Sunday, August 16, 2026
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Judges’ On court: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में नियुक्तियों में आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं…संसद में गूंजी यह बात

Judges’ On court: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्तियों को लेकर सामाजिक विविधता का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।

विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दी जानकारी

केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि 1 जनवरी 2021 से 30 जनवरी 2026 के बीच नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में से करीब 73.5 प्रतिशत ऊंची जातियों से हैं। राज्यसभा सांसद पी. विल्सन के प्रश्न के लिखित उत्तर में विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि इस अवधि में विभिन्न उच्च न्यायालयों में कुल 593 न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई। इनमें से 157 न्यायाधीश अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों से थे, जबकि शेष नियुक्तियां सामान्य या ऊंची जाति वर्ग से हुईं।

सरकार द्वारा साझा आंकड़ों के अनुसार

  • 26 न्यायाधीश SC वर्ग से
  • 14 ST वर्ग से
  • 80 OBC वर्ग से
  • 37 अल्पसंख्यक समुदाय
  • इसी अवधि में विभिन्न उच्च न्यायालयों में 96 महिला न्यायाधीशों की भी नियुक्ति हुई।

श्रेणीवार आंकड़े केंद्रीय स्तर पर नियमित रूप से संधारित नहीं होते

सरकार ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 224 के तहत सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में नियुक्तियों में आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए श्रेणीवार आंकड़े केंद्रीय स्तर पर नियमित रूप से संधारित नहीं किए जाते। हालांकि, 2018 से उच्च न्यायालय के लिए अनुशंसित उम्मीदवारों से एक निर्धारित प्रारूप में उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि की जानकारी ली जा रही है, और संसद में साझा आंकड़े इसी आधार पर हैं।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के आधार पर नियुक्ति

सरकार ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति की पहल भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा और हाईकोर्ट में संबंधित मुख्य न्यायाधीशों द्वारा की जाती है। अंतिम नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के आधार पर ही होती है। केंद्र ने बताया कि वह समय-समय पर उच्च न्यायालयों से सामाजिक विविधता बढ़ाने के लिए SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक और महिला उम्मीदवारों पर विचार करने का आग्रह करता रहा है।

सरकार ने अनुच्छेद 130 का हवाला दिया

क्षेत्रीय पीठों के गठन के प्रश्न पर सरकार ने अनुच्छेद 130 का हवाला देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में या मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश और राष्ट्रपति की स्वीकृति से अन्य स्थानों पर बैठ सकता है। हालांकि, 18 फरवरी 2010 को सुप्रीम कोर्ट की फुल कोर्ट बैठक में दिल्ली के बाहर पीठ स्थापित करने का औचित्य नहीं पाया गया था। यह मामला फिलहाल संविधान पीठ के समक्ष लंबित है। इस बीच, 30 जनवरी 2026 तक देश के उच्च न्यायालयों में 1,122 स्वीकृत पदों के मुकाबले 308 पद रिक्त हैं। वर्तमान में केवल 814 न्यायाधीश कार्यरत हैं, जबकि इलाहाबाद, कलकत्ता और मद्रास जैसे उच्च न्यायालयों में उल्लेखनीय कमी बनी हुई है।

यह है आंकड़ा

Number of HC Judges appointed between 2021-2026 : 593
Judges from SC category : 26(4.38%)
Judges from ST category : 14 (2.36 %)
Judges from minority category : 37 (6.23%)
Judges from OBC category : 80(13.49 %)
Judges from upper castes : 436 (73.52%)

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