Tuesday, September 8, 2026
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Finding Laika: 25 साल पहले CID यूनिट का सर्विस डॉग लाइका हो गया गुम…समझिए जिम्मेवार पुलिसकर्मी के साथ क्या हुआ, केस को पढ़ें

Finding Laika: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 25 साल पुराने एक दिलचस्प मामले में फैसला सुनाते हुए ‘आनुपातिकता के सिद्धांत’ (Principle of Proportionality) को रेखांकित किया है।

हाईकोर्ट के जस्टिस जगमोहन बंसल ने हिसार CID यूनिट के हेड कांस्टेबल जगमल सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके वेतन वृद्धि (Increments) को स्थायी रूप से रोकने के आदेश को संशोधित कर दिया है। कोर्ट ने माना कि विभाग द्वारा दी गई सजा अपराध के मुकाबले बहुत अधिक थी। यह मामला एक सर्विस डॉग (सेवा कुत्ता) ‘लाइका’ के गुम होने और उसके हैंडलर पर हुई दंडात्मक कार्रवाई से जुड़ा है।

यह था मामला? (The Story of Laika)

  • घटना: करीब 25 साल पहले, जगमल सिंह के डॉग स्क्वाड की सर्विस डॉग ‘लाइका’ पड़ोस में हो रही एक शादी के शोर के बीच खुद को छुड़ाकर भाग गई थी।
  • रिकवरी: लगभग एक महीने बाद लाइका एक निजी व्यक्ति के पास से सुरक्षित मिल गई थी।
  • सजा: विभाग ने जगमल सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने लाइका के गुम होने की सूचना तुरंत अपने वरिष्ठों को नहीं दी। इसके लिए उनकी दो वेतन वृद्धियां (Increments) स्थायी रूप से रोक दी गईं।

कोर्ट का तर्क: केवल सूचना में देरी, कुत्ते के खोने का दोष नहीं

  • जस्टिस बंसल ने विभाग की कार्रवाई में कई खामियां पाईं।
  • दोष का स्वरूप: कोर्ट ने नोट किया कि जगमल सिंह लाइका के खोने के लिए दोषी नहीं पाए गए थे, बल्कि केवल सूचना देने में देरी के दोषी थे। यह एक “मामूली चूक” (Minor lapse) थी।
  • भेदभाव: रिकॉर्ड से पता चला कि ‘केनल मैन’ (कुत्ते की देखभाल करने वाला सिपाही), जिसकी कस्टडी में लाइका थी, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
  • मशीनी आदेश: कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों ने बिना दिमाग लगाए ‘मैकेनिकल’ तरीके से सजा सुनाई।

सजा में बदलाव (Reduced Punishment)

  • कोर्ट ने ‘आनुपातिकता’ (Proportionality) के सिद्धांत का उपयोग किया।
  • पुराना दंड: दो वेतन वृद्धियों की स्थायी जब्ती (Permanent Forfeiture)।
  • नया दंड: दो वेतन वृद्धियों की अस्थायी जब्ती (Temporary Forfeiture)।
  • कारण: चूंकि मामले को 20 साल से ज्यादा बीत चुके थे, इसलिए कोर्ट ने इसे वापस विभाग को भेजने (Remand) के बजाय खुद ही सजा कम करने का फैसला किया।

केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

बिंदुविवरण
याचिकाकर्ताहेड कांस्टेबल जगमल सिंह (हिसार CID डॉग स्क्वाड)।
सर्विस डॉगलाइका (Laika)।
कानूनी सिद्धांत‘आनुपातिकता का सिद्धांत’ (सजा अपराध के बराबर होनी चाहिए)।
कोर्ट की टिप्पणी“भारतीय अदालतों ने 1950 से ही प्रशासनिक कार्यों में इस सिद्धांत को मजबूती से लागू किया है।”

न्याय का मानवीय चेहरा

यह फैसला प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक नसीहत है कि अनुशासन बनाए रखने के नाम पर कर्मचारियों को ऐसी सजा नहीं दी जानी चाहिए जो उनके करियर को स्थायी रूप से बर्बाद कर दे, विशेषकर तब जब चूक अनजाने में हुई हो। ‘लाइका’ भले ही 25 साल पहले खोई थी, लेकिन उसके मामले ने आज के कानूनी संदर्भ में “उचित दंड” की परिभाषा को और स्पष्ट कर दिया है।

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