Tuesday, November 3, 2026
HomeLatest NewsEvidence Missing: एर्नाकुलम कोर्ट परिसर के मालखाने से राडो घड़ी सहित 124...

Evidence Missing: एर्नाकुलम कोर्ट परिसर के मालखाने से राडो घड़ी सहित 124 मुकदमों के केस प्रॉपर्टी गायब; 10 वर्षों के ऑडिट में खुली पोल, जांच शुरू

FOLLOW US FOR MORE LEGAL UPDATES ON WhatsApp

चोरी का खुलासा कैसे हुआ?

  1. महिला उद्योगपति की क्लेम याचिका:चोरी का मामला तब उजागर हुआ जब अदालत ने कोच्चि की एक महिला उद्योगपति द्वारा अपने पति की जब्त की गई राडो घड़ी को वापस पाने के लिए दायर ‘दावा याचिका’ (Claim Petition) को मंजूरी दी।
  2. 2016 का जबरन वसूली का मामला:यह घड़ी 2016 के एक आपराधिक मामले से जुड़ी हुई थी, जिसमें एक गिरोह ने उद्योगपति को धमकाकर लगभग ₹1.5 करोड़ मूल्य की एक लक्जरी कार और राडो घड़ी छीन ली थी। साउथ पुलिस स्टेशन की टीम ने इन सामानों को त्रिप्रयार (त्रिशूर) के एक साहूकार से बरामद करके अदालत के मालखाने में जमा कराया था।
  3. ऑडिट में 123 अन्य मुकदमों की चोरी उजागर:अदालत के आदेश पर जब कर्मचारी घड़ी रिलीज करने के लिए मालखाने पहुँचे, तो डिब्बे से घड़ी नदारद थी। इसके बाद जब कोर्ट रिकॉर्ड्स और मालखाने के साक्ष्य रजिस्टरों का विस्तृत ऑडिट कराया गया, तो पता चला कि 123 अन्य आपराधिक मुकदमों की केस प्रॉपर्टी और दस्तावेज भी गायब हैं।

विधिक व प्रक्रियात्मक पहलू

1. BNS की धारा 306 के तहत कार्रवाई:

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 306 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है, जो विशेष रूप से किसी क्लर्क, सेवक या कर्मचारी द्वारा अपने नियोक्ता के संरक्षण में रखी संपत्ति की चोरी से संबंधित है। इससे स्पष्ट होता है कि प्राथमिक जांच का दायरा अदालत के ही किसी अंदरूनी कर्मचारी की संलिप्तता की ओर है।

2. आपराधिक मुकदमों (Trials) पर प्रभाव:

अदालत के मालखाने से साक्ष्यों और दस्तावेजों का गायब होना गंभीर विधिक संकट खड़ा करता है। साक्ष्यों के अभाव में संबंधित 124 मुकदमों के विचारण (Trial) और अभियुक्तों की दोषसिद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। एर्नाकुलम पुलिस फिलहाल अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है।

कोच्चि (केरल): भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 497 व 498 (केस प्रॉपर्टी / भौतिक साक्ष्यों की अदालती अभिरक्षा व निस्तारण—पूर्व CrPC धारा 451/452), भारतीय साक्ष्य अधिनियम/भारतीय साक्ष्य संहिता, 2023 (BSA) के तहत ‘कस्टडी की श्रृंखला’ (Chain of Custody of Material Objects – MOs), भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 306 (लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे की संपत्ति की चोरी / Theft by clerk or servant of property in possession of master—पूर्व IPC धारा 381), तथा न्यायिक मालखानों (Court Property Rooms) की आंतरिक सुरक्षा व ऑडिट प्रणाली के गंभीर क्षरण पर केरल की न्यायपालिका में हड़कंप मचा देने वाला एक अत्यंत संवेदनशील मामला उजागर हुआ है।

एर्नाकुलम जिला न्यायालय परिसर स्थित न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत (JFCM-II), एर्नाकुलम के मालखाने (Evidence Storage Facility / Property Room) से ₹1.9 लाख मूल्य की लक्जरी राडो (Rado) घड़ी सहित कुल 124 मुकदमों से संबंधित महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य (Case Materials/Evidence Items) रहस्यमय तरीके से गायब पाए गए हैं।

अदालत के जूनियर सुपरिंटेंडेंट द्वारा दी गई आधिकारिक शिकायत के आधार पर एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन ने 29 अक्टूबर 2026 को अज्ञात अदालती कर्मचारियों के विरुद्ध BNS की धारा 306 के तहत औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस की प्रारंभिक जांच और अदालती रिकॉर्ड्स के अनुसार, साक्ष्यों और संपत्तियों के गायब होने की यह अवधि 1 जनवरी 2016 से 21 सितंबर 2026 (लगभग 10 वर्षों) के बीच की मानी जा रही है।

चोरी का खुलासा: कोच्चि की महिला उद्यमी की ‘रिलीज अर्जी’ से खुली पोल

1. 2016 का मूल अपराध और बरामदगी:

  • वर्ष 2016 में कोच्चि के एक जाने-माने उद्योगपति को एक आपराधिक गिरोह ने धमकाकर उनसे लगभग ₹1.5 करोड़ मूल्य की एक लक्जरी कार और लगभग ₹1.9 लाख मूल्य की राडो (Rado) घड़ी जबरन छीन ली थी।
  • एर्नाकुलम साउथ पुलिस स्टेशन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह घड़ी त्रिशूर जिले के त्रिप्रयार में एक साहूकार (Moneylender) के पास से बरामद की थी और उसे बतौर ‘केस प्रॉपर्टी’ (Material Object) JFCM-II अदालत के मालखाने में विधिवत जमा करा दिया था।

2. रिलीज ऑर्डर और मालखाने की पोल:

  • पिछले महीने (सितंबर 2026 में) उक्त उद्योगपति की पत्नी (महिला उद्यमी) ने अदालत के समक्ष BNSS/CrPC के तहत एक ‘क्लेम पिटीशन’ (Claim Petition) दाखिल कर अपने पति की राडो घड़ी अवमुक्त (Release) करने की मांग की।
  • अदालत ने मामले के तथ्यों के आधार पर घड़ी वापस करने का आदेश पारित कर दिया। किंतु जब अदालती कर्मचारी आदेश के अनुपालन में घड़ी निकालने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम/मालखाने में गए, तो वह निर्दिष्ट बक्से/स्थान से पूरी तरह गायब थी।

3. आंतरिक ऑडिट में सामने आया व्यापक घोटाला:

  • एक कीमती घड़ी के गायब होने के बाद जब अदालत के वरिष्ठ अधिकारियों ने पिछले 10 वर्षों के प्रॉपर्टी रजिस्टरों और आंतरिक ऑडिट रिपोर्टों का मिलान शुरू किया, तो पता चला कि यह कोई अकेली घटना नहीं है।
  • रिकॉर्ड्स की जांच में पुष्टि हुई कि वर्ष 2016 से 2026 के बीच कुल 124 मुकदमों से जुड़े विभिन्न भौतिक साक्ष्य, दस्तावेज और कीमती सामान मालखाने से गायब किए जा चुके हैं।

Also Read; Ghaziabad’s Lawyer: गाजियाबाद के चार अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की अनुच्छेद 32 याचिका; वकीलों पर जानलेवा हमले में हत्या के प्रयास और पुलिसिया पक्षपात

मामले की तथ्यात्मक पृष्ठभूमि एवं विधिक विवरण

संदर्भ / विवरणविधिक एवं तथ्यात्मक स्थिति
घटनास्थलमालखाना / एविडेंस रूम, न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत (JFCM-II), एर्नाकुलम जिला न्यायालय परिसर, कोच्चि (केरल)।
शिकायतकर्ताजूनियर सुपरिंटेंडेंट, न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत (JFCM-II), एर्नाकुलम।
जांच एजेंसीएर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन (कोच्चि सिटी पुलिस)।
प्राथमिकी दर्ज करने की तिथि29 अक्टूबर 2026।
लागू कानूनी धाराभारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 306 — लिपिक, कर्मचारी या सेवक द्वारा उस संपत्ति की चोरी जो उसके नियोक्ता या मालिक के कब्जे में हो (पूर्ववर्ती IPC की धारा 381)।
अपराध की संदिग्ध समयावधि1 जनवरी 2016 से 21 सितंबर 2026 के मध्य।
गायब साक्ष्यों का पैमानाकुल 124 आपराधिक मुकदमों से संबंधित केस प्रॉपर्टी और महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य (जिसमें ₹1.9 लाख की राडो घड़ी शामिल है)।
आरोपियों की स्थितिअज्ञात अदालती कर्मचारी/प्रभारी; पुलिस द्वारा पहचान और धरपकड़ हेतु विशेष जांच जारी।

विधिक एवं प्रक्रियात्मक विश्लेषण: ‘कस्टडी की श्रृंखला और विचारण (Trial) पर प्रभाव’

  • आपराधिक न्याय प्रणाली में ‘कस्टडी की श्रृंखला’ (Chain of Custody):
    • भारतीय साक्ष्य विधि का बुनियादी सिद्धांत है कि अपराध स्थल से बरामद किसी भी वस्तु को जब तक अदालत में ‘मटेरियल ऑब्जेक्ट’ (MO) के रूप में प्रदर्शित नहीं किया जाता, तब तक उसकी सुरक्षा अक्षुण्ण रहनी चाहिए।
    • यदि अदालत की अपनी अभिरक्षा से ही साक्ष्य चोरी हो जाएं, तो यह अभियोजन पक्ष के मामले को गंभीर रूप से पंगु बना देता है। 124 मामलों में संबंधित अभियुक्त यह विधिक तर्क ले सकते हैं कि बरामदगी झूठी थी या साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ हुई है, जिसका सीधा संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) आरोपियों को मिल सकता है।
  • BNS की धारा 306 का विशिष्ट प्रयोग:
    • पुलिस ने इस मामले में सामान्य चोरी (BNS धारा 303) के बजाय धारा 306 (पूर्व IPC धारा 381) लगाई है।
    • यह धारा विशेष रूप से तब लागू होती है जब किसी क्लर्क, सेवक या कर्मचारी द्वारा उस संपत्ति की चोरी की जाती है जो उसके नियोक्ता/मालिक के अधिकार या नियंत्रण में होती है। चूंकि अदालती मालखाना एक अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र होता है जहाँ केवल अधिकृत अदालती स्टाफ (जैसे प्रॉपर्टी क्लर्क, नाजिर, या बेंच क्लर्क) की ही पहुंच होती है, अतः बाहरी सेंधमारी के बजाय यह कृत्य अंदरूनी कर्मचारियों द्वारा पद के दुरुपयोग का स्पष्ट मामला है। इस धारा के तहत 7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना निर्धारित है।
  • केरल उच्च न्यायालय की प्रशासनिक सतर्कता और ऑडिट विफलता:
    • 10 वर्षों (2016 से 2026) तक 124 मामलों के साक्ष्यों का लगातार गायब होना जिला न्यायपालिका की आंतरिक ऑडिट प्रणाली और वार्षिक भौतिक सत्यापन (Physical Verification of Court Properties) की भारी विफलता को उजागर करता है।
    • संभावना है कि केरल उच्च न्यायालय की सतर्कता शाखा (Vigilance Wing) इस अवधि के दौरान तैनात रहे सभी संबंधित न्यायिक अधिकारियों (मजिस्ट्रेटों) और मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशासनिक दायित्व की भी समानांतर विभागीय जांच शुरू करेगी।

विधिक विवरण एवं संदर्भ

  • अधिकार क्षेत्र: न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत (JFCM-II), एर्नाकुलम सहपठित एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन, कोच्चि
  • केस संदर्भ: FIR No. … / 2026 (थाना सेंट्रल, कोच्चि) — अपराध सं. 124 मुकदमों की केस प्रॉपर्टी चोरी
  • शिकायतकर्ता पद: जूनियर सुपरिंटेंडेंट, JFCM-II कोर्ट, एर्नाकुलम
  • प्राथमिकी दर्ज करने की तिथि: 29 अक्टूबर 2026
  • प्रासंगिक कानून एवं विधिक प्रावधान:
    • भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS):
      • धारा 306 — लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे की संपत्ति की चोरी (7 वर्ष तक कारावास व जुर्माना)
    • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS):
      • धारा 497 व 498 — मुकदमे के दौरान व फैसले के बाद केस प्रॉपर्टी के संरक्षण, वापसी और निस्तारण की शक्ति (पूर्व CrPC धारा 451 व 452)
    • भारतीय साक्ष्य संहिता, 2023 (BSA) / भारतीय साक्ष्य अधिनियम:
      • भौतिक साक्ष्यों (Material Objects) की ग्राह्यता और प्रामाणिकता के मानक
    • आपराधिक नियम व्यवहार (केरल) — Criminal Rules of Practice, Kerala:
      • न्यायालय के मालखाने (Property Room) में साक्ष्यों के पंजीकरण, अभिरक्षा, सुरक्षित रखरखाव और वार्षिक भौतिक सत्यापन के नियम
  • संबद्ध न्यायिक सिद्धांत:
    • न्यायिक अभिरक्षा में संपत्तियों के संरक्षण का विधिक मानक: ‘अदालत का मालखाना एक पवित्र विधिक ट्रस्ट (Fiduciary Trust) के रूप में कार्य करता है जहाँ जमा प्रत्येक वस्तु कानून और न्याय की अमानत होती है; मालखाने से साक्ष्यों का गायब होना न केवल गंभीर संज्ञेय अपराध है बल्कि यह आपराधिक विचारण की निष्पक्षता और न्याय प्रशासन की शुचिता पर सीधा कुठाराघात है; ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों का दायित्व है कि वे आंतरिक कर्मचारियों की जवाबदेही तय करें और ‘कस्टडी की श्रृंखला’ में आए इस व्यवधान के प्रभाव का प्रत्येक संबंधित मुकदमे में विधिक मूल्यांकन करें।’
  • वर्तमान स्थिति व भावी प्रक्रिया: एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने वर्ष 2016 से 2026 तक मालखाने के प्रभारी रहे सभी क्लर्कों, नाजिरों और कर्मचारियों की सूची तलब कर ली है; उस दौरान ड्यूटी पर रहे कर्मियों के हस्ताक्षर वाले प्रॉपर्टी रजिस्टरों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है; पुलिस संदिग्ध पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ करने और 124 प्रभावित मुकदमों की सूची तैयार कर संबंधित अभियोजकों को सूचित करने की प्रक्रिया में है।

Evidence Missing: मामले का संक्षिप्त विवरण (At A Glance)

विवरणजानकारी
संबंधित अदालतन्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट-II (JFCM-II), एर्नाकुलम जिला अदालत परिसर, केरल
मामला/जांच एजेंसीएर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस (FIR तिथि: 29 अक्टूबर 2026)
लापता केस प्रॉपर्टीकुल 124 मुकदमों से संबंधित साक्ष्य/सामग्री (जिसमें ₹1.9 लाख की राडो घड़ी शामिल है)।
लापता होने की अनुमानित अवधि1 जनवरी 2016 से 21 सितंबर 2026 के बीच।
दर्ज एफआईआर की धारा (BNS)भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 306 (क्लर्क या कर्मचारी द्वारा अपने मालिक/नियोक्ता की संपत्ति की चोरी)।
शिकायतकर्ताअदालत के जूनियर सुपरिटेंडेंट (Junior Superintendent of Court)
RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
clear sky
26.7 ° C
26.7 °
26.7 °
68 %
2.9kmh
0 %
Tue
30 °
Wed
30 °
Thu
30 °
Fri
30 °
Sat
30 °

Recent Comments