसंगति का दावा
• OMR शीट/आंसर की के अनुसार: 410 अंक
• घोषित परिणाम में: 340 अंक (70 अंकों का अंतर)
NTA को नोटिस और अगली सुनवाई
• केंद्र और NTA को नोटिस जारी।
• अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को तय।
NTA की चुप्पी के बाद कोर्ट का रुख
- ईमेल का जवाब नहीं: छात्रा की ओर से वकील विवेक अरोटे (Vivek Arote) ने पीठ को बताया कि परिणाम घोषित होने के बाद छात्रा ने 17 जुलाई से NTA को 5 अलग-अलग ईमेल भेजे थे, लेकिन एजेंसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
- ओरिजिनल OMR शीट प्रस्तुत करने की मांग: याचिका में NTA को छात्रा की मूल OMR उत्तर पुस्तिका (Original OMR Sheet) अदालत के समक्ष पेश करने और अंकों में आवश्यक सुधार/पुनर्मूल्यांकन करने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई है।
समयबद्ध काउंसिलिंग और करियर का सवाल
- याचिकाकर्ता छात्रा बीडीएस (BDS – बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहती है।
- चूंकि मेडिकल प्रवेश काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए छात्रा ने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की ताकि उसकी रैंक और अंकों में समय रहते सुधार हो सके।
घटनाक्रम का विवरण (Timeline of Events)
- 21 जून 2026: छात्रा NEET-UG की परीक्षा में सम्मिलित हुई।
- 13 जुलाई 2026: आंसर की और OMR शीट के आधार पर छात्रा ने अपने अंकों का मूल्यांकन किया, जो 410 बन रहे थे।
- 25 जुलाई 2026: NTA द्वारा परिणाम घोषित किया गया, जिसमें उसका स्कोर मात्र 340 दर्ज था।
- 17 जुलाई के बाद: NTA को लगातार 5 ईमेल भेजकर आपत्ति दर्ज कराई गई।
- 30 जुलाई 2026: बॉम्बे हाई कोर्ट की प्रिंसिपल बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए NTA और केंद्र को नोटिस जारी किया।
बॉटमलाइन (The Bottom Line)
बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा जारी इस नोटिस के बाद NTA को 6 अगस्त 2026 को अदालत के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि उत्तर कुंजी के अनुसार कैलकुलेट किए गए अंकों और अंतिम मार्कशीट में अंतर क्यों आया। मेडिकल काउंसिलिंग के बीच यह आदेश NEET-UG अभ्यर्थियों के निष्पक्ष मूल्यांकन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

