UPSC Aspirants: बिना किसी महंगी कोचिंग के, कॉलेज खत्म होते ही महज 22 साल की उम्र में देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करने वाली IAS अनन्या सिंह की सफलता की कहानी इन दिनों फिर से सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है।
बिहार में जीविका मिशन की एडिशनल सीईओ का पद संभाल रही अनन्या सिंह
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली अनन्या ने हाल ही में बिहार सरकार के बेहद प्रतिष्ठित ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम ‘जीविका’ (JEEViKA) के एडिशनल सीईओ (Additional CEO) के रूप में कार्यभार संभाला है। वह कहती हैं कि UPSC की तैयारी कोई मैराथन नहीं है जिसमें आपको सालों-साल बिना सोए गुजारने पड़ें। डेस्क पर बिताए गए घंटों से ज्यादा यह मायने रखता है कि आप हर दिन कितने अनुशासित और निरंतर (Consistent) हैं। मैंने रोज निबंध लिखने और उत्तरों की संरचना सुधारने को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया।
प्रयागराज से SRCC और फिर पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्रैक
अनन्या का सफर बचपन से ही एक बड़े विजन और असाधारण शैक्षणिक रिकॉर्ड से भरा रहा है।
शुरुआती पढ़ाई: प्रयागराज के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई करते हुए अनन्या ने 10वीं में 96% और 12वीं (CISCE बोर्ड) में 98.25% अंक हासिल कर अपने जिले में टॉप किया था।
कॉलेज के साथ तैयारी: उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मशहूर श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की डिग्री ली। कॉलेज के अंतिम वर्ष में ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी।
शानदार नतीजा: मात्र दो साल से भी कम की केंद्रित (Focused) तैयारी के बाद, उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 51 हासिल की।
“मैंने हर दिन निबंध लिखे”…अनन्या का जादुई सफलता फॉर्मूला
आमतौर पर छात्र यूपीएससी की तैयारी के लिए 12 से 15 घंटे पढ़ने का दावा करते हैं, लेकिन अनन्या का नजरिया बिल्कुल अलग था।
स्मार्ट स्टडी टाइम:घंटों से ज्यादा निरंतरता पर जोर.
शुरुआती दौर में अनन्या हर दिन 7 से 8 घंटे पढ़ती थीं। लेकिन एक बार जब सिलेबस पर पकड़ मजबूत हो गई, तो उन्होंने अपनी पढ़ाई का समय घटाकर केवल 6 घंटे कर दिया। उन्होंने कभी भी ‘दिखावे की पढ़ाई’ पर भरोसा नहीं किया।
लेखन अभ्यास ही असली कुंजी:डेली आंसर राइटिंग और निबंध.
अनन्या की तैयारी का सबसे मजबूत स्तंभ डेली आंसर राइटिंग (Daily Answer Writing) था। उन्होंने केवल किताबों को रटने के बजाय रोज पूर्ण उत्तर (Full Answers) और निबंध लिखने का अभ्यास किया। इससे उनकी सोचने और लिखने की गति दोनों में सुधार हुआ।
फॉर्मूला: Intro, Body, Conclusion:प्रस्तावना, मुख्य भाग और निष्कर्ष.
अभ्यर्थियों को उनकी सलाह है कि वे उत्तरों के स्ट्रक्चर (ढांचे) पर सबसे ज्यादा ध्यान दें। मुख्य परीक्षा (Mains) में अच्छे अंक पाने के लिए भूमिका, मुख्य विषय-वस्तु और सटीक निष्कर्ष के बीच एक बेहतरीन संतुलन होना बेहद जरूरी है।
शिक्षा की गहरी जड़ें और नया सफर
अनन्या एक ऐसे परिवार से आती हैं जहां शिक्षा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता डिस्ट्रिक्ट जज (जिला न्यायाधीश) रह चुके हैं और उनकी मां अंजलि सिंह एक सीनियर लेक्चरर हैं। घर के इस अकादमिक और विधिक माहौल ने उन्हें बचपन से ही सिविल सर्विसेज की ओर आकर्षित किया।
व्यक्तिगत जीवन: अनन्या सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं। उन्होंने अप्रैल 2024 में अपने साथी IAS अधिकारी कुमार अनुराग (AIR 48, UPSC 2018) से शादी की।
वर्तमान जिम्मेदारी: बिहार के ‘जीविका’ कार्यक्रम की एडिशनल सीईओ के रूप में, अनन्या वर्तमान में ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके आजीविका स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
क्रेडेंशियल शीट: IAS अनन्या सिंह प्रोफाइल एवं रणनीति
| प्रशासनिक और व्यक्तिगत श्रेणियां | विवरण और विधिक/प्रशासनिक रिकॉर्ड |
| नाम और वर्तमान पद | अनन्या सिंह, IAS (एडिशनल सीईओ – जीविका, बिहार) |
| यूपीएससी रैंक और वर्ष | ऑल इंडिया रैंक (AIR) 51, UPSC CSE 2019 |
| सफलता की उम्र | 22 वर्ष (प्रथम प्रयास, बिना कोचिंग) |
| शैक्षणिक योग्यता | इकोनॉमिक्स ऑनर्स, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC), दिल्ली |
| मुख्य रणनीति | डेली निबंध लेखन, 6-8 घंटे की स्मार्ट स्टडी, उत्तर संरचना पर फोकस |
तैयारी के अंतिम दौर में किताबों के ढेर में खो जाने के बजाय, खुद पर भरोसा रखना, चुनिंदा स्टडी मटेरियल का बार-बार रिवीजन करना और हर दिन लिखने की आदत डालना ही वो जादुई चाबी है जो आपको 22 साल की उम्र में देश के सबसे प्रतिष्ठित पद पर पहुंचा सकती है। आज की युवा पीढ़ी और विशेषकर छात्राओं के लिए अनन्या सिंह अनुशासन और दृढ़ संकल्प की एक बेहतरीन मिसाल हैं।

