Bihar BJP MLA: दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
‘हर्ष फायरिंग’ (Celebratory Firing) पर बेहद सख्त टिप्पणी की
अदालत ने कहा, कानून के शासन (Rule of Law) द्वारा संचालित राज्य में हमें न तो किसी ‘सिंघम’ की आवश्यकता है और न ही किसी ‘पुष्पा’ की। बंदूकों के दम पर मर्दानगी का प्रदर्शन करने और खुद को ‘बाहुबली’ दिखाने की नेताओं की यह सनक जनता के भरोसे के साथ विश्वासघात है।” सोशल गैदरिंग्स और शादियों में होने वाली ‘हर्ष फायरिंग’ (Celebratory Firing) पर एक बेहद सख्त और तीखी टिप्पणी की। दरअसल, यह मामला नववर्ष (New Year’s Eve) के जश्न के दौरान हुई फायरिंग से जुड़ा है, जिसमें एक 45 वर्षीय महिला की जान चली गई थी। जेल की सजा के साथ-साथ कोर्ट ने दोषी विधायक पर ₹25 लाख का भारी जुर्माना भी लगाया है, जो पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।
मामला क्या है?: नए साल के जश्न में चली गोली और अर्चना गुप्ता की मौत
यह आपराधिक मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है, जब दिल्ली के एक वीआईपी फार्महाउस में नए साल का जश्न मनाया जा रहा था।
घटनास्थल और वारदात: दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित अंबेडकर कॉलोनी के रोज फार्म (Rose Farm) में नए साल की एक पार्टी चल रही थी। इस पार्टी के दौरान बिहार के तत्कालीन नेता और वर्तमान भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह ने अपनी बंदूक से हवा में ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।
महिला को लगी गोली: हवा में चलाई गई इन गोलियों में से एक गोली वहां मौजूद अर्चन गुप्ता (45 वर्ष) नामक महिला को जा लगी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
गवाहों की गवाही: अभियोजन पक्ष (Prosecution) ने इस मामले को साबित करने के लिए कोर्ट के सामने कुल 33 गवाह पेश किए। इनमें से 7 चश्मदीद गवाह (Eyewitnesses) थे। मुख्य रूप से तीन चश्मदीदों—मृतका के पति और शिकायतकर्ता विकास गुप्ता, उनके चचेरे भाई पुनीत गुप्ता और पुनीत की पत्नी शिखा गुप्ता—ने कोर्ट में विधायक के खिलाफ (पुख्ता) गवाही दी।
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: “नेताओं का ‘बाहुबली’ बनने का शौक अवैध हथियारों के इकोसिस्टम को बढ़ावा देता है”
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने अपने आदेश में न केवल विधायक को दोषी ठहराया, बल्कि भारतीय राजनीति में ‘गन कल्चर’ (हथियारों के प्रदर्शन की संस्कृति) और सिनेमाई किरदारों के रीयल-लाइफ नकल पर गहरा प्रहार किया। कोर्ट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
फिल्मी किरदारों ‘सिंघम’ और ‘पुष्पा’ पर निशाना
अदालत ने लोकलुभावन सिनेमाई राष्ट्रवाद और कानून तोड़ने वाले ‘एंग्री यंग मैन’ वाले किरदारों पर टिप्पणी करते हुए कहा, एक ऐसे राज्य में जहां कानून का राज चलता है, हमें न तो किसी सिंघम की जरूरत है और न ही किसी पुष्पा की। हालांकि, राजू कुमार सिंह द्वारा किया गया यह ढीटतापूर्ण कृत्य इन दोनों ही तरह की आकांक्षाओं (Singham/Pushpa) के लिए एक प्रेरणा था।
समाज और अपराधियों पर गलत प्रभाव
जज ने रेखांकित किया कि जब एक विधायक (MLA) सार्वजनिक या सामाजिक समारोहों में एक ‘स्ट्रॉन्ग-मैन’ या बाहुबली की तरह हथियारों का खुला प्रदर्शन करता है, तो वह अपराधियों को यह संदेश देता है कि बंदूक ही ताकत और धौंस जमाने का सबसे बड़ा जरिया है। कोर्ट ने कहा, हमारे देश में कई महत्वाकांक्षी गैंग लीडर या स्ट्रॉन्ग-मैन बंदूक के दम पर राजनीति में कदम रखते हैं और ‘बाहुबली’ का कुख्यात खिताब हासिल करते हैं। बंदूकधारी राजनेता के रूप में दिखने की अपनी सनक में, दोषी का यह आचरण न केवल उसके मतदाताओं के सार्वजनिक विश्वास को धोखा देता है, बल्कि आपराधिक तत्वों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
अवैध हथियारों का बढ़ता बाजार
कोर्ट ने चिंता जताई कि भारत के कुछ राज्य अवैध हथियारों (Illicit Firearms) के निर्माण के लिए जाने जाते हैं। जब समाज के शीर्ष पर बैठे जनप्रतिनिधि इस तरह बंदूकों का भौकाल काटते हैं, तो इससे समाज में अवैध हथियारों और तमन्चों का एक पूरा ‘इकोसिस्टम’ तैयार होता है, जिसे वर्दीधारी रक्षक और कानून तोड़ने वाले अपराधी दोनों ही अपनी ‘मर्दानगी की संतुष्टि’ (Macho Gratification) के लिए अपना लेते हैं।
किस कानून के तहत हुई सजा?
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 6 जून को ही विधायक राजू कुमार सिंह को निम्नलिखित धाराओं के तहत दोषी (Convict) करार दे दिया था, जिसकी सजा का ऐलान अब किया गया है।
IPC की धारा 304 (II): गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide not amounting to murder) — इसके तहत अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। कोर्ट ने उन्हें 4 साल जेल की सजा सुनाई।
आर्म्स एक्ट की धारा 30: लाइसेंस या नियमों के उल्लंघन में हथियार का इस्तेमाल करने पर सजा।
केस मैट्रिक्स: राउज एवेन्यू कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला (जुलाई 2026)
| कानूनी और प्रशासनिक श्रेणियां | अदालत द्वारा तय की गई विधिक स्थिति |
| संबंधित अदालत | राउज एवेन्यू कोर्ट (विशेष कोर्ट), नई दिल्ली |
| माननीय न्यायाधीश | विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने |
| दोषी (Convict) | राजू कुमार सिंह (भाजपा विधायक, साहेबगंज, बिहार) |
| मुख्य अपराध | न्यू ईयर पार्टी (2018) में हर्ष फायरिंग, जिससे अर्चना गुप्ता की मौत हुई। |
| विधिक धाराएं | आईपीसी की धारा 304 (II) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 |
| सुनाई गई सजा | 4 साल का कठोर कारावास और ₹25 लाख का मुआवजा (पीड़ित परिवार के लिए)। |

