Tuesday, September 29, 2026
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UPSC Success Story: 3 बार असफल होने के बाद बदली सिर्फ 1 आदत, 24 साल की उम्र में नेहा बयादवाल बनीं IAS/IPS अफसर…जानिए आदत

UPSC Success Story: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी (UPSC Civil Services Exam) की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए राजस्थान की नेहा बयादवाल (Neha Byadwal) की कहानी एक बेहतरीन मिसाल है।

नेहा बयादवाल की यह है UPSC Success Story

नेहा बयादवाल ने साल 2021 की यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 569 हासिल की। कुल 960 अंकों के साथ सफलता का परचम लहराने वाली नेहा की यह यात्रा धैर्य, अनुशासन और कड़ी मेहनत की एक अनूठी दास्तां है। लगातार तीन बार असफलता का स्वाद चखने के बाद भी नेहा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान केवल अपनी एक आदत को बदला और चौथे प्रयास में महज 24 साल की उम्र में देश की इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास कर दिखाया।

शुरुआती जीवन और शैक्षणिक पृष्ठभूमि (Background)

जन्म और बचपन: नेहा का जन्म 3 जुलाई 1999 को जयपुर, राजस्थान में हुआ था। हालांकि, उनका अधिकांश बचपन छत्तीसगढ़ में बीता, क्योंकि उनका परिवार वहीं रहता था।

यूनिवर्सिटी टॉपर: नेहा पढ़ाई में शुरू से ही बेहद होनहार थीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित ‘डीबी गर्ल्स कॉलेज’ (DB Girls College, Raipur) से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। कॉलेज के दिनों में उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी में टॉप कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का लोहा मनवाया था।

पिता से मिली प्रेरणा: नेहा के पिता श्रवण कुमार आयकर विभाग (Income Tax Department) में एक प्रतिष्ठित अधिकारी हैं। उन्होंने ही नेहा को सिविल सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया और हर असफलता के बाद उनका हौसला बढ़ाया।

UPSC Success Story: लगातार 3 बार असफलता और निराशा का दौर

विश्वविद्यालय में टॉप करने के बाद नेहा ने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा और पूरी शिद्दत से तैयारी में जुट गईं। लेकिन यूपीएससी की राह इतनी आसान नहीं थी।

पहला प्रयास: पूरी मेहनत के बाद भी पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली।

दूसरा प्रयास: नए आत्मविश्वास के साथ दोबारा परीक्षा दी, लेकिन परिणाम फिर भी नकारात्मक रहा।

तीसरा प्रयास: लगातार तीसरी बार भी असफलता हाथ लगी।

लगातार तीन बार फेल होने के बाद किसी भी सामान्य छात्र का हौसला टूट सकता है, लेकिन नेहा ने अपनी कमियों को पहचानने और उन पर काम करने का फैसला किया।

वह ‘एक Habit’ जिसने बदल दी नेहा की किस्मत

तीसरे प्रयास की विफलता के बाद नेहा ने अपनी दिनचर्या और पढ़ाई के तरीकों का गहराई से विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि उनकी एकाग्रता (Concentration) में कमी का सबसे बड़ा कारण सोशल मीडिया था।

1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स को छोड़ा: उस समय नेहा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं और उनके 1 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे। उन्हें एहसास हुआ कि इस आभासी दुनिया में बिताया जाने वाला समय उनकी पढ़ाई और रिवीजन को प्रभावित कर रहा है।

3 साल का डिजिटल संन्यास: अपनी इस आदत को सुधारने के लिए नेहा ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया। उन्होंने लगभग तीन साल के लिए सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी (Digital Detox) बना ली।

फोकस का नतीजा: सोशल मीडिया छोड़ने से नेहा के पास समय की कमी दूर हो गई। उन्होंने इस अतिरिक्त समय का उपयोग उत्तर लेखन (Answer Writing), नियमित मॉक टेस्ट और सघन रिवीजन (Revision) में किया। यही वह टर्निंग पॉइंट था जिसने उनकी किस्मत बदल दी।

चौथा प्रयास और शानदार सफलता

साल 2021 में अपने चौथे प्रयास में नेहा ने अपनी अनुशासित तैयारी के दम पर यूपीएससी परीक्षा को क्रैक कर लिया। मात्र 24 साल की उम्र में उन्होंने 569वीं रैंक हासिल की। उनकी यह सफलता यह साबित करती है कि ज्ञान के साथ-साथ सही रणनीति और व्याकुलताओं (Distractions) से दूरी बनाना कितना जरूरी है।

नेहा बयादवाल: सक्सेस प्रोफाइल (Aspirant Matrix)

परीक्षा और व्यक्तिगत श्रेणियांविवरण और मुख्य आंकड़े
नामनेहा बयादवाल (Neha Byadwal)
गृह राज्यजयपुर (राजस्थान) / छत्तीसगढ़
शैक्षणिक योग्यताग्रेजुएशन (यूनिवर्सिटी टॉपर, रायपुर)
पिता का नाम व पदश्रवण कुमार (आयकर विभाग में अधिकारी)
सफलता का वर्ष और रैंकयूपीएससी 2021, ऑल इंडिया रैंक (AIR): 569
कुल प्राप्तांक960 अंक
सफलता का मूलमंत्रडिस्ट्रैक्शंस को कम करना, 3 साल तक सोशल मीडिया से पूर्ण दूरी और निरंतर उत्तर लेखन।
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