Friday, October 16, 2026
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Advocates Protection Act: तेलंगाना बना पहला राज्य…जहां वकील काे मांगने पर मिलेगी पुलिस सुरक्षा, सभी अधिवक्तागण पढ़िए नया कानून

Advocates Protection Act: तेलंगाना सरकार ने कानूनी समुदाय की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है।

राज्य के विधि विभाग ने जारी की अधिसूचना

तेलंगाना सरकार के विधि विभाग (Law Department) ने 1 जून 2026 को इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी की, जिसके तहत कानून के सभी प्रावधानों को आज से प्रभावी कर दिया गया है। तेलंगाना अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम, 2026 (Telangana Advocates Protection Act, 2026) आज, यानी 2 जून 2026 से पूरे राज्य में लागू हो गया है।

क्यों पड़ी इस कानून की जरूरत?

हाल के वर्षों में अदालतों के भीतर और बाहर वकीलों पर बढ़ते हमलों, हिंसा, डराने-धमाने और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही थी। देश भर के बार काउंसिल और वकील संगठन लंबे समय से वकीलों की सुरक्षा के लिए एक विशेष सुरक्षा कानून (Protection Act) बनाने की मांग कर रहे थे।

यह कानून बार काउंसिल ऑफ तेलंगाना के एक प्रस्ताव और हाई कोर्ट बार एसोसिएशनों, कानूनी मंचों तथा कानूनी बिरादरी के वरिष्ठ सदस्यों से मिले सुझावों और इनपुट्स के बाद तैयार किया गया है। तेलंगाना विधानसभा ने इस साल की शुरुआत में इस विधेयक को पारित किया था।

अधिनियम की मुख्य विशेषताएं और सुरक्षा कवच

सुरक्षा: इस नए कानून के लागू होने से वकीलों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को बिना किसी डर के निभाने के लिए एक मजबूत वैधानिक सुरक्षा (Statutory Protection) मिलेगी।

पुलिस सुरक्षा (Police Protection): यदि किसी वकील को अपने काम के सिलसिले में जान या सुरक्षा का खतरा महसूस होता है, तो उन्हें इस कानून के तहत विशेष पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

झूठे मुकदमों के खिलाफ सुरक्षा: अक्सर वकीलों को उनके मुवक्किलों (Clients) के मामलों के कारण विरोधी पक्षों द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है। यह अधिनियम वकीलों को ऐसे द्वेषपूर्ण और झूठे मामलों (False Implications) से बचाने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय प्रदान करता है।

समर्पित शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism): यदि किसी वकील को अपने पेशेवर कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी, उत्पीड़न या रुकावट का सामना करना पड़ता है, तो वे इस समर्पित वैधानिक तंत्र के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिस पर त्वरित कार्रवाई होगी।

इस कानून का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ताओं की पेशेवर सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह कानून वकीलों के भीतर अपने पेशेवर कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी और निडरता से निभाने के लिए विश्वास को और मजबूत करेगा।
— दुद्दिमल्ला श्रीधर बाबू, विधायी मामलों के मंत्री, तेलंगाना (पूर्व वक्तव्य)

अधिनियम का प्रभाव: एक नज़र में (Core Matrix)

पैरामीटरपुरानी स्थितितेलंगाना अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम (2026) के बाद
पेशेवर सुरक्षावकीलों पर हमले या धमकी होने पर सामान्य आपराधिक धाराओं के तहत ही कार्रवाई होती थी, जिसमें देरी होती थी।त्वरित पुलिस सुरक्षा और सुरक्षा चिंताओं के समाधान के लिए विशेष कानूनी अधिकार।
झूठे मुकदमों का डरविरोधी पक्षों द्वारा वकीलों को डराने या केस से हटाने के लिए झूठे मुकदमों का सहारा लिया जाता था।वकीलों को झूठे मामलों में फंसाने के खिलाफ विशेष कानूनी सुरक्षा उपाय (Safeguards)।
शिकायत निवारणवकीलों के उत्पीड़न की शिकायतों के लिए कोई अलग या समर्पित फोरम नहीं था।समयबद्ध तरीके से वकीलों की समस्याओं को सुनने के लिए एक समर्पित शिकायत निवारण तंत्र।

निष्कर्ष (Takeaway)

तेलंगाना, वकीलों की सुरक्षा के लिए ऐसा विशेष कानून लागू करने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है (इससे पहले राजस्थान ने भी ऐसा कानून पारित किया था)। यह कानून न केवल तेलंगाना के हजारों अधिवक्ताओं को एक सुरक्षित कामकाजी माहौल देगा, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक नजीर (Model) साबित होगा, जहां बार संगठन लगातार ऐसे ही अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम की मांग कर रहे हैं।

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