Sunday, October 4, 2026
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Faculty of Law: दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी के पीएचडी छात्र ने प्रोफेसर को जड़ा थप्पड़; आरोप में छात्र निलंबित…पुलिस में केस, जानें मामला

मामला सारांश (At a Glance)

पहलूविवरण
संस्थानदिल्ली विश्वविद्यालय (Faculty of Law, DU)
आरोपी छात्रशुभम सिंह (PhD Scholar, उम्र 31 वर्ष)
पीड़ित शिक्षकप्रोफेसर अनुपम झा (वरिष्ठ संकाय सदस्य)
कार्रवाईतत्काल प्रभाव से निलंबन, कैंपस में नो-एंट्री, FIR दर्ज एवं 3-सदस्यीय जांच कमेटी गठित।

Faculty of Law: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की विधि संकाय (Faculty of Law) के एक पीएचडी शोधार्थी शुभम सिंह (31 वर्ष) को एक वरिष्ठ प्रोफेसर पर हमला करने और बार-बार थप्पड़ मारने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

डीयू के प्रॉक्टर मनोज कुमार सिंह ने उमंग भवन परिसर में 17 अगस्त को हुई इस घटना के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई की और आरोपी छात्र के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने मॉरिस नगर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

Faculty of Law: घटना और विश्वविद्यालय की कार्रवाई

  • पीड़ित प्रोफेसर: प्रोफेसर अनुपम झा, जो पिछले लगभग 23 वर्षों से विधि संकाय में अध्यापन कर रहे हैं। इस हमले में उनके हाथ और कोहनी में चोट आई है।
  • जांच समिति गठित: दिल्ली विश्वविद्यालय ने रसायन शास्त्र विभाग के प्रोफेसर राजीव गुप्ता की अध्यक्षता में एक 3-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है जो इस पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी।

Faculty of Law में विवाद का कारण: पीएचडी इंटरव्यू और आरोप

निलंबन के बाद आरोपी छात्र शुभम सिंह ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर एक वीडियो जारी कर घटना के पीछे का अपना पक्ष रखा:

  • 2025 का पीएचडी इंटरव्यू: शुभम ने बताया कि विवाद की जड़ उसका 2025 का पीएचडी इंटरव्यू था, जिसमें प्रोफेसर अनुपम झा पैनलिस्ट थे।
  • ‘भारतीय धर्मनिरपेक्षता’ विषय पर बहस: शुभम का पीएचडी शोध का विषय “Exploring the Continuation of Colonial Legacy of State Interaction with Religion vis a vis the Two Realms of Bharatiya Secularism” था। शुभम का आरोप है कि प्रोफेसर झा ने इंटरव्यू में उनसे बार-बार पूछा कि उन्होंने “इंडियन” (Indian) की जगह “भारतीय” (Bharatiya) शब्द का इस्तेमाल क्यों किया।
  • पक्षपात व अनियमितता के आरोप: छात्र ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर झा का मानना था कि उसने यह विषय आसानी से प्रवेश (Admission) और बाहरी “बैकअप/पहुंच” पाने के लिए चुना है। शुभम ने यह भी दावा किया कि डीयू में पीएचडी और गेस्ट फैकल्टी के चयन में राजनीतिक प्रभाव या पैसों के जरिए अनुचित लाभ लिया जाता है।

Faculty of Law: पुस्तकीय संदर्भ (Book Review Case)

शुभम सिंह ने बताया कि एलएलएम (LL.M.) की पढ़ाई के दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता जे. साई दीपक द्वारा लिखित पुस्तक ‘India that is Bharat’ की समीक्षा की थी। उस समय मूल्यांकन करने वाले प्रोफेसर ने इसे एक “काल्पनिक किताब” (Fiction) बताकर खारिज कर दिया था। शुभम के अनुसार, इसी घटना ने उनके पीएचडी के शोध विषय को आकार दिया था। छात्र ने अपनी बात रखते हुए कुलपति (Vice-Chancellor) से अपील की है कि वे यह तय करें कि गलती उसकी है या इस तरह की मनमानी इंटरव्यू प्रणाली की।

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