मामला सारांश (At a Glance)
| पहलू | विवरण |
| संस्थान | नलसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (NALSAR), हैदराबाद |
| विवाद का कारण | CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में आमंत्रित करने के विरोध में छात्रों का ज्ञापन। |
| NALSAR का कदम | BCI की जांच मांग को कार्यकारिणी परिषद (EC) के पास संवैधानिक समीक्षा हेतु भेजने का निर्णय। |
| ताज़ा स्थिति | सुप्रीम कोर्ट द्वारा छात्रों पर दंडात्मक कार्रवाई से राहत; BCI ने जांच की मांग पूरी तरह वापस ली। |
NALSAR Student Vs BCI-II: NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ Law के कुलपति (VC) प्रो. श्रीकृष्ण देव राव ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा दीक्षांत समारोह विवाद को लेकर मांगी गई जांच रिपोर्ट पर विश्वविद्यालय का पक्ष स्पष्ट किया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन BCI की इस मांग को अपनी सर्वोच्च नीति-निर्माता संस्था—कार्यकारिणी परिषद (Executive Council) के समक्ष रखेगा, ताकि यह तय किया जा सके कि ऐसी जांच विश्वविद्यालय के नियमों और संवैधानिक दायरे के तहत स्वीकार्य (Permissible) है या नहीं।
🏛️ BCI का रुख और विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया
- दो परस्पर विरोधी सर्कुलर (13 अगस्त 2026):
- पहला सर्कुलर: BCI ने CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बुलाए जाने का विरोध करने पर NALSAR के पूरे 2026 बैच के इनरोलमेंट (नामांकन) पर रोक लगा दी थी।
- दूसरा सर्कुलर (कुछ घंटों बाद): सोशल मीडिया और कानूनी हलकों में हुए भारी विरोध के बाद BCI ने इनरोलमेंट पर लगी रोक तो हटा ली, लेकिन कुलपति से उन छात्रों, शिक्षकों या बाहरी तत्वों पर जांच रिपोर्ट (Inquiry Report) सौंपने की मांग बरकरार रखी जिन्होंने इस विरोध अभियान की अगुवाई की थी।
- कुलपति (VC) प्रो. श्रीकृष्ण देव राव का वक्तव्य:“मांग की प्रकृति को देखते हुए, विश्वविद्यालय को पहले यह विचार करना होगा कि क्या ऐसी जांच आयोजित करना उसकी शक्तियों का संवैधानिक उपयोग होगा। विश्वविद्यालय के शासी नियमों (Governance Regulations) के तहत इसकी संवैधानिकता और अनुमति का आकलन करने के लिए इस मामले को विश्वविद्यालय की सर्वोच्च संस्था ‘कार्यकारिणी परिषद’ के समक्ष रखा जाएगा। निर्णय होने के बाद BCI को अवगत कराया जाएगा।”
सुप्रीम कोर्ट और BCI अध्यक्ष का नवीनतम अपडेट (14 अगस्त 2026)
- सुप्रीम कोर्ट की रोक: 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट (CJI सूर्यकांत की पीठ) ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए NALSAR के छात्रों और संकाय के खिलाफ BCI के सर्कुलर के आधार पर किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगा दी है।
- BCI का पूर्ण यू-टर्न: BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने 14 अगस्त को स्पष्ट कर दिया है कि आपातकालीन बैठक के बाद जांच की मांग को पूरी तरह वापस ले लिया गया है और अब किसी भी प्रकार की जांच नहीं की जाएगी।

