Saturday, July 25, 2026
HomeDelhi High CourtGymkhana Club: हम सबका दम घुट जाएगा और हम मर जाएंगे…दिल्ली जिमखाना-पोलो...

Gymkhana Club: हम सबका दम घुट जाएगा और हम मर जाएंगे…दिल्ली जिमखाना-पोलो ग्राउंड की हरियाली छीनने की केंद्र की योजना पर कटाक्ष, पढ़ें यह केस

Gymkhana Club: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और कंक्रीट के जंगलों के बीच बचे-खुचे ग्रीन स्पेस (हरियाली वाले क्षेत्रों) को बचाने के लिए केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।

हाईकोर्ट ने दिल्ली जिमखाना क्लब, इंडियन पोलो क्लब और दिल्ली रेस क्लब की जमीनों को वापस लेने की सरकार की योजना पर बेहद गंभीर और भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि “दिल्ली पहले से ही प्रदूषण से घुट रही है और जो थोड़ा बहुत ग्रीन स्पेस बचा है, उसे भी सरकार छीनने पर आमादा है।
हाईकोर्ट की जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की एकल पीठ ने लुटियंस दिल्ली (NDMC क्षेत्र) की ऐतिहासिक धरोहरों और मैदानों को कब्जे में लेने की योजना पर सरकारी वकील से सीधे सवाल किए।

यह रही एक के बाद एक सवाल

“आपको पोलो क्लब क्यों चाहिए? आप जिमखाना जैसी जगहों पर मौजूद इन हेरिटेज स्ट्रक्चर्स (ऐतिहासिक इमारतों) का क्या करने जा रहे हैं? क्या आप वहां 20 मंजिला इमारतें बनाने वाले हैं? एनडीएमसी क्षेत्र में हमारे पास सांस लेने के लिए जो थोड़ी बहुत जगह बची है, वह भी चली जाएगी। हम सब घुट कर मर जाएंगे! पिछले २०० सालों में सरकार को कभी इस जमीन की जरूरत नहीं पड़ी? सिर्फ आप ही जानते हैं कि आप दिल्ली को क्या बनाने जा रहे हैं।”

अदालत ने आगे तंज कसते हुए कहा, “आप कह रहे हैं कि दिल्ली के लोग प्लीज छोटे-मोटे पहाड़ों (हिल स्टेशंस) पर चले जाएं क्योंकि दिल्ली अब रहने लायक नहीं बचेगी। आपको अंदाजा नहीं है कि हम किस तरह घुट रहे हैं। दिल्ली के पास जो एक छोटा सा फेफड़ा (lungs) बचा है, आप उसे भी हमसे छीन रहे हैं।”

हाई कोर्ट का सवाल: ऊंची इमारतें बनाना जनहित कैसे?

सरकारी वकील के तर्कों को पूरी तरह खारिज करते हुए जस्टिस कृष्णा ने पूछा कि हर जगह कंक्रीट के ऊंचे ढांचे खड़े कर देना जनहित कैसे हो सकता है?

“क्या ऊंची-ऊंची इमारतें बनाना जनहित में है? आप दिल्ली को देखिए, हमारे पास चारों तरफ सिर्फ कंक्रीट की ऊंची इमारतें ही बची हैं… अगर आप दिल्ली को इसी तरह जिंदा रखना चाहते हैं, तो भगवान ही हम सबको बचाए। आप जो चाहें करें, आपके पास सत्ता की ताकत (Might) है, लेकिन हकीकत यही है कि दिल्ली का दम घुट जाएगा।”

क्या है पूरा मामला? (जयपुर पोलो ग्राउंड को खाली कराने का नोटिस)

यह पूरा विवाद इंडियन पोलो एसोसिएशन द्वारा दायर एक याचिका से जुड़ा है। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार द्वारा 20 मई 2026 को जारी किए गए उस बेदखली नोटिस (Eviction Notice) को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें रेस कोर्स रोड स्थित ऐतिहासिक ‘जयपुर पोलो ग्राउंड’ को तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया था।

निचली अदालत से नहीं मिली थी राहत: पोलो एसोसिएशन ने पहले इस नोटिस के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन वहां के जज ने बेदखली नोटिस पर तुरंत रोक (Stay) लगाने के बजाय सिर्फ सरकार को नोटिस जारी कर दिया। राहत न मिलने पर एसोसिएशन को हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

केंद्र सरकार की दलील (रक्षा और सार्वजनिक उद्देश्य): केंद्र सरकार की ओर से पेश स्टैंडिंग काउंसिल (CGSC) आशीष दीक्षित ने इस फैसले का बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि मध्य दिल्ली (Central Delhi) में जगह बेहद सीमित है और सरकार के कामकाज व रक्षा संबंधी उद्देश्यों (Defence Purposes) के लिए इस जमीन की सख्त जरूरत है।

विश्लेषण: हाई कोर्ट का अंतिम निर्देश और समयसीमा

अदालत ने माना कि इस मामले में जल्द सुनवाई जरूरी है क्योंकि बेदखली की तलवार लटकी हुई है। हालांकि, हाई कोर्ट ने सीधे आदेश न देकर निचली अदालत को समयबद्ध तरीके से फैसला करने को कहा है।

कोर्ट की कार्रवाईभविष्य का कानूनी प्रभाव
याचिका का निपटारादिल्ली हाई कोर्ट ने पोलो एसोसिएशन की याचिका को कुछ अहम दिशा-निर्देशों के साथ निपटा दिया है।
निचली अदालत को आदेशहाई कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट को सख्त निर्देश दिया है कि वह बेदखली नोटिस पर रोक (Stay Application) लगाने वाली याचिका पर आगामी १० जून को ही अपना अंतिम फैसला सुनाए।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
broken clouds
32.9 ° C
32.9 °
32.9 °
57 %
4.4kmh
69 %
Sat
36 °
Sun
37 °
Mon
37 °
Tue
35 °
Wed
37 °