Carry Indian Flag: मामला सारांश (At a Glance)
| पहलू | विवरण |
| माननीय न्यायाधीश | न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मणन |
| याचिकाकर्ता | जे. रमेश कुमार (जिला अध्यक्ष, बीजेपी कोयंबटूर) |
| संविधान के अनुच्छेद | अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) |
| मुख्य निर्णय | तिरंगा यात्रा की अनुमति; कोर्ट ने कहा— तिरंगा ले जाना मौलिक अधिकार है, पुलिस मनमानी रोक नहीं लगा सकती। |
Carry Indian Flag: मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि नागरिकों को शांतिपूर्ण जुलूसों या रैलियों के दौरान राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) ले जाने और फहराने का मौलिक अधिकार है। पुलिस सुरक्षा या कानून-व्यवस्था के नाम पर मनमाने ढंग से इस अधिकार पर प्रतिबंध नहीं लगा सकती।
न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मणन (Justice V Lakshminarayanan) की पीठ ने 14 अगस्त 2026 के अपने आदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कोयंबटूर जिला अध्यक्ष जे. रमेश कुमार द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए कोयंबटूर पुलिस द्वारा तिरंगा यात्रा की अनुमति न देने के आदेश को रद्द कर दिया।
Carry Indian Flag: अदालत की मुख्य कानूनी व्याख्या
- अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) का तालमेल:“अनुच्छेद 19(1)(a) (वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) को अनुच्छेद 19(1)(b) (शांतिपूर्ण सम्मेलन का अधिकार) के साथ पढ़ने पर, नागरिक को न केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने का, बल्कि शांतिपूर्ण जुलूसों या रैलियों के दौरान इसे साथ ले जाने का भी मौलिक अधिकार है — चाहे रैली का उद्देश्य राष्ट्रीय भावना व्यक्त करना हो या विरोध दर्ज कराना।”
- पुलिस के रवैये पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
- पीठ ने कहा कि यह बात उसकी अंतरात्मा को झकझोरती है कि तिरंगा यात्रा से ‘सार्वजनिक असुविधा’ या ‘कानून-व्यवस्था का संकट’ खड़ा होने का तर्क दिया गया।
- कोर्ट ने टिप्पणी की: “अगर कुछ लोग एकत्र होकर राष्ट्र और उसके ध्वज का सम्मान करना चाहते हैं और पुलिस को लगता है कि इससे जनता को असुविधा होगी, तो यह बेहद हास्यास्पद है। पुलिस का काम बाधाएं डालना नहीं, बल्कि ऐसे कार्यक्रमों को सुरक्षा और सहायता प्रदान करना है।”
Carry Indian Flag: मामले की पृष्ठभूमि (Case Background)
- पुलिस द्वारा अनुमति खारिज करना: भाजपा नेता ने 13 अगस्त को कोयंबटूर में तिरंगा फ्लैग यात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, पुलिस ने इस आधार पर अनुमति देने से इनकार कर दिया था कि इससे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है और यातायात में बाधा आ सकती है।
- अदालत का हस्तक्षेप: हाई कोर्ट ने पुलिस के आदेश को रद्द करते हुए 18 अगस्त को निर्धारित नए मार्ग (एमटीपी रोड एआरसी जंक्शन से नॉर्थ कोवई चिंतामणि जंक्शन) पर तिरंगा यात्रा आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी।

