Friday, October 30, 2026
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Supertech Crisis: रियल एस्टेट कंपनी से घर खरीदारों का इंतजार अब और नहीं…बड़ा फैसला आया, गृहप्रवेश का इंतजाम करिए, पढ़िए फैसला

Supertech Crisis: सुप्रीम कोर्ट ने कर्ज में डूबी रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक (Supertech) के हजारों घर खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।

14 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को भी कोर्ट की निगरानी

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने घर खरीदारों की अनिश्चितता और चिंता को देखते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट चाहता है कि सभी 30 प्रोजेक्ट्स (16 जो पहले ही NBCC को मिल चुके हैं और शेष 14) को एक ही व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए। कोर्ट ने NCLAT (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल) से कहा है कि वह सुपरटेक की शेष 14 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को भी कोर्ट की निगरानी वाले ढांचे के तहत पूरा करने पर जल्द फैसला ले।

16 बनाम 14 प्रोजेक्ट्स का गणित

  • सुपरटेक के कुल 30 प्रोजेक्ट्स फंसे हुए थे।
  • पहले 16 प्रोजेक्ट्स: 5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें सरकारी कंपनी NBCC को इन 16 प्रोजेक्ट्स (लगभग 50,000 घर) को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
  • शेष 14 प्रोजेक्ट्स: ये प्रोजेक्ट्स अभी भी सुपरटेक के पास ही थे, जिससे खरीदारों में डर था कि इनका काम कभी पूरा नहीं होगा। अब कोर्ट ने NCLAT से कहा है कि वह 24 अप्रैल की सुनवाई में इन पर भी अंतिम फैसला ले।

कोर्ट के हस्तक्षेप की मुख्य वजह

  • IRP का निलंबन: सुपरटेक के ‘इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल’ (IRP) को कथित कदाचार के कारण निलंबित कर दिया गया है, जिससे प्रोजेक्ट्स के मैनेजमेंट में शून्य पैदा हो गया था।
  • अनुच्छेद 142 का उपयोग: सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का उपयोग किया है ताकि घर खरीदारों के हितों की रक्षा की जा सके।
  • हितधारकों की सुनवाई: CJI ने NCLAT से कहा है कि वह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जैसे भूमि मालिक निकायों और किसानों सहित सभी पक्षों को सुनकर जल्द निर्णय ले।

NBCC का एक्शन प्लान (3 चरण)

  • NBCC ने इन प्रोजेक्ट्स को तीन चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव दिया है।
  • चरण 1: इको-विलेज-2, रोमानो, केपटाउन, जार सूट्स, स्पोर्ट्स विलेज आदि। (नोएडा और ग्रेटर नोएडा)।
  • चरण 2: नॉर्थ आई, अपकंट्री, इको-विलेज-1, मेरठ स्पोर्ट्स सिटी।
  • चरण 3: हिलटाउन (गुरुग्राम), रिवरक्रेस्ट (रुद्रपुर), दून स्क्वायर (देहरादून) और मिकासा (बेंगलुरु)।

केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

बिंदुविवरण
कुल मकानलगभग 51,000 मकान (2010-12 के दौरान बुक किए गए)।
मुख्य एजेंसीNBCC (नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन)।
निर्माण की तारीखNBCC द्वारा 16 प्रोजेक्ट्स का काम 1 मई, 2025 से शुरू होना है।
NCLAT की अगली सुनवाई24 अप्रैल, 2026 (14 शेष प्रोजेक्ट्स पर निर्णय हेतु)।

अदालती सुरक्षा कवच

सुप्रीम कोर्ट ने एक बहुत महत्वपूर्ण आदेश यह भी दिया है कि कोई भी अन्य ट्रिब्यूनल या हाई कोर्ट ऐसा कोई आदेश पारित नहीं करेगा जिससे NBCC द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य में बाधा आए। यह सुनिश्चित करता है कि प्रोजेक्ट बिना किसी कानूनी अड़चन के समय पर पूरे हों।

20 साल के इंतजार का अंत?

सुपरटेक के कई खरीदार पिछले 15-20 वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह सख्त रुख और “कोर्ट-मॉनिटर्ड फ्रेमवर्क” (अदालत की निगरानी वाला ढांचा) यह उम्मीद जगाता है कि अब सरकारी गारंटी के साथ इन घरों का निर्माण पूरा होगा।

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