Tuesday, September 29, 2026
HomeHigh CourtBJP leader's Murder: चूंकि मैं विधायक हूं, मैं कुछ भी करके बच...

BJP leader’s Murder: चूंकि मैं विधायक हूं, मैं कुछ भी करके बच सकता हूं…पूर्व कांग्रेस विधायक की अपील पर यह टिप्पणी क्यों, जानिए

BJP leader’s Murder: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, कर्नाटक राज्य में लोक सेवकों (Public Servants) या राजनीतिक नेताओं का हत्या जैसे जघन्य अपराधों (Heinous Offences) में शामिल होना बेहद दुर्लभ है।

पूर्व विधायक ने BJP leader Murder सजा के खिलाफ अपील दायर की थी

हाईकोर्ट जस्टिस मोहम्मद नवाज और जस्टिस जी. बसवराजा की खंडपीठ के समक्ष पूर्व विधायक विनय कुलकर्णी और सह-दोषी चंद्रशेखर इंदी द्वारा अपनी दोषसिद्धि (Conviction) और आजीवन कारावास (Life Sentence) की सजा के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। ऐसे मामले कुछ अन्य राज्यों में अधिक आम दिखते हैं, लेकिन कर्नाटक में राजनीतिक तौर पर ऐसा कम ही देखने को मिलता है।” कर्नाटक हाईकोर्ट ने भाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में पूर्व कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी की अपील पर सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण मौखिक टिप्पणी की है।

मामला क्या है?: राजनेता बनाम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की हत्या का मामला

यह हाई-प्रोफाइल मामला भाजपा जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की हत्या की साजिश से जुड़ा है, जिसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने की थी।

सीबीआई (CBI) की दलील: केंद्रीय एजेंसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू ने दोषियों की सजा को निलंबित (Suspension of sentence) करने और उन्हें जमानत देने का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह मामला एक जनप्रतिनिधि (विनय कुलकर्णी) द्वारा एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को रास्ते से हटाने के लिए अपने पद और ताकत का खुल्लम-खुल्ला दुरुपयोग करने का है।

‘डमी’ हमलावर का खेल: एएसजी राजू ने कोर्ट को बताया कि असली हत्यारों को बचाने के लिए उनकी जगह ‘डमी’ हमलावरों को आत्मसमर्पण कराया गया और सबूतों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। उन्होंने कहा, “जब जांच सीबीआई को सौंपी गई, तब जाकर इस गहरी साजिश का भंडाफोड़ हुआ। ऐसे रसूखदार व्यक्ति को जमानत कैसे दी जा सकती है?”

Also Read;Fault Of His Counsel: वकील की लापरवाही की सजा मुवक्किल को नहीं…मुआवजे के मामले में 3558 दिनों की भारी देरी को किया माफ, पढ़ें केस

हाई कोर्ट की टिप्पणी बनाम एएसजी का जवाब: प्रवृत्ति को शुरुआत में ही कुचलना जरूरी

जब सीबीआई ने राजनेताओं के अपराध में लिप्त होने का मुद्दा उठाया, तो जस्टिस मोहम्मद नवाज ने मौखिक रूप से कहा, जहां तक जघन्य अपराधों में लोक सेवकों या राजनीतिक हस्तियों के शामिल होने का सवाल है, हमने पाया है कि अन्य राज्यों में यह अधिक है। कर्नाटक राज्य में ऐसा बहुत कम (Very rarely) होता है चाहे इस पक्ष के नेता हों या उस पक्ष के। इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए एएसजी एस.वी. राजू ने कहा कि वे यह जानकर खुश हैं कि कर्नाटक में ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन उन्होंने आगाह करते हुए कहा, अगर ऐसी कोई प्रवृत्ति (Trend) शुरू हुई है, तो इसे शुरुआत में ही कुचल दिया जाना चाहिए (Nipped in the bud)। हमें ऐसा प्रभाव नहीं बनने देना चाहिए कि ‘चूंकि मैं विधायक हूं, मैं कुछ भी करके बच सकता हूं।’ अगर सजा को निलंबित कर जमानत दी गई, तो बाहुबलियों में यही संदेश जाएगा कि वे ऊंचे पदों पर होने के कारण कानून से ऊपर हैं।

राजनीतिक प्रभाव और सरकारी अरुचि पर कोर्ट की चिंता

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की खंडपीठ ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई कि कुछ मामलों में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों से जुड़े अपराधों को बहुत हल्के में लिया जाता है।

अदालत का अवलोकन: कोर्ट ने कहा, कुछ मामलों में, शायद संबंधों या संपर्कों के कारण, मामलों को बहुत हल्के में देखा जाता है। यही कारण है कि हम यह टिप्पणी कर रहे हैं कि इसमें एक लोक सेवक या अत्यधिक प्रभावशाली व्यक्ति शामिल है। कुछ मामलों में तो सरकार भी (मुकदमा चलाने में) रुचि नहीं दिखाती।

एएसजी की सहमति: एएसजी राजू ने कोर्ट की इस बात का समर्थन करते हुए कहा, ऐसे कई मामले हैं जहां सरकारें भ्रष्ट और अपराधी राजनेताओं को बचाती हैं। मैं ऐसे मामलों की सूची दे सकता हूं। सरकारें बदलने पर राजनीतिक मुकदमों को वापस ले लेने के भी कई उदाहरण मौजूद हैं।

BJP leader’s Murder का केस मैट्रिक्स: कर्नाटक हाई कोर्ट की सुनवाई (Case Summary)

विधिक और प्रशासनिक श्रेणियांकर्नाटक उच्च न्यायालय की विधिक कार्यवाही (२०२६)
संबंधित अदालतकर्नाटक उच्च न्यायालय (बेंगलुरु)
माननीय खंडपीठजस्टिस मोहम्मद नवाज और जस्टिस जी. बसवराजा
मुख्य आरोपी/अपीलकर्ताविनय कुलकर्णी (पूर्व कांग्रेस विधायक)
मूल मामलाभाजपा नेता योगेश गौड़ा की हत्या की साजिश (CBI जांच)
विधिक मांगआजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर जमानत की गुहार।
केंद्रीय एजेंसी का प्रतिनिधित्वअतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
overcast clouds
30.2 ° C
30.2 °
30.2 °
65 %
2kmh
95 %
Tue
30 °
Wed
33 °
Thu
32 °
Fri
33 °
Sat
33 °

Recent Comments