Friday, May 15, 2026
HomeDecision 30'sDhurandhar 2 OTT: रिमिक्स गाने ओये ओये की धुन पर क्या हुआ...

Dhurandhar 2 OTT: रिमिक्स गाने ओये ओये की धुन पर क्या हुआ बवाल…थियेटर से लेकर ओटीटी रिलीज पर यह रही बात, समझें

Dhurandhar 2 OTT: दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar: The Revenge) की ओटीटी (OTT) रिलीज का रास्ता साफ करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।

रीमिक्स संस्करण रंग दे लाल – ओये ओये के उपयोग पर रोक की मांग की थी

जस्टिस तुषार राव गेडेला ने त्रिमूर्ति फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 1989 की फिल्म त्रिदेव के मशहूर गाने तिरछी टोपीवाले के रीमिक्स संस्करण (रंग दे लाल – ओये ओये) के उपयोग पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि जो चीज सिनेमाघरों में प्रसारित करने की अनुमति है, वह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अचानक उल्लंघन (Infringing act) नहीं बन सकती। यह विवाद त्रिदेव फिल्म के निर्माता त्रिमूर्ति फिल्म्स और सुपर कैसेट्स (टी-सीरीज) के बीच 1988 में हुए एक समझौते से जुड़ा है। त्रिमूर्ति फिल्म्स का दावा था कि उन्होंने केवल कैसेट और रिकॉर्ड बेचने के अधिकार दिए थे, न कि किसी दूसरी फिल्म में गाना इस्तेमाल करने के।

कोर्ट के मुख्य अवलोकन (Key Findings)

  • अदालत ने याचिकाकर्ता (त्रिमूर्ति फिल्म्स) को अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए कई महत्वपूर्ण कारण बताए।
  • तथ्यों को छिपाना: कोर्ट ने पाया कि त्रिमूर्ति फिल्म्स ने कई महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए थे, जिनमें उनके वकील द्वारा 2016 में जारी कानूनी नोटिस और 2016-2020 के बीच चल रहे अन्य मुकदमे शामिल थे।
  • विरोधाभासी दलीलें: वादी ने दावा किया कि उनका प्रमोटर 1997 से विदेश में था, इसलिए वे उल्लंघन की निगरानी नहीं कर सके। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि उसी दौरान वे कई अन्य सक्रिय मुकदमों में शामिल थे।
  • असंगत स्थिति (Incongruous Situation): फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। कोर्ट ने कहा कि अगर थिएटर रिलीज के समय कोई आपत्ति नहीं थी, तो ओटीटी रिलीज पर रोक लगाना तर्कहीन होगा।

भविष्य की तकनीक और 1988 का समझौता

अदालत ने 30 जून, 1988 के मूल असाइनमेंट समझौते की भाषा पर भी गौर किया। “Now or Hereafter Known”: समझौते में ध्वनि पुनरुत्पादन (Sound reproduction) के लिए उन उपकरणों का जिक्र था जो “अभी ज्ञात हैं या भविष्य में ज्ञात होंगे”। डिजिटल स्ट्रीमिंग: कोर्ट ने माना कि यह शब्दावली प्रथम दृष्टया डिजिटल स्ट्रीमिंग जैसे तकनीकी विकास को भी अपने दायरे में लेती है।

कोर्ट का निर्देश: ₹50 लाख जमा करने का आदेश

  • भले ही कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं लगाई, लेकिन दोनों पक्षों के हितों में संतुलन (Balance of equities) बनाए रखने के लिए एक निर्देश जारी किया।
  • सुरक्षा राशि: प्रतिवादी ‘सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज’ को ₹50 लाख रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा करने का निर्देश दिया गया है। यह राशि मुकदमे के अंतिम परिणाम तक सुरक्षित रहेगी।

मामले का सारांश (Quick Highlights)

विवरणकोर्ट का फैसला / टिप्पणी
मुख्य मुद्दाफिल्म ‘त्रिदेव’ के गाने का ‘धुरंधर 2’ में उपयोग।
याचिकाकर्तात्रिमूर्ति फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड।
कोर्ट का रुखओटीटी रिलीज पर रोक लगाने से इनकार।
तर्कसिनेमा और ओटीटी के लिए कॉपीराइट के नियम अलग नहीं हो सकते।
दंडात्मक उपायटी-सीरीज को ₹50 लाख जमा करने को कहा गया।

बौद्धिक संपदा और बदलती तकनीक

यह फैसला मनोरंजन उद्योग के लिए एक बड़ी नजीर है। यह स्पष्ट करता है कि पुराने समझौतों में इस्तेमाल की गई व्यापक शब्दावली (“भविष्य में आने वाली तकनीक”) आज के डिजिटल युग में ओटीटी और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होती है। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि मुकदमेबाजी में पारदर्शिता (तथ्यों को न छिपाना) अनिवार्य है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
clear sky
35 ° C
35 °
35 °
52 %
3.6kmh
0 %
Fri
42 °
Sat
44 °
Sun
44 °
Mon
42 °
Tue
41 °

Recent Comments