Misleading Trade: मामला सारांश (At a Glance)
| पहलू | विवरण |
| नियामक संस्था | केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) |
| संबंधित कंपनी | Amazon Seller Services Private Limited |
| जुर्माना राशि | ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) |
| मुख्य उल्लंघन | भ्रामक विज्ञापन, साधारण मिठाई को ‘राम मंदिर प्रसाद’ बताकर बेचना और विक्रेता ब्योरा न देना। |
Misleading Trade: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ‘अमेज़न सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ (Amazon) पर बिना किसी आधिकारिक अनुमति के अपनी वेबसाइट पर साधारण मिठाइयों को “श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद” बताकर बेचने की अनुमति देने के लिए ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है।
मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की पीठ ने कंज्यूमर कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) द्वारा दर्ज शिकायत पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
Misleading Trade: CCPA की मुख्य टिप्पणियां और कानूनी निष्कर्ष
- धार्मिक भावनाओं और भ्रामक विज्ञापन का मामला:“श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ शब्द का इस्तेमाल किसी साधारण मिठाई के लिए करना, वह भी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बिना किसी अनुमति के, केवल भ्रामक व्यापारिक आचरण (Misleading Trade Practice) ही नहीं है, बल्कि करोड़ों उपभोक्ताओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।”
- मध्यस्थ (Intermediary / Safe Harbour) के दावे को खारिज किया:
- अमेज़न ने तर्क दिया था कि वह केवल एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 79 के तहत उसे तीसरे पक्ष (Sellers) के उत्पादों के लिए सुरक्षा/छूट (Safe Harbour) प्राप्त है।
- CCPA ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि IT एक्ट और उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 अलग-अलग कानूनी धरातल पर काम करते हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म आईटी एक्ट की आड़ लेकर उपभोक्ता अधिकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से नहीं भाग सकते।
Misleading Trade: मामले की पृष्ठभूमि (Case Background)
- उत्पाद की बिक्री: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह (जनवरी 2024) से ठीक पहले अमेज़न पर ‘बिहार ब्रदर्स’ (चांदू ट्रेडिंग कंपनी) द्वारा घी लड्डू, खोया लड्डू, बूंदी लड्डू और पेड़ा जैसी मिठाइयों को “श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या का आशीर्वाद” और “राम मंदिर प्रसाद” बताकर सूचीबद्ध (List) किया गया था।
- कमाई का ब्योरा: अमेज़न ने बताया कि इन चार लिस्टिंग से कुल ₹39,802 की बिक्री हुई थी, जिसमें से उसे ₹15,165 सर्विस फीस के रूप में मिले थे।
- विक्रेता विवरण में कमी: CCPA ने यह भी पाया कि अमेज़न विक्रेताओं और उनके शिकायत निवारण अधिकारी (Grievance Officer) के पूर्ण विवरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने में विफल रहा।
Misleading Trade: अमेज़न के लिए जारी मुख्य निर्देश
- ₹1 लाख जुर्माना: अमेज़न को 15 दिनों के भीतर ₹1 लाख की जुर्माना राशि जमा करने का आदेश दिया गया।
- धार्मिक प्रसाद हेतु सत्यापन अनिवार्य: अमेज़न को निर्देश दिया गया है कि ‘प्रसाद’, ‘महाप्रसाद’, ‘भोग’ आदि के नाम से बेचे जाने वाले उत्पादों को बिना आधिकारिक प्राधिकरण/प्रमाण पत्र (Proof of Authorisation) के सूचीबद्ध न किया जाए।
- 10 प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल: यह नियम राम जन्मभूमि, तिरुपति बालाजी, माता वैष्णो देवी, काशी विश्वनाथ और जगन्नाथ पुरी मंदिर सहित देश के 10 प्रमुख धार्मिक संस्थानों के उत्पादों पर लागू होगा।
- कीवर्ड मॉनिटरिंग प्रणाली: अमेज़न को अपने सर्च और कीवर्ड-आधारित मॉनिटरिंग तथा टेकडाउन सिस्टम को मजबूत करने का आदेश दिया गया है।

