Thursday, November 5, 2026
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Nepal Court: सहकारी घोटाले में पूर्व गृहमंत्री रवि लामिछाने की बढ़ी दिक्कतें…27.4 मिलियन नेपाली रुपए की बैंक गारंटी भी नहीं मानी

Nepal Court: नेपाल की रुपनदेही जिला अदालत ने पूर्व उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री रवि लामिछाने की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

बैंक गारंटी के आधार पर रिहाई नहीं दी जा सकती

अदालत ने उन्हें सहकारी घोटाले के मामले में न्यायिक हिरासत में ही रखने का आदेश दिया है। लामिछाने ने 27.4 मिलियन नेपाली रुपए की बैंक गारंटी के साथ रिहाई की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। जज नारायण प्रसाद सापकोटा की एकल पीठ ने कहा कि मामले में गवाहों और सबूतों की जांच अभी बाकी है। साथ ही, दस्तावेजों से यह स्पष्ट नहीं होता कि याचिकाकर्ता आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 71 का पालन कर रहे हैं। इसलिए बैंक गारंटी के आधार पर रिहाई नहीं दी जा सकती।

पहले भी खारिज हुई थी जमानत याचिका

इससे पहले इसी अदालत के जज बशिष्ठ कुमार घिमिरे की पीठ ने सुप्रीम कोऑपरेटिव से धन की हेराफेरी के मामले में लामिछाने की जमानत 10 मिलियन नेपाली रुपए तय की थी। लेकिन हाईकोर्ट की बुटवल बेंच ने 4 अप्रैल को उनकी हिरासत जारी रखने का आदेश दिया था।

कई जिलों में दर्ज हैं मामले

लामिछाने पर आरोप है कि उन्होंने और उनके सहयोगियों ने बुटवल स्थित सुप्रीम कोऑपरेटिव से 109 मिलियन नेपाली रुपए गोरखा मीडिया नेटवर्क में ट्रांसफर किए। इसी तरह कास्की, चितवन, काठमांडू और पर्सा जिलों की सहकारी समितियों से भी पैसे गोरखा मीडिया में लगाए गए। इन सभी मामलों में लामिछाने पर धोखाधड़ी और संगठित अपराध के आरोप हैं।

गोरखा मीडिया में थे मैनेजिंग डायरेक्टर

लामिछाने गोरखा मीडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर थे, जो अब बंद हो चुका गैलेक्सी 4K टीवी चलाता था। आरोप है कि उन्होंने सहकारी समितियों के नियमों का उल्लंघन करते हुए वहां की जमा पूंजी को मीडिया कंपनी में लगाया।

संसद में पेश हुई जांच रिपोर्ट

2024 में गठित एक संसदीय समिति ने 16 सितंबर को संसद में रिपोर्ट पेश की, जिसमें लामिछाने को करोड़ों की हेराफेरी का दोषी बताया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि गोरखा मीडिया में निवेश किए गए पैसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सहकारी समितियों से लाए गए थे।

रिपोर्ट में शामिल प्रमुख बातें:

  1. गोरखा मीडिया में निवेश के लिए सहकारी समितियों से करोड़ों रुपए ट्रांसफर किए गए।
  2. रवि लामिछाने, जीबी राय, कुमार रामटेल और छबिलाल जोशी की सक्रिय भूमिका रही।
  3. लामिछाने और राय ने संयुक्त बैंक खाता खोलकर करोड़ों के चेक जारी किए।
  4. समिति ने सरकार से सभी दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की।

लामिछाने ने आरोपों से किया इनकार

पूछताछ के दौरान लामिछाने ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि गोरखा मीडिया में जो पैसा आया, वह सहकारी समितियों की जमा पूंजी थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने गोरखा मीडिया में ‘स्वेट शेयर’ के रूप में काम किया था।

सांसद पद भी निलंबित

धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के चलते लामिछाने का सांसद पद भी निलंबित कर दिया गया है।

सरकार को रिपोर्ट लागू करने का निर्देश

संसद अध्यक्ष देवराज घिमिरे ने सरकार को समिति की रिपोर्ट लागू करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट को संसद में औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है।

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