Thursday, August 13, 2026
HomeDelhi-NCRGuru Teg Bahadur (GTB) Hospital: सरकारी अस्पतालों में कैंसर उपकरण और वेंटिलेटर...

Guru Teg Bahadur (GTB) Hospital: सरकारी अस्पतालों में कैंसर उपकरण और वेंटिलेटर बेकार पड़े रहने पर हाईकोर्ट हैरान,जानिए मामला

मामला सारांश (At a Glance)

पहलूविवरण
माननीय अदालतदिल्ली उच्च न्यायालय (Division Bench)
पीठ (Bench)न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह एवं न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा
मुख्य मुद्दादिल्ली के 26 सरकारी अस्पतालों में 400 वेंटिलेटर, 910 कंसंट्रेटर और कैंसर मशीनें अप्रयुक्त पड़े होना
प्रमुख अस्पतालजीटीबी अस्पताल, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल
हाईकोर्ट का निर्देशस्वास्थ्य सचिव और सेवा सचिव को 17 अगस्त 2026 को अस्पतालों के प्रमुखों के साथ बैठक कर समाधान का प्लान पेश करने का निर्देश।
अगली सुनवाई18 सितंबर 2026

Guru Teg Bahadur (GTB) Hospital: दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की दयनीय स्थिति और करोड़ों रुपये के जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरणों के धूल फांकने पर गहरा आघात और अचरज व्यक्त किया है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने दिल्ली के 26 सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों की स्थिति पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) मामले की सुनवाई करते हुए 7 अगस्त 2026 को यह सख्त टिप्पणी की। अदालत को सूचित किया गया कि अकेले गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में 400 वेंटिलेटर और 910 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बिना किसी इस्तेमाल के बेकार (Unused) पड़े हुए हैं।

🏛️ दिल्ली उच्च न्यायालय की मुख्य टिप्पणियां

  1. जीटीबी अस्पताल की स्थिति चौंकाने वाली
    • पीठ ने कहा: “गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल की स्थिति बेहद चौंकाने वाली है, जहाँ 400 वेंटिलेटर और 910 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेकार पड़े हैं। अस्पताल के अनुसार, इन्हें कोविड-19 महामारी के दौरान खरीदा या दान में प्राप्त किया गया था, लेकिन अब संख्या में अधिक होने के कारण वे स्टोर में पड़े हैं।”
    • कोर्ट ने यह भी नोट किया कि जीटीबी अस्पताल की ईसीजी (ECG) मशीन तक खराब पड़ी है, जिससे अस्पताल बिना ईसीजी सुविधा के चल रहा है।
  2. कैंसर कैंसर उपचार उपकरणों का कबाड़ बनना गंभीर
    • दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कोर्ट ने कहा कि कैंसर के निदान और इलाज के लिए वैश्विक कंपनियों से खरीदे गए अत्यंत महत्वपूर्ण और महंगे उपकरण वर्षों से बिना इस्तेमाल के पड़े हैं।
    • दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल और चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान में भी अधिकांश मशीनें और उपकरण अप्रयुक्त पाए गए।
  3. उपकरणों के बेकार रहने के कारण
    • दिल्ली सरकार ने अदालत को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया कि तकनीकी रूप से योग्य जनशक्ति (Technically Qualified Manpower/Technicians) की कमी, सामान के पुर्जों (Accessories) का गायब होना और रखरखाव का अभाव इसके मुख्य कारण हैं।

उच्च न्यायालय के कड़े निर्देश

  • 17 अगस्त 2026 को संयुक्त बैठक:
    • हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव और सेवा (Services) सचिव को 26 सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों (Medical Superintendents/Directors) के साथ 17 अगस्त को एक संयुक्त बैठक करने का आदेश दिया है।
  • बैठक के प्रमुख एजेंडे:
    1. अस्पतालों में तकनीशियनों और कर्मचारियों की भर्ती की समय-सीमा (Timelines) तय करना।
    2. एक अस्पताल में अतिरिक्त/बेकार पड़े उपकरणों को दूसरे ज़रूरतमंद अस्पतालों में स्थानांतरित (Re-allocation) करना।
    3. गायब स्पेयर पार्ट्स के लिए निर्माताओं (Manufacturers) से संपर्क करना।
    4. कंडम (खराब) हो चुके पुराने सामान को हटाना।

अदालत का मुख्य संदेश: जनता के टैक्स के पैसों से खरीदे गए जीवनरक्षक और कैंसर उपचार के उपकरण यदि केवल कर्मचारियों की कमी या प्रशासनिक लापरवाही के कारण पड़े-पड़े खराब हो रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
overcast clouds
29.6 ° C
29.6 °
29.6 °
61 %
4.8kmh
100 %
Thu
30 °
Fri
35 °
Sat
36 °
Sun
37 °
Mon
34 °