Sunday, August 9, 2026
HomeConsumer NewsLow-Speed Electric Vehicle: कानूनी रूप से रजिस्ट्रेशन से छूट प्राप्त कम गति...

Low-Speed Electric Vehicle: कानूनी रूप से रजिस्ट्रेशन से छूट प्राप्त कम गति वाली इलेक्ट्रिक साइकिल/स्कूटर धारक बीमा पा सकते हैं या नहीं, यहां पढ़ें

केस एवं प्रक्रियात्मक सारांश (Case Matrix Overview)

विधिक/प्रशासनिक बिंदुविवरण (जुलाई 2026)
माननीय निकायजिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश)
पीठहिमांशु मिश्रा (अध्यक्ष), स्नेह लता एवं जोगिंदर महाजन (सदस्य)
पक्षकारकेसरी देवी बनाम चोलामोंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
संबंधित कानूनCentral Motor Vehicles Rules, 1989 एवं Consumer Protection Act, 2019
मुख्य विधिक सिद्धांतकानूनन रजिस्ट्रेशन-मुक्त स्लो-स्पीड EV का बीमा प्रीमियम लेने के बाद RTO रजिस्ट्रेशन न होने के बहाने क्लेम रिजेक्ट करना ‘अनुचित व्यापार प्रथा’ है।
अदालत का निर्णयबीमा कंपनी को ₹15,526.50 (9% ब्याज सहित) + ₹10,000 (मुआवजा व कानूनी खर्च) देने का आदेश।

Low-Speed Electric Vehicle: जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, हमीरपुर ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी चोलामोंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस (Cholamandalam MS General Insurance) को ‘सेवा में कमी’ (Deficiency in Service) और ‘अनुचित व्यापार प्रथा’ (Unfair Trade Practice) का दोषी ठहराया है।

अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा तथा सदस्य स्नेह लता और जोगिंदर महाजन की पीठ ने पीड़िता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा, कानूनी रूप से रजिस्ट्रेशन से छूट प्राप्त कम गति वाली इलेक्ट्रिक साइकिल/स्कूटर (Low-Speed Electric Vehicle – Non-RTO Category) का बीमा क्लेम केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि वह आरटीओ (RTO) में पंजीकृत नहीं थी।

उपभोक्ता आयोग की मुख्य टिप्पणियां

  • बीमा कंपनी की दोहरी नीति और मनमानी:“प्रमाणित ‘नॉन-आरटीओ श्रेणी’ (Non-RTO Category) के वाहन का व्यापक बीमा (Comprehensive Insurance) करने के लिए प्रीमियम वसूलना और बाद में केवल इस आधार पर वैध क्लेम खारिज कर देना कि वाहन आरटीओ में पंजीकृत नहीं था, अत्यंत विरोधाभासी और खराब नीयत (Bad Faith) का स्पष्ट संकेत है।”
  • कानूनी स्थिति की पूरी जानकारी: आयोग ने माना कि पॉलिसी दस्तावेज में स्पष्ट रूप से ‘SLOW SPEED, NON-RTO’ लिखा हुआ था। बीमा कंपनी को पॉलिसी जारी करते और प्रीमियम लेते समय वाहन की कानूनी स्थिति की पूरी जानकारी थी। इसलिए बाद में क्लेम खारिज करना पूरी तरह से आधारहीन और गैर-कानूनी है।

मामला क्या था? (Case Background)

  1. ई-साइकिल की खरीदारी और दुर्घटना
    • पीड़िता केसरी देवी ने 28 फरवरी 2024 को हमीरपुर से ‘कोमकी एक्सजीटी-एक्स4’ (Komaki XGT-X4) स्लो-स्पीड इलेक्ट्रिक साइकिल खरीदी थी, जिसकी अधिकतम गति 25 किमी/घंटा और मोटर क्षमता 250 वॉट तक थी।
    • उन्होंने चोलामोंडलम एमएस इंश्योरेंस से 6 मार्च 2024 से 5 मार्च 2025 तक के लिए ‘कंप्रेहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी’ ली।
    • 7 मई 2024 को घर के बाहर खड़ी ई-साइकिल को आवारा पशुओं ने टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
  2. बीमा कंपनी का रिजेक्शन (28 मई 2024)
    • सर्वेक्षक द्वारा वाहन के नुकसान का आकलन करने के बावजूद, बीमा कंपनी ने 28 मई 2024 को यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि दुर्घटना के समय वाहन का RTO में अस्थायी या स्थायी रजिस्ट्रेशन नहीं था, जो मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) का उल्लंघन है।
  3. कानूनी नियम (Central Motor Vehicles Rules, 1989)
    • केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 और 24 अप्रैल 2014 के राजपत्र (Gazette Notification) के तहत 250 वॉट से कम मोटर क्षमता और अधिकतम 25 किमी/घंटा की गति वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को RTO रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस और अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा से पूरी तरह छूट (Exemption) प्राप्त है।

⚖️ उपभोक्ता आयोग का अंतिम आदेश

आयोग ने डीलर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया और माना कि गलती पूरी तरह से बीमा कंपनी की थी। आयोग ने बीमा कंपनी को निम्नलिखित भुगतान करने का आदेश दिया।

  1. आकलित नुकसान की भरपाई: नुकसान के रूप में ₹15,526.50 (शिकायत दर्ज करने की तिथि से वास्तविक भुगतान तक 9% वार्षिक ब्याज के साथ)।
  2. मानसिक प्रताड़ना का मुआवजा: मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए ₹5,000
  3. मुकदमा खर्च (Litigation Cost): कानूनी कार्यवाही के खर्च के रूप में ₹5,000(कुल मिलाकर लगभग ₹25,500 से अधिक का भुगतान करने का निर्देश दिया गया।)

RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
overcast clouds
30.9 ° C
30.9 °
30.9 °
65 %
5kmh
100 %
Sun
35 °
Mon
31 °
Tue
37 °
Wed
37 °
Thu
36 °