Tuesday, September 29, 2026
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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट: क्या वे जनेऊ पहनते हैं? क्या वे शिखा (चोटी) रखते हैं? क्या वे पारंपरिक हिंदू पोशाक नियमों का पालन करते हैं? यह पूछे सवाल

अवलोकन तालिका (Key Details Matrix)

पहलूविवरण
संस्थाश्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या
पदपहला पूर्णकालिक CEO
कुल शॉर्टलिस्ट उम्मीदवार18 (जिनमें पूर्व IAS, IPS और सैन्य अधिकारी शामिल हैं)
चयन समिति प्रमुखजस्टिस प्रमोद कोहली (सेवानिवृत्त SC जज)
नियुक्ति का मुख्य कारणवित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता और दान गबन के आरोपों के बाद प्रशासनिक सुधार

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए 18 में से 8 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया।

साक्षात्कार पैनल ने पूर्व प्रशासनिक, पुलिस और सैन्य अधिकारियों से न केवल उनकी प्रशासनिक क्षमता और नेतृत्व कौशल पर सवाल पूछे, बल्कि उनके धार्मिक विश्वास, जीवनशैली और खान-पान से जुड़े कई व्यक्तिगत सवाल भी किए।

❓ साक्षात्कार में पूछे गए मुख्य सवाल

  • धार्मिक पहचान एवं परंपराएं: क्या वे जनेऊ पहनते हैं? क्या वे शिखा (चोटी) रखते हैं? क्या वे पारंपरिक हिंदू पोशाक नियमों का पालन करते हैं?
  • आस्था और विचारधारा: भगवान राम में उनकी आस्था का स्तर क्या है? क्या वे खुद को “कट्टर हिंदू” (Hardline Hindu) मानते हैं या केवल एक सामान्य विश्वासी?
  • जीवनशैली एवं खान-पान: क्या वे शाकाहारी (Vegetarian) हैं या मांसाहारी? क्या वे शराब का सेवन करते हैं?
  • प्रशासकीय विजन: राम मंदिर परिसर के विकास, सामाजिक जुड़ाव, प्रबंधन और भावी कार्ययोजना को लेकर उनकी क्या सोच है?

साक्षात्कार प्रक्रिया और उम्मीदवार

  1. चयन प्रक्रिया
    • लगभग 5,200 आवेदकों में से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था।
    • चयन पैनल में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल हैं।
    • यह पैनल 3 अंतिम उम्मीदवारों का चयन करेगा, जिनमें से ट्रस्ट द्वारा अंतिम CEO चुना जाएगा।
  2. साक्षात्कार देने वाले प्रमुख उम्मीदवार
    • पूर्व IPS अधिकारी: राजेश पांडे
    • पूर्व IAS/DM अधिकारी: दिनेश चंद्र (पूर्व डीएम जौनपुर), योगेश्वर राम मिश्रा और समीर पांड्या।
    • इसके अलावा पूर्व सैन्य अधिकारी और दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों से जुड़े पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौड़ में शामिल हैं।

CEO की नियुक्ति की आवश्यकता क्यों पड़ी?

राम मंदिर ट्रस्ट को यह पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने का निर्णय दान राशि में कथित गबन/वित्तीय अनियमितताओं (Embezzlement of Donations) के आरोपों के बाद लेना पड़ा है।

  • इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय सहित तीन अधिकारियों को अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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