8th Pay Commission: यह खबर सोशल मीडिया और सरकारी कर्मचारी सर्किलों में एक बड़ी बहस छेड़ चुकी है। आमतौर पर हर वेतन आयोग के गठन के बाद अलग-अलग कर्मचारी संगठन और यूनियनें अपनी मांगें और मेमोरेन्डम सौंपती हैं। यह रिपोर्ट भी उसी शुरुआती विचार-विमर्श (Consultation Stage) का एक हिस्सा है।
खबर की सच्चाई: क्या यह सरकार का फैसला है?
सीधा जवाब: नहीं! यह सरकार का फैसला या मंजूरी नहीं है। यह केवल इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) द्वारा 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के सामने रखी गई एक सिफारिश/प्रस्ताव (Proposal) है।
IRTSA का ‘मल्टीपल फिटमेंट फैक्टर’ फॉर्मूला क्या है?
अब तक के वेतन आयोगों (जैसे 7वें वेतन आयोग में 2.57) में सभी स्तर के कर्मचारियों के लिए एक ही फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) यानी गुणांक तय किया जाता था। लेकिन IRTSA ने इस बार एक नया तरीका सुझाया है। उनका कहना है कि सीनियर और जूनियर अधिकारियों की जिम्मेदारी के फर्क के हिसाब से अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर होना चाहिए
| पे-मैट्रिक्स लेवल (Levels) | प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर | अधिकारी वर्ग |
| लेवल 1 से 5 | 2.92 | लोअर और जूनियर स्टाफ |
| लेवल 6 से 8 | 3.50 | सुपरवाइजरी स्टाफ |
| लेवल 9 से 12 | 3.80 | मिड-लेवल ऑफिसर्स |
| लेवल 13 से 16 | 4.09 | सीनियर ऑफिसर्स |
| लेवल 17 से 18 | 4.38 | एपेक्स लेवल (सचिव और कैबिनेट सचिव) |
₹10.95 लाख सैलरी का गणित (The Calculation)
वर्तमान बेसिक पे (7th CPC): ₹2,50,000 (कैबिनेट सचिव)
प्रस्तावित गुणांक (Fitment Factor): 4.38
नया कैलकुलेशन: ₹ 2,50,000 \times 4.38 = ₹10,95,000 (प्रति माह बेसिक सैलरी)
अन्य प्रमुख मांगें जो इस प्रस्ताव में हैं
- केवल सैलरी हाइक ही नहीं, इस प्रस्ताव में कुछ और बड़े बदलावों की वकालत की गई है।
- DA का मर्जर: सैलरी रिवीजन से पहले वर्तमान 50% से अधिक महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को बेसिक सैलरी में मर्ज (जोड़) कर दिया जाए।
- सालाना इंक्रीमेंट: हर साल होने वाली वेतन वृद्धि (Annual Increment) को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 5% किया जाए।
- फास्ट प्रमोशन: टेक्निकल और सेफ्टी रेलवे स्टाफ के लिए प्रमोशन की प्रक्रिया को और तेज किया जाए।
असलियत में क्या होने की उम्मीद है? (Expert Analysis)
हालांकि यूनियनों की मांगें बहुत ऊंची हैं (कुछ अन्य यूनियनें जैसे BPMS और NCJCM भी 3.83 से 4.0 तक का फिटमेंट फैक्टर मांग रही हैं), लेकिन आर्थिक जानकारों और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि सरकार इस तरह के भारी-भरकम प्रस्ताव को पूरी तरह स्वीकार नहीं करेगी।
अनुमानित फिटमेंट फैक्टर: एक्सपर्ट्स के अनुसार, सरकार वित्तीय अनुशासन (Fiscal Discipline) और बजट को ध्यान में रखते हुए 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.28 से 3.0 के बीच कहीं तय कर सकती है।
न्यूनतम सैलरी: अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 3.0 के बीच रहता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी (Level 1) वर्तमान ₹18,000 से बढ़कर ₹21,600 से ₹41,000 के दायरे में आ सकती है।
टाइमलाइन: कब तक लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
सरकार द्वारा गठित किए गए 8वें वेतन आयोग (जिसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं) की बैठकें और परामर्श का दौर चल रहा है। इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा रही हैं। चूंकि रिपोर्ट आने और कैबिनेट मंजूरी में समय लग रहा है, इसलिए कर्मचारियों को संशोधित सैलरी लागू होने पर पिछले महीनों का एरियर (Arrears) मिलने की पूरी संभावना है।

