EV Policy 2026: दिल्ली में प्रदूषण कम करने और ‘स्मार्ट सिटी’ की दिशा में बढ़ने के लिए सरकार ने पेट्रोल से चलने वाले दुपहिया वाहनों (स्कूटर और मोटरसाइकिल) को लेकर बेहद सख्त डेडलाइन तय की है।
दरअसल, दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी 2026 लॉन्च हो गई है। सीएम रेखा गुप्ता ने 29 जून 2026 को बताया कि ईवी नीति को कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी। 1 जुलाई से लागू करने का प्रयास हो रहा है। पूरे देश में दिल्ली एकमात्र से राज्य है जो ईवी पर सबसे अधिक सब्सिडी अन्य सुविधाएं देता है। ईवी नीति में दो पहिया, तीन पहिया, चार पहिया, ग्रामीण सेवा आदि को शामिल किया गया है।
आइए दिल्ली में वाहनों पर होनेवाले पॉलिसी परिवर्तन को बिंदुवार समझते हैं।
31 मार्च 2028 आखिरी दिन: दिल्ली में पेट्रोल से चलने वाले बाइक या स्कूटर खरीदने और रजिस्टर कराने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2028 होगी।
1 अप्रैल 2028 से पूर्ण प्रतिबंध: 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल और केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (Electric Two-Wheelers) का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. इसके बाद पेट्रोल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद हो जाएगा, जिससे पेट्रोल बाइक्स को चरणबद्ध तरीके से (Phase Out) खत्म किया जा सके।
इसके अलावा अन्य कड़े टाइमलाइन्स भी तय किए गए हैं
1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (ऑटो) और N1 कैटेगरी के हल्के कमर्शियल इलेक्ट्रिक ट्रकों का ही रजिस्ट्रेशन होगा।
स्कूल बसों के लिए: पॉलिसी लागू होने के 2 साल के भीतर स्कूलों को अपनी कम से कम 10% बसों को इलेक्ट्रिक में बदलना होगा, 3 साल में 20% और 31 मार्च 2030 तक 30% बसें इलेक्ट्रिक करनी होंगी।
दिल्ली सरकार द्वारा मंज़ूर की गई नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी 2026-30 को लेकर पूछे गए मुख्य सवालों के विस्तृत जवाब जानिए
स्ट्रांग हाइब्रिड गाड़ियों को टैक्स छूट क्यों नहीं?
दिल्ली कैबिनेट द्वारा पास की गई अंतिम EV पॉलिसी में स्ट्रांग हाइब्रिड (Strong Hybrid) गाड़ियों को मिलने वाली टैक्स छूट के प्रस्ताव को पूरी तरह हटा (Drop) दिया गया है. इसके पीछे मुख्य कारण और सरकारी तर्क निम्नलिखित हैं।
प्योर ईवी (Pure EVs) पर पूरा फोकस: दिल्ली की परिवहन आयुक्त निहारिका राय ने साफ़ किया कि “यह पॉलिसी सिर्फ और सिर्फ प्योर इलेक्ट्रिक वाहनों (Pure EVs) को बढ़ावा देने के लिए है। सरकार का मानना है कि इंसेंटिव का पैसा पूरी तरह से शून्य-उत्सर्जन (Zero-Emission) वाले वाहनों पर ही खर्च होना चाहिए।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता: आलोचकों और नीति निर्धारकों का तर्क था कि हाइब्रिड गाड़ियों (जिसमें पेट्रोल इंजन भी होता है) को छूट देने के बजाय, सरकार को वह पैसा दिल्ली में चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाने और प्योर ईवी को बढ़ावा देने में निवेश करना चाहिए।
अंतिम निर्णय में बदलाव: हालांकि ड्राफ्ट पॉलिसी में ₹30 लाख तक की स्ट्रांग हाइब्रिड गाड़ियों पर 50% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ़ करने का प्रस्ताव था (ताकि ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर बनने तक इसे एक ट्रांजिशन टेक्नोलॉजी के रूप में इस्तेमाल किया जा सके), लेकिन अंतिम नीति में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। अब केवल प्योर ईवी पर ही 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन वेवर (Waiver) मिलेगा।
स्क्रैपिंग और व्हीकल इंसेंटिव (Subsidies) का पूरा गणित
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, सरकार इंसेंटिव देने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ₹15,000 करोड़ खर्च करेगी. इसके तहत मिलने वाले फायदे इस प्रकार हैं।
नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलने वाले इंसेंटिव (Purchase Incentives)
उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक वाहन की ओर आकर्षित करने के लिए सरकार शुरुआती सालों में नकद सब्सिडी दे रही है, जो हर साल कम होती जाएगी।
(फोर-व्हीलर): ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली प्योर इलेक्ट्रिक कारों पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज माफ रहेगा। हालांकि, इस पॉलिसी के तहत खरीदी गई ईवी को 3 साल तक किसी अन्य राज्य में बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
पुरानी गाड़ियां कबाड़ (Scrap) करने पर मिलने वाले इंसेंटिव
अगर आप अपनी पुरानी BS-IV या उससे भी पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (Scrap) करते हैं, तो नई गाड़ी लेते समय आपको निम्नलिखित अतिरिक्त छूट मिलेगी।
टू-व्हीलर (Two-Wheelers): ₹10,000
थ्री-व्हीलर (Three-Wheelers): ₹25,000
ग्रामीण सेवा वाहन (Gramin Seva): ₹15,000 (ऑपरेशनल लाइफ खत्म होने पर)
N1 कमर्शियल ट्रक: ₹50,000
फोर-व्हीलर (BS-IV या पुरानी कारें): ₹1,00,000 का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा (यह लाभ पहले केवल 1 लाख कार मालिकों के लिए ही उपलब्ध है).
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य लाभ
32,000 नए चार्जिंग पॉइंट्स: ‘PM E-Drive’ स्कीम और दिल्ली सरकार के बजट की मदद से पूरी दिल्ली में 32,000 नए चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है।
दिल्ली एंट्री फीस में छूट: पॉलिसी नोटिफाई होने के 3 महीने के भीतर खरीदे जाने वाले पहले 1,000 इलेक्ट्रिक N2 ट्रकों (3.5 से 12 टन वजन वाले) को दिल्ली की एंट्री फीस (Entry Fee) से पूरी तरह छूट दी जाएगी।

