Wednesday, October 28, 2026
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Employer Workplace: शेयर ऑटो कार्यस्थल की श्रेणी में नहीं आता…बैंक कर्मचारी के खिलाफ POSH कार्रवाई यह रहा फैसला

Employer Workplace: बॉम्बे उच्च न्यायालय ने यौन उत्पीड़न (POSH Act) मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी फैसला सुनाते हुए एक बैंक कर्मचारी के खिलाफ आंतरिक समिति (Internal Committee – IC) के आदेश को रद्द कर दिया है।

POSH अधिनियम के तहत ‘कार्यस्थल’ (Workplace) के दायरे में नहीं आता

हाईकोर्ट के जस्टिस सुमन श्याम और जस्टिस एफ.पी. पूनीवाला की पीठ ने माना कि जब घटना अधिनियम के तहत परिभाषित ‘कार्यस्थल’ पर हुई ही नहीं है, तो आंतरिक शिकायत समिति (IC) के पास मामले में जांच करने और सजा की सिफारिश करने का क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) ही नहीं था। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई घटना शेयर ऑटो-रिक्शा में घटित हुई है, जिसे नियोक्ता (Employer) द्वारा प्रदान नहीं किया गया था, तो वह POSH अधिनियम के तहत ‘कार्यस्थल’ (Workplace) के दायरे में नहीं आता है।

मामला क्या था?: शेयर ऑटो की सवारी और शिकायत

घटना (मार्च 2023): एक बैंक कर्मचारी कुर्ला रेलवे स्टेशन से बीकेसी (BKC) स्थित अपने कार्यालय जाने के लिए शेयर ऑटो-रिक्शा में सवार हुआ। वह महिला शिकायतकर्ता और एक अन्य यात्री के बीच बीच की सीट पर बैठा था।

घटनाक्रम: ऑटो चालक की खराब सड़कों और हिचकोलों के दौरान कर्मचारी का हाथ महिला के बैग से छुआ। महिला ने आरोप लगाया कि उसने गलत नीयत से अनुचित स्पर्श किया है। बहस के दौरान महिला ने कथित तौर पर उस पर पेप्पर स्प्रे छिड़क दिया और पुलिस बुलाई। पुलिस ने आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया।

आंतरिक समिति (IC) की कार्रवाई: महिला ने अपने संस्थान की आंतरिक समिति में भी शिकायत की। शिकायत को बैंक (पुरुष कर्मचारी के नियोक्ता) की IC को भेजा गया। बैंक की IC ने माना कि शेयर ऑटो यात्रा भी धारा 2(o)(v) के तहत ‘कार्यस्थल’ है और कर्मचारी को यौन उत्पीड़न का दोषी पाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर दी।

Employer Workplace: बॉम्बे हाई कोर्ट का कानूनी विश्लेषण

धारा 2(o)(v) में ‘परिवहन’ (Transportation) की वैधानिक सीमा

बैंक कर्मचारी के वकील आनंद पांडे ने तर्क दिया कि कानून के तहत परिवहन साधन नियोक्ता द्वारा प्रदान या व्यवस्थित किया गया होना चाहिए। हाई कोर्ट ने POSH अधिनियम, 2013 की धारा 2(o)(v) का विश्लेषण करते हुए कहा, धारा 2(o)(v) के तहत ‘कार्यस्थल’ की परिभाषा में रोजगार के दौरान या उससे उत्पन्न किसी स्थान की यात्रा के लिए नियोक्ता द्वारा प्रदान किए गए परिवहन (Transportation provided by employer) को ही शामिल किया गया है। इसलिए, यात्रा के साधन को ‘कार्यस्थल’ मानने के लिए यह अनिवार्य है कि वाहन नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराया गया हो, न कि कोई सार्वजनिक या निजी शेयर ऑटो।

Employer Workplace: आंतरिक समिति (IC) के क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) पर फैसला

अदालत ने कहा कि चूंकि शेयर ऑटो नियोक्ता द्वारा प्रदान नहीं किया गया था, इसलिए वह POSH एक्ट के तहत ‘कार्यस्थल’ नहीं है। परिणामस्वरूप, आंतरिक समिति के पास इस शिकायत पर सुनवाई करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं था।

मेरिट्स (आरोपों की सच्चाई) पर कोई टिप्पणी नहीं

अदालत ने साफ किया कि वह इस बात के मेरिट पर नहीं जा रही है कि ऑटो में यौन उत्पीड़न हुआ था या नहीं। कोर्ट का फैसला विशुद्ध रूप से कानूनी क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) और ‘कार्यस्थल’ की परिभाषा पर केंद्रित था। (आपराधिक मामला आईपीसी/बीएनएस के तहत पुलिस जांच में जारी रह सकता है)।

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केस मैट्रिक्स: Bombay High Court Ruling on POSH Workplace Definition

कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलूविवरण / अदालत का फैसला
संबंधित अदालतबॉम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court)
माननीय पीठजस्टिस सुमन श्याम एवं जस्टिस एफ.पी. पूनीवाला
मुख्य कानूनी मुद्दाक्या कर्मचारी द्वारा स्व-व्यवस्थित शेयर ऑटो को POSH Act के तहत ‘कार्यस्थल’ माना जा सकता है?
संबंधित कानूनPOSH अधिनियम, 2013 की धारा 2(o)(v)
अदालत का निर्णयनहीं; नियोक्ता द्वारा प्रदान न किए गए निजी या सार्वजनिक परिवहन को कार्यस्थल नहीं माना जा सकता। IC का आदेश रद्द।

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